नक्सलवाद का फाइनल चैप्टर, नक्सलियों की सोच को मिट्टी में मिला रही CRPF, अब तक 204 स्मारकों पर चला बुलडोजर
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नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों का अब तक का सबसे बडा एक्शन जारी है. एनकाउंटर के बाद अब उनकी विचारधारा को नस्तेनाबूत किया जा रहा है. देशभर में नक्सलियों के स्मारकों को मिट्टी में मिलाने का महाअभियान चल रहा है. इस ‘ऑपरेशन ध्वस्तीकरण’ ने नक्सलियों की कमर तोड़ दी है.
महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में अब तक 204 नक्सली मॉन्यूमेंट्स को जमींदोज किया जा चुका है. सबसे ज्यादा एक्शन साल 2026 में हुआ है. सुरक्षाबलों ने इस साल नक्सलियों के इतिहास को मिटाने की कसम खा ली है. स्मारकों के जरिए नक्सली नए लोगों का ब्रेनवाश करते थे.
अब इन स्मारकों के साथ उनकी पूरी विचारधारा को ही खत्म किया जा रहा है. सुरक्षाबल अब उनके ठिकानों के साथ-साथ उनके प्रतीकों को भी नष्ट कर रहे हैं. यह नक्सलियों के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा.
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छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ सबसे ज्यादा सख्ती बरती गई है. यहां ‘ऑपरेशन ध्वस्तीकरण’ ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. साल 2023 में यहां कोई मॉन्यूमेंट नहीं तोड़ा गया. साल 2024 में सुरक्षाबलों ने 8 मॉन्यूमेंट्स जमीदोज किए. साल 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 11 तक पहुंच गया. साल 2026 में सबसे बड़ा एक्शन हुआ और 130 मॉन्यूमेंट्स तोड़े गए. इस तरह छत्तीसगढ़ में कुल 149 नक्सली मॉन्यूमेंट्स मिट्टी में मिला दिए गए.
महाराष्ट्र में भी सुरक्षाबलों का एक्शन पूरी रफ्तार से जारी है. यहां भी नक्सलियों के प्रतीकों को चुन-चुनकर खत्म किया जा रहा है. साल 2023 में महाराष्ट्र में सिर्फ 1 मॉन्यूमेंट तोड़ा गया था. साल 2024 में सुरक्षाबलों ने 2 स्मारकों को ध्वस्त किया.
इसी तरह से, साल 2025 में 7 नक्सली मॉन्यूमेंट्स पर बुलडोजर चला. साल 2026 में सुरक्षाबलों ने कडा प्रहार करते हुए 45 मॉन्यूमेंट्स गिरा दिए. महाराष्ट्र में अब तक कुल 55 मॉन्यूमेंट्स को पूरी तरह नष्ट किया जा चुका है.