उत्तर भारतीय कुरकुरी पालक पकौड़ी रेसिपी और बनाने का तरीका
पालक के पत्तों की पकौड़ी एक पारंपरिक उत्तर भारतीय स्नैक है, जिसे खासकर ठंड और बारिश के मौसम में गर्म चाय के साथ खाना बेहद पसंद किया जाता है. कुरकुरे बेसन के घोल में लिपटे पालक के हरे-भरे पत्ते न केवल स्वाद बढ़ाते हैं, बल्कि पोषण से भरपूर यह पकौड़ी तुरंत बनकर तैयार भी हो जाती है. घर में शाम की चाय, नाश्ते या मेहमानों के लिये यह एक बेहतरीन विकल्प है.
सामग्री
पकौड़ी के लिए:
ताज़े पालक के पत्ते – 10–12
बेसन – 1 कप
चावल का आटा – 2 बड़े चम्मच (अधिक कुरकुरापन के लिए)
हल्दी – ¼ छोटा चम्मच
लाल मिर्च पाउडर – ½ छोटा चम्मच
अजवाइन – ½ छोटा चम्मच
धनिया पाउडर – ½ छोटा चम्मच
नमक – स्वाद अनुसार
पानी – घोल बनाने के लिए
तेल – तलने के लिए
विधि
1. पालक की तैयारी
सबसे पहले पालक के पत्तों को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें. बीच की मोटी डंडियां हटा दें ताकि पत्ते अच्छी तरह से तले जाएं. पत्तों को किसी साफ कपड़े से पोंछकर सुखा लें ताकि उन पर पानी न रहे, इससे घोल अच्छे से चिपकता है.
2. घोल तैयार करना
एक बड़े बाउल में बेसन, चावल का आटा, हल्दी, लाल मिर्च, अजवाइन, धनिया पाउडर और नमक मिलाएं. अब इसमें पानी थोड़ा-थोड़ा डालकर न ज्यादा गाढ़ा और न ज्यादा पतला, बल्कि कोटिंग जैसा घोल तैयार करें. घोल में गांठें न रहें, इसे अच्छी तरह फेंट लें. 5 मिनट के लिए घोल को ढककर रख दें.
3. पकौड़ी तलना
कढ़ाही में तेल गरम करें. आंच मध्यम रखें.
अब एक-एक पालक पत्ते को बेसन के घोल में डुबोकर दोनों तरफ से अच्छी तरह कोट करें. कोट किए हुए पत्तों को गरम तेल में धीरे-धीरे डालें.
पकौड़ियों को मध्यम आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें. तेज आंच पर तलने से बाहर तो ब्राउन हो जाएंगी, लेकिन अंदर कच्ची रह जाएंगी, इसलिए धीरज के साथ तलना सबसे जरूरी स्टेप है.
जब पकौड़ियां फूलकर कुरकुरी दिखने लगें तो इन्हें छलनी से निकालकर टिश्यू पेपर पर रखें.
परोसने का तरीका
पालक पकौड़ी को गरमा-गरम हरी चटनी, टमाटर की चटनी या चाय के साथ परोसें. ऊपर से चाट मसाला भी छिड़क सकते हैं.
टिप्स
पालक के छोटे और मुलायम पत्ते इस्तेमाल करें.
चावल का आटा कुरकुरापन बढ़ाता है, लेकिन इसकी जगह सूजी भी डाल सकते हैं.
चाहें तो पत्तों को थोड़ा-सा मसाला लगाकर भी तल सकते हैं.