अरबाज की कमाई से चल रहा घर, छोटी उम्र में उठा लिया बड़ी जिम्मेदारी, बहन की पढ़ाई के लिए इमारतों से उतारता है शहद
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बहराइच न्यूजः शहद निकालने वाले अरबाज ने बताया कि गरीबी के कारण वह खुद पढ़ाई नहीं कर सका. लेकिन अब वह चाहता है कि उसकी बहन पढ़े. इसलिए वे अपनी कमाई का अधिकतर हिस्सा बहन की पढ़ाई पर खर्च कर देता है और पिता की कमाई से घर का खर्च चलता है. अरबाज उम्मीद करता है कि एक दिन उसकी बहन अफसर बन जाएगी और तब उसे और उसेके पिता को ऊंची इमारतों से शहद उतारने की जरूरत नहीं पड़ेगी और जान का खतरा भी नहीं रहेगा.
बहराइच: हाल ही में बिहार के सोहरनवा गांव के कुछ लोग यूपी के बहराइच जिले में आकर ऊंची इमारतों, ऊंचे पेड़ों और पानी की टंकियों से शहद निकालने का जोखिम भरा काम कर रहे है. इस कार्य में चूक हो जाने पर जान जाने का खतरा भी रहता है. बिहार से आए अरबाज नाम का एक युवक भी बहराइच में शहद निकालकर अपने परिवार का सहयोग कर रहा है. उन्होंने बताया कि उनके परिवार में माता-पिता और बहन है. अरबाज के पिता भी शहद निकालने का काम करते है और इससे मिलने वाले पैसों से घर का खर्च चलता है. अरबाज के शहद निकालने से प्राप्त पैसों से बहन की पढ़ाई होती है.
अरबाज ने बताया कि उसके गांव सोहरनवा के हर परिवार से कोई न कोई व्यक्ति यूपी के विभिन्न जिलों में जाकर शहद उतारता है और अपने परिवार का पेट पालता है. यहां के लोग बनारस, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर समेत कई जिलों में जाकर पेड़ों, इमारतों और पानी की टंकी से शहद उतारकर बेचते है. इस काम में कई लोग ऊंची इमारत से गिरकर घायल हो चुके है और कुछ की जान भी चली गई है. शहद निकालने के दौरान सावधानी न बरतने पर मधुमक्खियों के काटने से संतुलन बिगड़ जाता है और लोग गिर जाते है.
अरबाज की कमाई से बहन की पढ़ाई
उसने बताया कि गरीबी के कारण वह खुद पढ़ाई नहीं कर सका. लेकिन अब वह चाहता है कि उसकी बहन पढ़े. इसलिए वे अपनी कमाई का अधिकतर हिस्सा बहन की पढ़ाई पर खर्च कर देता है और पिता की कमाई से घर का खर्च चलता है. अरबाज उम्मीद करता है कि एक दिन उसीकी बहन अफसर बन जाएगी और तब उसे और उसेके पिता को ऊंची इमारतों से शहद उतारने की जरूरत नहीं पड़ेगी और जान का खतरा भी नहीं रहेगा. उसने यह भी बताया कि शहद निकालने के बाद उसे बेचना भी चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि लोग इसे मिलावट वाला समझकर खरीदने में हिचकिचाते है. कई बार ऐसा होता है कि कई दिनों तक कोई पैसा हाथ नहीं आता, जबकि कभी-कभी अच्छा पैसा भी मिल जाता है.
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काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें