Brian Bennet yet to dismissed: टी20 वर्ल्ड कप 2026 का वो ‘अजेय’ योद्धा, जिसे आउट करना बन गया है टेढ़ी खीर!
नई दिल्ली. क्रिकेट के मैदान पर जब कोई बल्लेबाज अपनी लय में होता है, तो गेंदबाज अपनी किस्मत को कोसते हैं लेकिन जब कोई बल्लेबाज आउट होने का नाम ही न ले, तो समझ लीजिए कि सामने वाले खेमे में दहशत का माहौल है. जिम्बाब्वे के 22 वर्षीय युवा सनसनी ब्रायन बेनेटने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कुछ ऐसा ही गदर मचा रखा है.
3 मैच, 3 पारियां और 175 रन लेकिन सबसे ‘मसालेदार’ और चौंकाने वाली बात यह है कि बेनेट इस टूर्नामेंट में अब तक एक बार भी आउट नहीं हुए हैं। विपक्षी गेंदबाजों के लिए वह एक ऐसी पहेली बन गए हैं, जिसका हल फिलहाल किसी के पास नहीं है. यानि वो इस टूर्नामेंट में अजेय है औऔर अब वो भारतीय गेंदबाजों के लिए भी बड़ी चुनौती बनने वाले है.
गेंदबाजों के लिए काल बने बेनेट का ‘अजेय’ सफर
ब्रायन बेनेट ने अपनी बल्लेबाजी से न केवल जिम्बाब्वे को ग्रुप-बी में टॉप पर पहुँचाया है, बल्कि दुनिया भर के दिग्गजों का ध्यान भी अपनी ओर खींचा है. उनकी पारियों का लेखा-जोखा कुछ इस प्रकार है. ओमान के खिलाफ: 48 रन (नाबाद),ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ: 64 रन (नाबाद), श्रीलंका के खिलाफ: 63 रन (नाबाद)
एक ऐसे दौर में जहां टी20 क्रिकेट का मतलब गगनचुंबी छक्के माना जाता है, बेनेट ने इस वर्ल्ड कप में अब तक एक भी छक्का नहीं जड़ा है, फिर भी वह रनों के अंबार लगा रहे हैं। उनके 22 चौके उनकी क्लास और टाइमिंग की गवाही देते हैं.
जिम्बाब्वे की सफलता के ‘मास्टरमाइंड’
जिम्बाब्वे ने इस टूर्नामेंट में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी बड़ी टीमों को धूल चटाई है बेनेट पारी की शुरुआत करते हुए टीम को वो स्थिरता दे रहे हैं जिसकी उसे सालों से तलाश थी. श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में 179 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए, उन्होंने अपनी संयमित और नाबाद 63 रनों की पारी से टीम को 6 विकेट से जीत दिलाी. महज 22 साल की उम्र में बेनेट जिम्बाब्वे क्रिकेट के नए पोस्टर बॉय बन गए हैं.
10 नवंबर 2003 को हरारे में जन्मे बेनेट ने 2022 अंडर-19 वर्ल्ड कप में अपनी टीम के लिए सर्वाधिक रन बनाकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था. वह न केवल एक शानदार सलामी बल्लेबाज हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर अपनी ऑफ-ब्रेक गेंदबाजी से भी कमाल दिखाते हैं. उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड के खिलाफ ट्रेंट ब्रिज में जिम्बाब्वे के लिए सबसे तेज शतक (97 गेंदों में) लगाने का रिकॉर्ड भी दर्ज है.
क्या सुपर-8 में भी रहेगा बेनेट का जादू?
जिम्बाब्वे अब अजेय रहते हुए सुपर-8 में प्रवेश कर चुकी है, जहां उनका सामना वेस्टइंडीज (23 फरवरी) और भारत (26 फरवरी) जैसी बड़ी टीमों से होना है. पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या भारत के खतरनाक गेंदबाजी आक्रमण के सामने बेनेट अपना ‘नॉट आउट’ रहने का सिलसिला बरकरार रख पाएंगे.
ब्रायन बेनेट का यह प्रदर्शन सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह जिम्बाब्वे क्रिकेट के पुनरुत्थान की कहानी है. जैसा कि उनके कोच जस्टिन सैम्मन्स कहते हैं, “अगर आपकी डिफेंस मजबूत है, तो गेंदबाज का सबसे अच्छा स्पेल भी आपको परेशान नहीं कर सकता. अब सवाल ये है कि सुपर 8 में भारत के खिलाफ आगामी मैच में ब्रायन बेनेट अपना पहला टी20 वर्ल्ड कप छक्का जड़ेंगे या उनकी चौकों वाली रणनीति ही जारी रहेगी?