‘चॉकलेटी ब्वॉय’ से ‘कबीर सिंह’ तक, बॉक्स ऑफिस के वो 5 टर्निंग पॉइंट्स, बदला शाहिद कपूर के करियर का नक्शा
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शाहिद कपूर बॉलीवुड के वर्सेटाइल एक्टर्स में से एक हैं जिन्होंने अपनी मेहनत से ‘स्टार’ का टाइटल पाया है. ‘इश्क विश्क’ से अपने करियर की शुरुआत करने वाले शाहिद ने ‘विवाह’ जैसी फैमिली फिल्मों से लेकर ‘कबीर सिंह’ जैसी इंटेंस लव स्टोरी तक का सफर तय किया है. इस आर्टिकल में हम शाहिद कपूर की टॉप हिट्स को एनालाइज करेंगे, जिन्होंने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर करोड़ों कमाए बल्कि उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में एक बड़ा ब्रांड भी बनाया. जानें कि कैसे शाहिद कपूर एक डांसर से बॉलीवुड के ‘कबीर सिंह’ बन गए.
नई दिल्ली. स्ट्रगल, सब्र और कामयाबी की कहानी. जब 2003 में ‘इश्क विश्क’ के साथ एक दुबला-पतला, मासूम चेहरे वाला लड़का स्क्रीन पर आया, तो बॉलीवुड को लगा कि उसे अपना अगला ‘लवर बॉय’ मिल गया है. शाहिद कपूर ने अपनी पहली ही फिल्म से यंग लोगों, खासकर लड़कियों का दिल जीत लिया. लेकिन शाहिद के लिए यह बॉलीवुड जर्नी आसान नहीं थी. दर्जनों फ्लॉप और कई उतार-चढ़ाव के बीच, शाहिद ने खुद को बार-बार साबित किया. आज शाहिद कपूर सिर्फ एक डांसर या रोमांटिक हीरो नहीं हैं, बल्कि इंडियन सिनेमा के सबसे बेहतरीन एक्टर में से एक हैं.
‘इश्क विश्क’ (2003): शाहिद कपूर का डेब्यू किसी सपने से कम नहीं था. केन घोष के डायरेक्शन में बनी इस कॉलेज-रोमांस फिल्म ने शाहिद को रातों-रात स्टार बना दिया. फिल्म हिट रही और शाहिद ने उस साल बेस्ट मेल डेब्यू का फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता. उस समय उनकी तुलना शाहरुख़ खान से की जा रही थी, लेकिन शाहिद तब तक लॉन्ग-डिस्टेंस रनर नहीं बन पाए थे.
‘विवाह’ (2006): सूरज बड़जात्या की ‘विवाह’ शाहिद के करियर में एक बड़ा माइलस्टोन साबित हुई. ऐसे समय में जब इंडस्ट्री ‘कूल’ और ‘अर्बन’ फिल्में बना रही थी, शाहिद ने ‘प्रेम’ के तौर पर छोटे शहरों और ट्रेडिशनल परिवारों का दिल जीत लिया. यह फिल्म ब्लॉकबस्टर साबित हुई, जिससे यह साबित हुआ कि शाहिद की अपील सिर्फ मेट्रो शहरों तक ही सीमित नहीं है. 3. ‘जब वी मेट’ (2007): इम्तियाज अली की इस फिल्म ने शाहिद के करियर की दिशा बदल दी. जिस समझदारी से शाहिद ने ‘गीता’ (करीना कपूर) के चुलबुले स्वभाव के बीच ‘आदित्य’ के शांत और गंभीर किरदार को निभाया, उसकी आज भी मिसाल दी जाती है. ‘जब वी मेट’ बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रही और आज इसे एक कल्ट क्लासिक माना जाता है.
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‘कमीने’ विशाल भारद्वाज के साथ शाहिद के काम ने उन्हें जिंदगी में एक नई शुरुआत दी. ‘कमीने’ (2009) में, उन्होंने गुड्डू और चार्ली का डबल रोल निभाकर अपनी ‘चॉकलेट बॉय’ इमेज तोड़ी.
फिल्म ‘हैदर’ में शाहिद कपूर के काम ने दुनिया को हैरान कर दिया. शेक्सपियर के ‘हैमलेट’ पर आधारित, शाहिद को नेशनल अवॉर्ड का मजबूत दावेदार माना गया और उन्होंने फिल्मफेयर बेस्ट एक्टर अवॉर्ड जीता. इन फिल्मों ने उन्हें ‘क्रिटिक्स का पसंदीदा’ बना दिया.
‘कबीर सिंह’ (2019): ‘कबीर सिंह’ शाहिद कपूर के करियर की सबसे बड़ी सक्सेस थी. 250 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई करके, इस फिल्म ने शाहिद को बॉलीवुड के ए-लिस्ट सुपरस्टार्स में शामिल कर दिया. कबीर सिंह का कैरेक्टर जरूर कॉन्ट्रोवर्शियल था, लेकिन शाहिद के पैशन और एक्टिंग ने फिल्म को सुनामी बना दिया, जिसने कई बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड तोड़ दिए.
‘पद्मावत’ (2018): संजय लीला भंसाली की ‘पद्मावत’ में रणवीर सिंह (खिलजी) को लेकर हो रही हाइप के बीच, महारावल रतन सिंह के रोल में शाहिद कपूर का शांत अंदाज उनकी मैच्योरिटी को दिखाता है. यह उनके करियर की पहली फिल्म थी जिसने 300 करोड़ का आंकड़ा पार किया.
शाहिद कपूर ने ‘फर्जी’ जैसी सीरीज से OTT की दुनिया में भी अपनी पहचान बनाई है. आज, वह उस जगह पर हैं जहाँ वह कमर्शियल मसाला फिल्मों और कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा के बीच बैलेंस बनाते हैं. शाहिद का सफर उन एक्टर्स के लिए एक मिसाल है जो सिर्फ टैलेंट के दम पर अपनी जगह बनाना चाहते हैं.