पैटर्न बदलने के लिए प्लान बनाना शुरु, सूर्या-गंभीर कर सकते है टॉप 3 में बदलाव
नई दिल्ली. टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में भारत भले ही अजेय रहते हुए सुपर-8 में पहुंच गया हो, लेकिन कप्तान सूर्याकुमार यादव के लिए अभी भी सब कुछ पूरी तरह संतोषजनक नहीं है. आरामदायक जीतों के पीछे कुछ चिंताएं साफ नजर आ रही हैं. अभिषेक शर्मा अब तक खाता नहीं खोल पाए हैं, रिंकू सिंह स्पिन के खिलाफ संघर्ष करते दिखे हैं और नंबर-3 पर बल्लेबाजी की रफ्तार भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है.
तिलक वर्मा को अच्छी शुरुआत जरूर मिली है और वह क्रीज पर व्यस्त नजर आए हैं, लेकिन यह वह टेम्पलेट नहीं है जिससे भारत आमतौर पर टी20 में बल्लेबाजी करना पसंद करता है. टीम इंडिया हमेशा अल्ट्रा-अग्रेसीव अंदाज में खेलना चाहती है, जबकि इस टूर्नामेंट में तिलक का स्ट्राइक रेट सिर्फ 120.45 रहा है. वहीं, भारतीय बल्लेबाजों का सामूहिक स्ट्राइक रेट 154 है, जो बताता है कि नंबर-3 की धीमी रफ्तार टीम की आक्रामक लय को थोड़ा प्रभावित कर रही है.
तिलक के तेवर क्यों पड़े नरम
अहमदाबाद में नीदरलैंड्स के खिलाफ, जहां नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच को बल्लेबाजी के लिए बेहतर माना जा रहा था, तिलक की 27 गेंदों पर 31 रन की पारी कुछ फीकी लगी. उन्होंने तीन चौके और एक छक्का लगाया और उनका स्ट्राइक रेट 114.81 रहा.टी20 वर्ल्ड कप 2026 के चार मैचों में तिलक ने 26.50 की औसत से 106 रन बनाए हैं. उनका 120 का स्ट्राइक रेट इस फॉर्मेट के हिसाब से चिंता का विषय बन रहा है और उन्होंने 88 गेंदों का सामना किया है, 11 चौके और तीन छक्के लगाए हैं, और 31 रन से पहले लगातार तीन पारियों में 25-25 रन बनाए. टी20 में नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी के लिए ऐसे आंकड़े बाकी बल्लेबाजों पर दबाव डाल सकते हैं. चोट से पहले नंबर-3 पर उनका स्ट्राइक रेट 145 के आसपास था, ऐसे में लगभग 20 अंकों की गिरावट काफी चौंकाने वाली है.
इरफान पठान ने दी बदलाव की सलाह
पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी उनका मानना है कि पाकिस्तान के खिलाफ धीमी पिच पर तिलक का संयमित खेल समझ में आता था, लेकिन नीदरलैंड्स के खिलाफ उनसे ज्यादा आक्रामक बल्लेबाजी की उम्मीद थी, जो देखने को नहीं मिली. श्रीलंका में जिस तरह वह बल्लेबाजी कर रहे थे, उसमें जागरूकता और जिम्मेदारी दिख रही थी. ईशान किशन तेजी से रन बना रहे थे, इसलिए तिलक लगभग 100 के स्ट्राइक रेट से खेल रहे थे ताकि अपना विकेट न गंवाएं लेकिन अहमदाबाद में मैं उनसे ज्यादा की उम्मीद कर रहा था पिच बेहतर थी, इसलिए उनका स्ट्राइक रेट और बेहतर होना चाहिए था और यह एक ऐसा पहलू है जिस पर उन्हें ध्यान देना होगा.
बाएं हाथ के क्रम को तोड़ो
हालांकि, पठान की सबसे बड़ी चिंता टीम की संरचना को लेकर है अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और तिलक वर्मा लगातार तीन बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं. कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ पार्ट-टाइमर सलमान अली आगा ने इस संयोजन का फायदा उठाया था, जबकि नीदरलैंड्स के खिलाफ आर्यन दत्त ने पावरप्ले को नियंत्रित किया. पठान का मानना है कि कड़े मुकाबलों में यह पैटर्न भारत के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है. दक्षिण अफ्रीका एडेन मार्करम का इस्तेमाल कर सकता है, वेस्टइंडीज के पास रोस्टन चेस हैं और जिम्बाब्वे के पास सिकंदर रजा जैसे विकल्प मौजूद हैं.
नंबर तीन पर खेलें कप्तान
पठान ने आगे कहा कि बड़े मैचों, खासकर नॉकआउट मुकाबलों में यह संयोजन भारत पर दबाव डाल सकता है. उन्होंने सुझाव दिया कि क्या बाएं हाथ के इस क्रम को तोड़ने के लिए सूर्याकुमार यादव को नंबर-3 पर भेजा जा सकता है और तिलक वर्मा को नंबर-4 पर शिफ्ट किया जा सकता है. उनके मुताबिक, अगर अहमदाबाद जैसी पिच पर नहीं, तो श्रीलंका जैसे वेन्यू पर, जहां गेंद ज्यादा ग्रिप करती है, इस सामरिक बदलाव पर जरूर विचार किया जाना चाहिए.
टी20 इंटरनेशनल में तिलक वर्मा के आंकड़े
नंबर-3 पर बल्लेबाजी: 19 पारियां, 648 रन, उच्चतम स्कोर 120*, औसत 49.84, स्ट्राइक रेट 152.47, 2 शतक, 3 अर्धशतक, 57 चौके, 35 छक्के।
नंबर-4 पर बल्लेबाजी: 14 पारियां, 490 रन, उच्चतम स्कोर 69*, औसत 54.44, स्ट्राइक रेट 128.60, 0 शतक, 2 अर्धशतक, 36 चौके, 21 छक्के।