यूपीएससी के छात्रों में क्यों बढ़ रहा मानव विज्ञान का क्रेज? सब्जेक्ट एक्सपर्ट ने बताई वजह
गाजीपुर: आज दुनिया भर में एंथ्रोपोलॉजी डे’ (मानव विज्ञान दिवस) मनाया जा रहा है. इसे वैश्विक स्तर पर अमेरिकन एंथ्रोपोलॉजिकल एसोसिएशन द्वारा मानव समाज और विकास को समझने के लिए बढ़ावा दिया गया है. इस खास मौके पर गाजीपुर पीजी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. संजय चतुर्वेदी (डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर) ने इस विषय के महत्व पर प्रकाश डाला है.
क्या है एंथ्रोपोलॉजी? प्रोफेसर की जुबानी
प्रोफेसर संजय चतुर्वेदी के अनुसार, मानव विज्ञान एक ऐसा विज्ञान है, जो मनुष्य, उसके संवेगों और उससे जुड़े निहितार्थों का गहराई से अध्ययन करता है. उन्होंने बताया कि जिस तरह समाजशास्त्र और दर्शनशास्त्र का अपना महत्व है, उसी तरह एंथ्रोपोलॉजी मानव के व्यवहार और उसके क्रमिक विकास को समझने का सबसे सटीक जरिया है. यह विषय न केवल अकादमिक रूप से समृद्ध है, बल्कि प्रशासनिक परीक्षाओं (UPSC/PCS) में भी एक बेहतरीन स्कोरिंग विषय के रूप में उभरा है.
एंथ्रोपोलॉजी क्यों है समाज के लिए जरूरी?
यह विषय केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यावहारिक जीवन में इसके कई बड़े फायदे है.
मानव विकास की समझ: यह वैज्ञानिक आधार पर बताता है कि इंसान की उत्पत्ति और उसका विकास कैसे हुआ.
सांस्कृतिक मेल-जोल: अलग-अलग संस्कृतियों के बीच समझ पैदा कर समाज में सहिष्णुता और शांति बढ़ाता है.
सामाजिक समस्याओं का हल: गरीबी, लैंगिक असमानता और जातीय संघर्ष जैसी चुनौतियों को समझने और उन्हें सुलझाने में मदद करता है.
विरासत का संरक्षण: पुरातत्व के जरिए इतिहास को खोजना और आदिवासी समुदायों की परंपराओं को बचाना इसका मुख्य उद्देश्य है.
स्वास्थ्य और नीति: चिकित्सा के क्षेत्र में सांस्कृतिक व्यवहार को समझने और सरकारी नीतियां बनाने में यह विषय विशेष दृष्टिकोण प्रदान करता है.
करियर की अपार संभावनाएं
आज के दौर में एंथ्रोपोलॉजी की पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए रोजगार के कई रास्ते खुले हैं. प्रोफेसर चतुर्वेदी ने भी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में इसके अध्ययन की अपार संभावनाओं पर जोर दिया है. छात्र इन क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं.
पुरातत्वविद् (Archaeologist): पुरानी सभ्यताओं की खोज करना.
फॉरेंसिक एक्सपर्ट: मेडिकल एंथ्रोपोलॉजी के जरिए अपराध जांच में मदद.
NGO और रिसर्च: अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और सामाजिक संगठनों में बतौर रिसर्चर.
म्यूजियम क्यूरेटर: ऐतिहासिक धरोहरों की देखभाल।
प्रशासनिक सेवा: UPSC और अन्य राज्य सेवा परीक्षाओं में यह सबसे लोकप्रिय वैकल्पिक विषयों में से एक है.