झांसी में बाजरा: सेहत के फायदे और बाजरे से बने व्यंजन
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झांसी में लोग अक्सर गेहूं की रोटी खाते हैं, लेकिन बाजरा स्वास्थ्य और स्वाद दोनों में बेहतर विकल्प है. यह सुपरफूड पेट को साफ रखता है, ब्लड शुगर नियंत्रित करता है और हड्डियों को मजबूत बनाता है. अगर रोटी पसंद न हो, तो बाजरे के लड्डू, हलवा, कुकीज़ या चीला आसानी से बनाए जा सकते हैं. बाजरा न केवल ऊर्जा देता है बल्कि पूरे परिवार को चुस्त और दुरुस्त रखने में मदद करता है.
झांसी. ज़्यादातर लोग गेहूं की रोटी खाते हैं, गेहूं की रोटी खाने से लोगों का शुगर बढ़ता है या फिर बुखार की समस्या बन जाती है. गेहूं की रोटी लोगों को खाने में जितनी पसंद आती है उतनी ही गेहूं की रोटी स्वास्थ्य को नुकसान भी पहुंचाती है. ऐसे में हम आपको एक ऐसी जानकारी दे रहे हैं जो आपके स्वास्थ्य को भी अच्छा रखेगी और आपके खाने में स्वाद भी मिलेगा. क्या आप जानते हैं कि बाजरा हमारी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है. क्या आपको पता है कि बाजरा खाने से कौन-कौन सी बीमारियां शरीर से दूर होती हैं. अगर आप बाजार की रोटी नहीं खा सकते हैं तो बाजरा के लड्डू या फिर बाजरा से बने दूसरे आइटम आसानी से खा सकते हैं. कई लोग बाजरे की रोटी का स्वाद पसंद नहीं करते या उसे भारी मानते हैं. ऐसे में हम बाजरे को अलग अलग स्वादिष्ट रूप में शामिल कर सकते हैं. जैसे बाजरे के लड्डू, बाजरे की कुकीज़, बाजरे का हलवा, बाजरे की खिचड़ी या बाजरे का चीला. बाजरा एक सुपरफूड है, इसमें भरपूर फाइबर होता है जो पेट को साफ रखता है और कब्ज की समस्या को कम करता है. झांसी जैसे इलाकों में जहां मौसम कभी बहुत गर्म तो कभी ठंडा होता है बाजरा शरीर को ऊर्जा देता है और लंबे समय तक ताकत बनाए रखता है.
डायबिटीज़ के मरीजों के लिए बाजरा लाभदायक
बाजरा डायबिटीज़ के मरीजों के लिए भी बहुत लाभदायक है. बाजरा धीरे-धीरे पचता है और ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने नहीं देता. इसमें आयरन, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और शरीर में खून की कमी को दूर करने में मदद करते हैं. अगर घर के बच्चे या बुजुर्ग बाजरे की रोटी नहीं खाते तो आप बाजरे के लड्डू बना सकते हैं. इसमें थोड़ा सा देसी घी और गुड़ मिलाकर स्वाद बढ़ाया जा सकता है, इससे मिठास भी मिलेगी और सेहत भी.
वही बाजरा को लेकर वैज्ञानिकों का कहना है कि आप चाहें तो बाजरे का आटा गेहूं के आटे में मिलाकर मल्टीग्रेन आटा भी बना सकते हैं. इससे स्वाद में ज्यादा बदलाव नहीं आएगा, लेकिन सेहत का फायदा जरूर मिलेगा. झांसी मे पारंपरिक और पौष्टिक अनाजों को भी अपनाना चाहिए, बाजरा सिर्फ एक अनाज नहीं बल्कि सेहत की सुरक्षा है. तो आइए बाजरे की रोटी न सही लेकिन बाजरे के लड्डू कुकीज़ या अन्य स्वादिष्ट व्यंजन बनाकर अपने परिवार को स्वस्थ रखे. बाजरे से बने व्यंजन और रोटी हमारे शरीर के अंगों को मज़बूत करने के साथ साथ हमें पूरे दिन चुस्त और दुरुस्त रखने का काम भी करती है. झांसी का किसान मेला किसानों को वैज्ञानिको के माध्यम से जरूरी जानकारियां भी देने का काम कर रहा है.
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