रोहित शेट्टी फायरिंग केस: धर्म और अमीरी के दिखाए सपने, विष्णु कुशवाहा ने किया था ब्रेनवाश
Last Updated:
Rohit Shetty House Firing Case: फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. मुंबई क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपी विष्णु कुशवाहा ने युवाओं को धर्म और जल्द अमीर बनने के सपने दिखाकर ब्रेनवॉश किया. उसने शूटरों को मोटी रकम का लालच दिया और कथित तौर पर गैंग से जोड़ने का वादा किया. जांच में सामने आया कि आरोपियों को पहले से टारगेट की जानकारी थी और वारदात के समय सभी ने अपने फोन बंद रखे थे.

फायरिंग केस में पुलिस का तगड़ा एक्शन
क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के अनुसार फायरिंग के मास्टरमाइंड शुभम लोनकर और आरोपी विष्णु कुशवाहा ने मिलकर घटना को अंजाम दिया. विष्णु ने शूटर दीपक शर्मा, सनी कुमार और सोनू कुमार समेत बाकी आरोपियों को रिक्रूट और उनका ब्रेनवाश भी किया.
धर्म और अमीरी के दिखाए सपने
सामने आई जानकारी के मुताबिक विष्णु ने आरोपियों को हिंदुत्व और धर्म की बड़ी-बड़ी बातें और लाखों रुपयों का लालच दिया था. क्राइम ब्रांच को यह शक है कि फायरिंग के पहले शूटर दीपक शर्मा को पिस्टल चलाने की ट्रेनिंग दी गई थी, हालांकि यह ट्रेनिंग उसे कहां और किस जगह पर दी गई थी, इस संबंध में क्राइम ब्रांच और यूपी एसटीएफ की टीमें लगातार जांच कर रही हैं और सबूत जुटाने की कोशिश कर रही हैं.
बिश्नोई गैंग के संपर्क में था विष्णु
जांच में ये बात भी सामने आई है कि शुभम लोनकर ने विष्णु को और विष्णु ने अन्य आरोपियों को पैसे भेजे और काम खत्म हो जाने के बाद मोटी रकम देने का वादा भी किया था. विष्णु कुशवाहा पिछले कुछ सालों से बिश्नोई गैंग के संपर्क में था और उन्हीं के लिए प्रदेश में काम कर रहा है. क्राइम ब्रांच की जानकारी के मुताबिक घटना को अंजाम देने के लिए बिश्नोई गैंग के लोग युवा और बेरोजगार लोगों को टारगेट करते और मोटा पैसा देने का लालच देकर अपना काम करवाते हैं. आरोपी विष्णु ने यूपी और हरियाणा के 6 आरोपियों को चुना, जो पहले ही बिश्नोई गैंग से प्रभावित थे और सोशल मीडिया पर कट्टों और बंदूकों के साथ रील पोस्ट करते थे.
घटना को अंजाम देकर बंद किए फोन
विष्णु कुशवाहा ने शूटर दीपक और बाकी आरोपियों को बिश्नोई गैंग के लिए काम करने और कम समय में अमीर बनने का सपना दिखाया. लॉरेंस की इमेज से प्रभावित होकर शूटर दीपक शर्मा और अन्य आरोपियों ने गैंग में शामिल होने के लिए हामी भर दी. क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने बताया कि हरियाणा और यूपी से गिरफ्तार किए गए सातों आरोपियों को यह जानकारी थी कि टारगेट कौन है. रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग के बाद जब शूटर और उसके दो साथी आगरा और आगरा से नोएडा पहुंचे थे, तो उन्हें पनाह देने वाले आरोपी जतिन और विशाल को भी पता था कि वे रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग को अंजाम देकर आए हैं. घटना को अंजाम देने के समय सभी आरोपियों ने अपने फोन को बंद रखा था. यही कारण था कि पुलिस को लोकेशन पता लगाने में इतना ज्यादा समय लग गया.
About the Author
शिखा पाण्डेय News18 Digital के साथ दिसंबर 2019 से जुड़ी हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्हें 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. News18 Digital से पहले वह Zee News Digital, Samachar Plus, Virat Vaibhav जैसे प्रतिष्ठ…और पढ़ें