UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड एग्जाम में 63 छात्रों का सेंटर गाजियाबाद का डासना जेल, जेल अधीक्षक की निगरानी में देंगे परीक्षा

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UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड की परीक्षाएं बुधवार से शुरू हो रही हैं. इस बार पश्चिम यूपी के पांच जिलों के कैदियों के लिए गाजियाबाद के डासना जेल को परीक्षा केंद्र बनाया गया है. इंटरमीडिएट और हाईस्कूल में कुल 63 कैदी इस बाद परीक्षा देंगे. बोर्ड परीक्षा के लिए जेल में सभी इंतजाम कर लिए गए हैं. जेल अधीक्षक को नोडल अधिकारी बनाया गया है.

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यूपी बोर्ड एग्जाम में 63 छात्रों का सेंटर गाजियाबाद का डासना जेल, जानिए वजहZoom

गाजियाबाद के डासना जिले में इस बार 63 छात्र देंगे परीक्षा

गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को लेकर इस बार गाजियाबाद के जिला कारागार डासना में खास तैयारियां की गई हैं. जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पांच जिलों गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुरके कैदियों के लिए इस बार परीक्षा केंद्र जिला कारागार डासना को बनाया गया है. खास बात यह है कि कोई भी कैदी जेल से बाहर जाकर परीक्षा नहीं देगा, बल्कि सभी परीक्षाएं जेल परिसर में बने अधिकृत केंद्र पर ही कराई जाएंगी.

इस वर्ष कुल 63 कैदी यूपी बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, इनमें 20 कैदी हाईस्कूल और 43 कैदी इंटरमीडिएट की परीक्षा देंगे. परीक्षा से पहले सभी कैदियों को पूरा सिलेबस और आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं. जेल में लाइब्रेरी संचालित की जा रही है, जहां कैदी नियमित अध्ययन कर रहे हैं. इंटरमीडिएट परीक्षा में गाजियाबाद जेल के 15 कैदी शामिल होंगे, जबकि 5 रिहा हो चुके कैदी भी बाहर से आकर यहीं परीक्षा देंगे. गौतमबुद्धनगर से 14, मेरठ से 6, सहारनपुर से 3 और मुजफ्फरनगर से 1 कैदी इंटरमीडिएट में शामिल होगा.

हाईस्कूल में 20 कैदी देंगे एग्जाम

वहीं हाईस्कूल परीक्षा में गाजियाबाद जेल के 4 कैदी और एक रिहा कैदी शामिल होगा. गौतमबुद्धनगर से 6, मेरठ से 3, सहारनपुर से 5 और मुजफ्फरनगर से 1 कैदी हाईस्कूल परीक्षा देगा. परीक्षा केंद्र पर नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी जेल अधीक्षक की है. निष्पक्ष और सुचारु संचालन के लिए बोर्ड के शिक्षकों की तैनाती की गई है. साथ ही इंडिया विजन फाउंडेशन की टीम भी कैदियों को पढ़ाई में मार्गदर्शन दे रही है. जेल प्रशासन का मानना है कि शिक्षा सुधार की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है. जेल की ऊंची दीवारों के बीच इस बार सिर्फ सजा नहीं, बल्कि भविष्य की नई उम्मीद भी लिखी जा रही है.

About the Author

Amit Tiwariवरिष्ठ संवाददाता

अमित तिवारी, News18 Hindi के डिजिटल विंग में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. वर्तमान में अमित उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, ब्यूरोक्रेसी, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और रिसर्च बेस्ड कवरेज कर रहे हैं. अख़बार…और पढ़ें

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