H125M: जिसे न पहाड़ रोक पाया, न हवाएं! अब भारत में बनेगा एवरेस्ट पर लैंडिंग करने वाला दुनिया का इकलौता शूरवीर

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भारतीय रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्ट्रपति ने कर्नाटक के वेमगल में H125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन (FAL) का वर्चुअल उद्घाटन किया. एयरबस और टाटा का यह साझा प्रयास भारतीय सेना की परिचालन क्षमता को हिमालय की दुर्गम चोटियों पर नई ऊंचाई देगा. यह हेलीकॉप्टर न केवल सैन्य शक्ति बढ़ाएगा बल्कि ऊंचे इलाकों में लॉजिस्टिक्स और रेस्क्यू ऑपरेशनों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा.

H125M: क्यों है यह दुनिया का सबसे भरोसेमंद हेलीकॉप्टर?
H125 को पहले AS350 B3 कहा जाता था. यह दुनिया का इकलौता ऐसा हेलीकॉप्टर है जिसने माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) की चोटी पर लैंडिंग कर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है. इसका सैन्य संस्करण H125M खास तौर पर भारतीय सेना की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. यह उन इलाकों में भी उड़ान भरने में सक्षम है जहां हवा का घनत्व बेहद कम होता है और इंजन को सांस लेने में कठिनाई होती है.
इस हेलीकॉप्टर की सबसे बड़ी ताकत इसकी लो विजिबिलिटी और कम शोर है. इसमें आधुनिक ‘लो थर्मल सिग्नेचर’ तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे दुश्मन के रडार और हीट-सीकिंग मिसाइलों के लिए इसे पकड़ना मुश्किल हो जाता है. यह खूबी इसे टैक्टिकल रिकॉनिसेंस (गुप्त टोही मिशन) के लिए भारतीय सेना की पहली पसंद बनाती है.

क्षमता और खासियत: छोटा पैकेट, बड़ा धमाका
H125M एक बहुआयामी प्लेटफॉर्म है. यह ऊंचे इलाकों में फ्रंटलाइन पोस्ट तक राशन, गोला-बारूद और दवाइयां पहुंचाने में माहिर है. ‘सर्च एंड रेस्क्यू’ (SAR) ऑपरेशनों के दौरान यह तंग घाटियों में भी आसानी से मुड़ सकता है. इसकी मेडिकल इवैक्यूएशन क्षमता घायल सैनिकों को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर बेस अस्पताल पहुंचाने में मदद करेगी.

तकनीकी विवरण और वैश्विक पहुंच
• क्षमता: इसमें पायलट के अलावा 5 से 6 जवान बैठ सकते हैं.
• हथियार: इसे रॉकेट पॉड्स, मशीन गन और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर से लैस किया जा सकता है.
• कीमत: एक यूनिट की अनुमानित कीमत $3 मिलियन से $5 मिलियन (लगभग 25 से 40 करोड़ रुपये) के बीच होती है, जो कॉन्फ़िगरेशन पर निर्भर करती है.
• किन देशों के पास: यह वर्तमान में अमेरिका, फ्रांस, ब्राजील और कई अन्य देशों की सेनाओं और पुलिस बलों द्वारा उपयोग किया जा रहा है.

सवाल-जवाब

प्रश्न 1: H125M अन्य लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टरों से बेहतर क्यों है?
उत्तर: इसकी हाई-एल्टीट्यूड परफॉर्मेंस अद्वितीय है. यह माउंट एवरेस्ट पर लैंड करने वाला एकमात्र हेलीकॉप्टर है, जो इसे सियाचिन जैसे ऊंचे क्षेत्रों के लिए बेस्ट बनाता है.

प्रश्न 2: भारत में इसकी असेंबली लाइन से क्या फायदा होगा?
उत्तर: इससे ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा मिलेगा. भारत न केवल अपनी जरूरतों के लिए हेलीकॉप्टर बनाएगा, बल्कि भविष्य में पड़ोसी देशों को निर्यात भी कर सकेगा.

प्रश्न 3: क्या इसे युद्ध के मैदान में इस्तेमाल किया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, H125M को हथियारों से लैस किया जा सकता है. यह टोही (Surveillance) और दुश्मन की लोकेशन ट्रैक करने के लिए फोर्स मल्टीप्लायर का काम करता है.

प्रश्न 4: इसकी मेंटेनेंस और परिचालन लागत कितनी है?
उत्तर: अपनी श्रेणी के अन्य हेलीकॉप्टरों के मुकाबले H125M की मेंटेनेंस लागत काफी कम है, जिससे यह लंबे ऑपरेशनों के लिए किफायती साबित होता है.

प्रश्न 5: क्या यह नागरिक ऑपरेशनों में भी काम आएगा?
उत्तर: बिल्कुल. इसका इस्तेमाल आपदा प्रबंधन, वीआईपी मूवमेंट और दुर्गम क्षेत्रों में मेडिकल इमरजेंसी के लिए भी किया जा सकता है.

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