स्विमसूट पहने वाली पहली हीरोइन, एक्टिंग-गायकी के दम पर बनी सुपरस्टार, 2 शादियों के बाद भी रही अधूरी, खौफनाक अंत
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एक्ट्रेस नलिनी जयवंत का जीवन जितनी बड़ी सफलता से शुरू हुआ, उसका अंत उतना ही दर्दनाक रहा. 14 साल की उम्र में डेब्यू करने वाली नलिनी 50 के दशक में दिलीप कुमार और देव आनंद जैसे सितारों के साथ काम करके सुपरस्टार बनीं. वे पर्दे पर स्विमसूट पहनने वाली पहली अभिनेत्री थीं. हालांकि, उनका निजी जीवन दुखों से भरा रहा. दो शादियों और कोई संतान न होने के कारण वे अंतिम समय में बिल्कुल अकेली रह गईं. साल 2009 में उनकी मौत इतनी गुमनामी में हुई कि तीन दिनों तक उनका शव घर में पड़ा रहा, जिसकी किसी को खबर तक नहीं हुई.

दिलीप कुमार और देव आनंद जैसे सितारों के साथ अभिनय किया.
नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा की एक ऐसी अदाकारा, जिसकी खूबसूरती और टैलेंट के चर्चे कभी हर जुबान पर थे, आज उनकी जन्मशती (18 फरवरी) के मौके पर उनकी यादें फिर ताजा हो गई हैं. नलिनी जयवंत का जन्म 1926 में मुंबई में हुआ था. उन्हें बचपन से ही फिल्मों का जबरदस्त जुनून था. उनकी किस्मत तब बदली जब महज 14 साल की उम्र में एक पार्टी में उन पर फिल्ममेकर चिमनलाल देसाई की नजर पड़ी. चिमनलाल को अपनी फिल्म ‘राधिका’ के लिए एक नए चेहरे की तलाश थी और नलिनी उन्हें परफेक्ट लगीं. शुरुआत में पिता की नाराजगी झेलनी पड़ी, लेकिन आखिरकार 1941 में उन्होंने बड़े पर्दे पर कदम रखा. नलिनी सिर्फ एक्टिंग ही नहीं, बल्कि एक शानदार सिंगर भी थीं और उन्होंने अपने करियर में करीब 40 गानों को अपनी आवाज दी.
50 का दशक नलिनी के लिए कामयाबी की बुलंदियों वाला रहा. दिलीप कुमार और नरगिस के साथ फिल्म ‘अनोखा प्यार’ ने उनके करियर को रॉकेट की रफ्तार दी. इसके बाद ‘समाधि’ और ‘संग्राम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया. देव आनंद के साथ उनकी जोड़ी को दर्शकों ने खूब सराहा. नलिनी अपनी बोल्डनेस के लिए भी जानी जाती थीं; वह फिल्मफेयर के ब्यूटी पोल में सबसे खूबसूरत एक्ट्रेस चुनी गईं और पर्दे पर स्विमसूट पहनने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री बनीं. उनकी इस इमेज ने उन्हें उस जमाने में काफी प्रसिद्धि दिलाई. हालांकि, जैसे ही 60 का दशक आया, नई हीरोइनों की एंट्री के साथ उनका करियर ढलान पर आने लगा और धीरे-धीरे उन्हें काम मिलना बंद हो गया.
अशोक कुमार के साथ चला अफेयर
नलिनी की फिल्मी दुनिया जितनी सुनहरी थी, उनकी असल जिंदगी उतनी ही अंधेरी और दर्दभरी रही. उनकी पहली शादी डायरेक्टर के बेटे वीरेंद्र देसाई से हुई, जो सिर्फ तीन साल चली. इसके बाद अशोक कुमार के साथ उनके अफेयर के चर्चे रहे, और फिर उन्होंने एक्टर प्रभुदयाल से दूसरी शादी की. साल 2001 में पति की मौत के बाद नलिनी बिल्कुल अकेली पड़ गईं, क्योंकि उनकी कोई संतान नहीं थी. उनकी मौत की कहानी तो रूह कंपा देने वाली है. साल 2009 में जब उनका निधन हुआ, तो तीन दिनों तक किसी को खबर तक नहीं हुई. उनका शव बंद घर में सड़ता रहा और दुनिया को तब पता चला जब एक दूर का रिश्तेदार वहां पहुँचा. एक सुपरस्टार का ऐसा अंत वाकई दिल दहला देने वाला था.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें