चंद्र प्रकाश बाथम ने पत्नी की याद में आयुर्वेद भवन दान किया
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फर्रुखाबाद के रिटायर्ड शिक्षक चंद्र प्रकाश बाथम ने अपनी पत्नी विमला देवी की याद में अपना घर आयुर्वेदिक विभाग को दान कर दिया. अब इस भवन में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज मुफ्त में जोड़ों, त्वचा, लीवर और अन्य बीमारियों का इलाज करवा रहे हैं, जिससे आम लोगों को बड़ी सुविधा मिल रही है.
फर्रुखाबाद. आधुनिक समय में लोग स्वार्थ के कारण दूसरों का निवाला छीनने से भी गुरेज नहीं करते हैं. वहीं, फर्रुखाबाद निवासी रिटायर्ड शिक्षक चंद्र प्रकाश बाथम मानवता की मिसाल बनकर सामने आए हैं. इन्होंने अपनी पत्नी विमला देवी की स्मृति में आयुर्वेदिक विभाग को अपना भवन दान कर दिया. बताया जा रहा है कि फर्रुखाबाद में आयुर्वेदिक अस्पताल दूसरी मंजिल पर चल रहा था, जहां सैकड़ों मरीजों को सीढ़ियों पर चढ़कर जाना पड़ता था. इसके चलते उनके पैरों और जोड़ों से संबंधित विभिन्न बीमारियों के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. आए दिन हो रही इन समस्याओं को देखते हुए रिटायर्ड शिक्षक चंद्र प्रकाश ने अपने भवन को आयुर्वेदिक विभाग को दान करने का निर्णय लिया. इसके बाद उन्होंने प्रशासन को सूचित किया. अब, आयुर्वेदिक चिकित्सालय खुलने के बाद, रिटायर्ड शिक्षक चंद्र प्रकाश आम लोगों को स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं.
आयुर्वेदिक विभाग को दान कर दिया घर
फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ स्थित पुराना जिला अस्पताल के निकट हाथी खाना में रहने वाले केंद्रीय विद्यालय के रिटायर्ड शिक्षक चंद्र प्रकाश बाथम की पत्नी विमला देवी का 10 अक्टूबर 2023 को निधन हो गया था. इनके कोई संतान नहीं थी, उनकी पत्नी का सपना था कि उनका घर किसी अच्छे कार्य में लगाया जाए ताकि आम लोगों को इससे सुविधा मिल सके. पत्नी के निधन के बाद, चंद्र प्रकाश बाथम ने अपने घर को आयुर्वेदिक विभाग को दान कर दिया.
आम जनों को मिल रही सुविधाएं
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉक्टर आदित्य किशोर ने बताया कि चंद्र प्रकाश द्वारा दान किए गए इस भवन में प्रतिदिन लगभग 150 से 200 मरीज इलाज कराने आते हैं. इसके लिए मरीज केवल एक रुपए के पर्चे पर ही आयुर्वेदिक उपचार करवा सकते हैं. यहां जोड़ों में दर्द, गठिया, अर्थराइटिस, त्वचा की समस्याएं, लीवर की दिक्कत, खुजली, पाइल्स जैसी विभिन्न बीमारियों का इलाज किया जाता है.
कैसे पहुंचे इस अस्पताल
यह चिकित्सालय फतेहगढ़ राजपूत रेजीमेंट के सामने और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के भवन के पास वाले मार्ग, हाथीखाना के निकट, एवं डॉक्टर स्व. बीड़ी कटियार के भवन के सामने स्थित है. यहां मरीज पहुंचकर अपना उपचार करवा सकते हैं.
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