10 से 20 रुपये में मिल रहा मोकामा का स्वाद, प्लेटफॉर्म पर बढ़ी पेड़े की बिक्री
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Mokama Famous Khoya Peda: बिहार की राजधानी पटना जिले के मोकामा टाल क्षेत्र का पारंपरिक खोवा (मावा) पेड़ा अब रेलवे प्लेटफॉर्म के जरिए नई पहचान हासिल कर रहा है. Indian Railways की ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ (OSOP) योजना के तहत हाथीदाह जंक्शन पर खुले आउटलेट ने इस मशहूर मिठाई को यात्रियों तक पहुंचा दिया है. दूध में अधिक फैट और पारंपरिक विधि से तैयार होने वाला यह पेड़ा स्वाद और खुशबू के लिए पहले से प्रसिद्ध रहा है, लेकिन अब स्टेशन पर आधिकारिक बिक्री शुरू होने से इसे बड़ा बाजार और ब्रांडिंग का मंच मिल गया है. इससे स्थानीय कारोबारियों को सीधा लाभ मिल रहा है और मोकामा टाल की मिठास देशभर के यात्रियों तक पहुंच रही है. रिपोर्ट- नीरज कुमार
लिट्टी चोखा से लेकर खोया(मावा) पेड़ा तक बिहार के अलग-अलग जिलों का अलग-अलग स्वाद है . ऐसे में जब आप बिहार की राजधानी पटना जिले के मोकामा टाल इलाके के स्वाद की बात करें तो खोवा पेड़ा माना जाता है. इसके वजहों को समझें तो मोकामा इलाके में पशुपालन बड़े पैमाने पर होती है.
यहां के दूध में फैट की मात्रा भी ज्यादा मानी जाती है. ऐसे में इलाकों के किसान अपनी पहचान खोवा पेड़ा से बना रहे हैं. इसी बातों को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे की एक स्टेशन एक उत्पाद योजना के तहत अब पटना जिले के मोकामा टाल इलाके का मशहूर खोवा पेड़ा नई पहचान पा रहा है. हाथीदाह जंक्शन पर खुले OSOP आउटलेट ने स्थानीय मिठाई को प्लेटफॉर्म तक पहुंचा दिया है. अब जो यात्री इस स्टेशन से गुजरते हैं, वे यहां के खास स्वाद से रूबरू हो रहे हैं.
मोकामा का इलाका विधायक अनंत सिंह के नाम से काफी चर्चित रहता है। पर मोकामा टाल क्षेत्र अपने पारंपरिक खोवा पेड़े के लिए पहले से ही जाना जाता रहा है. लेकिन अब रेलवे स्टेशन पर आधिकारिक तौर पर इसकी बिक्री शुरू होने से इसे ब्रांडिंग का बड़ा मंच मिल गया है.
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हाथीदाह जंक्शन पर खोवा पेड़ा बेचने वाले बबलू बताते हैं कि इस इलाके का पेड़ा स्वाद में अलग है. लोग खास तौर पर इसे खरीदने आते हैं. उनका कहना है कि यह मिठाई दूसरे राज्यों तक ही नहीं, बल्कि विदेशों तक भी जाती है.
यहां एक स्टेशन एक उत्पाद हाथीदह जंक्शन पर बेचने वाले बबलू ने लोकल 18 से बताया 100 ग्राम का एक पीस 10 रुपये या 20 रुपये में उपलब्ध है. शुगर फ्री विकल्प भी रखा गया है, जिसकी कीमत थोड़ी कम है.
किलो के हिसाब से दाम 300 से 400 रुपये तक है. यात्रियों के बीच इसकी नियमित बिक्री हो रही है. इन्होंने बताया बिक्री की बात करें तो न कम और न ही ज्यादा होती है. ठीक ठाक चल रहा है. बस कुछ ट्रेनों को यहां समय मिलें तो और बिक्री बढ़ सकता है.
एक स्टेशन एक उत्पाद योजना का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना है. हाथीदाह जंक्शन पर खोवा पेड़ा की बिक्री से छोटे कारोबारियों को सीधा लाभ मिल रहा है. इससे इलाके की पहचान मजबूत हो रही है और पारंपरिक स्वाद को नया बाजार मिल रहा है. कुल मिलाकर इस पहल से स्थानीय ब्रांड को नई रफ्तार मिल रही है.