(Special pure sweets) A special barfi made from jaggery has changed farmers’ fortunes, increasing demand for pure organic sweets, a treasure trove of health along with taste. – Himachal Pradesh News
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Special Pure Jaggery Sweets: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के सिलोदा गांव के किसान देवीलाल राव पटेल ने जैविक गुड़ से शुद्ध और केमिकल-फ्री बर्फी और मिठाइयां बनाना शुरू किया है. इन मिठाइयों की मांग लगातार बढ़ रही है, क्योंकि ये स्वाद में लाजवाब होने के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद हैं. यह पहल लोगों को बाजार में मिलने वाली मिलावटी मिठाइयों का सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प प्रदान करती है.
Special Pure Jaggery Sweets: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के एक साधारण किसान ने अपनी मेहनत और नई सोच से ऐसा काम कर दिखाया है, जो अब लोगों के लिए मिसाल बनता जा रहा है. जिले के सिलोदा गांव के किसान देवीलाल राव पटेल ने जैविक गुड़ से तैयार खास बर्फी और मिठाइयों का निर्माण शुरू किया है, जिसकी डिमांड अब लगातार बढ़ती जा रही है. यह मिठाई पूरी तरह शुद्ध और केमिकल-फ्री गुड़ से बनाई जाती है, जो न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जा रही है. दरअसल, आज के समय में बाजार में मिलने वाले ज्यादातर गुड़ और मिठाइयों में मिलावट की शिकायतें सामने आती रहती हैं, जिससे लोग शुद्ध और प्राकृतिक विकल्प की तलाश में रहते हैं. ऐसे में देवीलाल राव पटेल ने जैविक तरीके से गुड़ तैयार कर उससे बर्फी और अन्य मिठाइयां बनाकर लोगों को एक नया और सुरक्षित विकल्प दिया है.
जैविक खेती से शुरू हुआ सफर, अब मिठाई बनकर हो रही पहचान
सिलोदा गांव के किसान देवीलाल राव पटेल बताते हैं कि पहले वे पारंपरिक तरीके से गुड़ बनाते थे, लेकिन उस समय बिक्री बहुत कम होती थी और मुनाफा भी सीमित था. इसके बाद उन्होंने जैविक खेती अपनाने का फैसला किया. उन्होंने अपने खेतों में बिना किसी केमिकल के गन्ने की खेती शुरू की और उसी से जैविक गुड़ तैयार किया. जब इस गुड़ से मिठाई बनाकर बाजार में उतारी गई, तो लोगों ने इसे हाथों-हाथ खरीदना शुरू कर दिया. आज उनकी बनाई जैविक गुड़ की बर्फी और अन्य मिठाइयों की मांग जिले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी बढ़ रही है। लोग खास तौर पर ऑर्डर देकर इनसे मिठाई बनवा रहे हैं.
इलायची, केसर और ड्राई फ्रूट से बनती है खास बर्फी
देवीलाल राव पटेल और उनके बड़े भाई भरत राव पटेल मिलकर इस काम को आगे बढ़ा रहे हैं. वे बताते हैं कि जैविक गुड़ से कई प्रकार की मिठाइयां बनाई जाती हैं, जिनमें इलायची बर्फी, केसर बर्फी, काजू-बादाम बर्फी, पिस्ता और अखरोट से बनी मिठाइयां शामिल हैं. खास बात यह है कि इन मिठाइयों में किसी भी प्रकार का केमिकल या कृत्रिम रंग का उपयोग नहीं किया जाता. इनकी मिठाई इतनी स्वादिष्ट होती है कि बच्चे भी इसे बड़े चाव से खाते हैं और उन्हें यह एहसास भी नहीं होता कि वे गुड़ से बनी मिठाई खा रहे हैं. यही कारण है कि यह मिठाई बनते ही बिक जाती है और इसकी मांग लगातार बनी रहती है.
सुबह से शाम तक मेहनत के बाद तैयार होता है शुद्ध गुड़
जैविक गुड़ और उससे बनी मिठाई तैयार करना आसान काम नहीं है. इसके लिए किसान सुबह से शाम तक लगातार मेहनत करते हैं. सबसे पहले खेत से गन्ने की कटाई की जाती है, फिर मशीन से उसका रस निकाला जाता है. इसके बाद बड़े कड़ाहों में इस रस को घंटों तक उबाला जाता है, जिससे सारी अशुद्धियां निकल जाती हैं. जब गुड़ पूरी तरह तैयार हो जाता है, तो उससे मिठाई का घोल तैयार किया जाता है और अलग-अलग सांचों में डालकर बर्फी और अन्य मिठाइयां बनाई जाती हैं। यह पूरी प्रक्रिया पारंपरिक और प्राकृतिक तरीके से की जाती है.
सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है जैविक गुड़ की मिठाई
आज के समय में लोग सेहत को लेकर ज्यादा जागरूक हो रहे हैं और मिलावट से दूर रहना चाहते हैं. ऐसे में जैविक गुड़ से बनी मिठाई उनके लिए एक बेहतर विकल्प बनकर सामने आई है. यह मिठाई न सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि शरीर के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है. देवीलाल राव पटेल का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ व्यापार करना नहीं, बल्कि लोगों तक शुद्ध और प्राकृतिक मिठाई पहुंचाना है. उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि आज उनका यह छोटा सा काम एक सफल व्यवसाय में बदल गया है और उन्हें अच्छा मुनाफा भी मिल रहा है. आज सिलोदा गांव के ये किसान अपनी जैविक गुड़ की बर्फी से न सिर्फ अपनी पहचान बना रहे हैं, बल्कि अन्य किसानों को भी जैविक खेती और वैल्यू एडिशन के लिए प्रेरित कर रहे हैं.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें