माता शीतला शक्तिपीठ में नवविवाहित जोड़ों की आस्था.

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उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले का कड़ा धाम, 51 शक्तिपीठों में से एक, माता शीतला का प्रमुख केंद्र है. विवाह के मौसम में नवविवाहित जोड़े यहां माता के दर्शन कर सुखी वैवाहिक जीवन, संतान सुख और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आशीर्वाद लेते हैं. लोकश्रुति के अनुसार माता का कंगन यहीं गिरा था, जिससे यह स्थल सिद्ध शक्तिपीठ के रूप में प्रतिष्ठित हुआ. दूर-दराज के जिलों और पड़ोसी राज्यों से श्रद्धालु आस्था और परंपरा के चलते माता के दरबार में जुटते हैं.

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कौशाम्बी. जिले में प्रसिद्ध कड़ा धाम का 51 शक्तिपीठ माता शीतला धाम है. इन दिनों शादी विवाह की लगन शुरू होते ही नवविवाहित जोड़े माता के दर्शन करने पहुंचते है, इसलिए माता शीतला का दरबार आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. विवाह के बाद दंपति मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन करते हैं और सुखी वैवाहिक जीवन, संतान सुख और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मांगते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह स्थान 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है. लोकश्रुति है कि यहां माता का कंगन गिरा था, जिसके कारण यह स्थल सिद्ध शक्तिपीठ के रूप में प्रतिष्ठित हुआ. इसी आस्था के चलते दूर-दराज के जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं. खासतौर पर माता के दरबार में पूर्वांचल के लोग अधिक दर्शन करने के लिए आते हैं क्योंकि माता शीतला को पूर्वांचल की देवी भी कहा जाता है.

माता के दरबार में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है, नवविवाहित जोड़े विशेष रूप से माता का पूजन-अर्चन कर अपने नए जीवन की मंगलकामना करते हैं. मान्यता है कि यहां दर्शन करने से दांपत्य जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं, बुरी शक्तियों से मुक्ति मिलती है और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है.

सरवेंद्र कुमार पंडा ने बताया की ता सती के दाहिने हांथ का कड़ा गिरा था इसलिए इसे कड़ा के नाम से जाना जाता है. इसलिए विवाह के बाद माता के दरबार मे नवविवाहित जोड़े आते है. सर्वप्रथम जोड़े मां गंगा का स्नान करते हैं फिर उसके बाद माता शीतला के दरबार में पहुंचकर माथा टेक कर अपने जीवन की सुखी वैवाहिक जीवन की मनोकामना करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब भी कोई व्यक्ति नए जीवन में प्रवेश करता है तो अपने जीवनसाथी के साथ माता के दर्शन करने के लिए जरूर पहुंचता है यह हिंदू धर्म में पूर्वजों से परंपरा चली आ रही है.

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Monali Paul

Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें

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