Child Health Alert: आपका बच्चा खाना नहीं खा रहा? कहीं एनीमिया और स्क्रीन टाइम तो नहीं वजह!
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अलीगढ़. आज के समय में कई माता-पिता इस बात से परेशान हैं कि उनका बच्चा खेलने-कूदने में सामान्य दिखता है, लेकिन ठीक से खाना नहीं खाता या दूध पीने से बचता है. यह सिर्फ जिद या आदत का मामला नहीं है. विशेषज्ञों के अनुसार खून की कमी (एनीमिया), बढ़ता स्क्रीन टाइम और गलत खान-पान की आदतें बच्चों की भूख को प्रभावित कर रही हैं, जिससे उनके शारीरिक विकास पर भी असर पड़ सकता है.
अलीगढ़. आजकल कई माता-पिता इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि उनका बच्चा सामान्य दिखने और खेलने-कूदने के बावजूद ठीक से खाना नहीं खाता या दूध पीने से बचता है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ जिद या आदत का मामला नहीं, बल्कि इसके पीछे कई स्वास्थ्य संबंधी कारण छिपे हो सकते हैं.
एनीमिया हो सकता है बड़ी वजह
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप बंसल के अनुसार, बच्चों में खाना न खाने की सबसे आम वजह खून की कमी यानी एनीमिया हो सकती है.
1) खून की कमी होने पर बच्चा चिड़चिड़ा हो जाता है.
2) जल्दी थकान महसूस करता है.
3) शरीर में कमजोरी के कारण भूख कम लगती है.
4) शरीर के विकास के लिए खून बेहद जरूरी है, क्योंकि यही अंगों के निर्माण और ऊर्जा का आधार है.
बढ़ता स्क्रीन टाइम भी जिम्मेदार
1) आजकल मोबाइल और टीवी का अधिक उपयोग भी बच्चों की भूख पर असर डाल रहा है.
2) स्क्रीन देखने में बच्चे का ध्यान खाने से हट जाता है.
3) भोजन के प्रति रुचि कम हो जाती है.
4) शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है.
विशेषज्ञों का कहना है कि सीमित स्क्रीन टाइम बच्चों की सेहत के लिए बेहद जरूरी है.
शिशुओं में खून की कमी के कारण
डॉ. बंसल बताते हैं कि अलग-अलग उम्र में बच्चों के खाना न खाने की वजहें भी अलग होती हैं.
1) समय से पहले जन्मे बच्चों में जन्मजात एनीमिया हो सकता है.
2) ऐसे बच्चों को आयरन की जरूरत अधिक होती है.
3) जन्म के बाद पहले छह महीने तक केवल मां का दूध ही देना चाहिए.
4) मां का दूध शिशु के लिए संपूर्ण पोषण है और इससे खून की कमी का खतरा कम रहता है.
पूरक आहार की सही शुरुआत जरूरी
छह महीने के बाद बच्चों को केवल दूध पर नहीं रखना चाहिए.
1) पूरक आहार समय पर शुरू करना जरूरी है.
2) देरी करने पर एनीमिया का खतरा बढ़ सकता है.
बड़े बच्चों में अन्य कारण
बड़े बच्चों में भी कई कारण एनीमिया को बढ़ावा दे सकते हैं, जैसे:
1) बार-बार होने वाले संक्रमण.
2) पेट में कीड़े.
3) मिट्टी खाने की आदत
4) मलेरिया जैसी बीमारियां
5) अत्यधिक स्क्रीन टाइम
संतुलित देखभाल से मिलेगा समाधान
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि माता-पिता इन बातों पर ध्यान दें, तो बच्चों को स्वस्थ रखा जा सकता है:
1) संतुलित और पौष्टिक आहार.
2) सीमित स्क्रीन टाइम.
3) समय पर स्तनपान.
4) नियमित स्वास्थ्य जांच.
स्वस्थ बच्चे ही आगे चलकर स्वस्थ समाज और मजबूत देश की नींव बनते हैं.
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पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें