suryakumar vs usman: रोहित की सलाह ने उस्मान को बौना बना दिया, सूर्यकुमार ने किया ‘पॉज’ खत्म
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suryakumar vs usman: तमाम चर्चाओं और हाइप के बीच तारिक उस वक्त सुर्खियों के केंद्र में थे. तारिक अपने रन-अप में आए और उन्होंने अपनी चर्चित ‘पॉज’ ली. स्ट्राइक पर खड़े सूर्यकुमार पूरी तरह स्थिर रहे न कोई ट्रिगर मूवमेंट, न कोई हलचल ऐसा लगा मानो भारतीय कप्तान ने तारिक को पूरी तरह पढ़ लिया हो

सूर्यकुमार यादव ने दुनिया को बताया उस्मान तारिक के ‘पॉज’ से निपटने का तरीका
नई दिल्ली. कोलंबो में भारत पाकिस्तान मैच खत्म हो चुका है पर लोगों के जेहन में अभी भी जिस तरह से उस्मान तारिक को सूर्यकुमार यादव ने खेला वो ताजा है. जब 11 ओवर में उस्मान तारिख गेंदबाजी करने आए और उसी वक्त पाकिस्तान को दो-तीन तेज विकेट मिल जाते, तो मुकाबला पलट भी सकता था. वैसे पाकिस्तान भी यहीं उम्मीद कर रहा था कि उस्मान को खेलना भारतीय टीम के लिए आसान नहीं होगा पर सूर्या ने सब बदल कर रख दिया.
तमाम चर्चाओं और हाइप के बीच तारिक उस वक्त सुर्खियों के केंद्र में थे. तारिक अपने रन-अप में आए और उन्होंने अपनी चर्चित ‘पॉज’ ली. स्ट्राइक पर खड़े सूर्यकुमार पूरी तरह स्थिर रहे न कोई ट्रिगर मूवमेंट, न कोई हलचल ऐसा लगा मानो भारतीय कप्तान ने तारिक को पूरी तरह पढ़ लिया हो और उसके बाद भारतीय कप्तान के बैट से निकला ऐसा शॉट जो पाकिस्तान को सदमें में डाल गया.
सूर्या की मास्टर क्लास
जैसे ही तारिक ने उस माइक्रोसेकंड के ठहराव के बाद गेंद छोड़ी, सूर्या पूरी तरह तैयार थे। उन्होंने पहली ही गेंद को लॉन्ग-ऑन और मिडविकेट के बीच के गैप में पुल कर चौके के लिए भेज दिया उसी पल मानसिक जंग जीत ली गई. उस एक गेंद में सूर्या ने दुनिया को बता दिया कि तारिक का सामना कैसे करना है पूरी तरह स्थिर रहो और गेंदबाज को दिमागी खेल में मात दो. मददगार पिच पर भी तारिक भारत पर हावी नहीं हो सके और मैच निर्णायक रूप से भारत की ओर झुक गया. सूर्या का यह तरीका रोहित शर्मा की उस बात की याद दिलाता है, जो उन्होंने कभी क्रीज पर स्थिर रहने को लेकर कही थी.
रोहित का ज्ञान काम आया
न्यूजीलैंड में खेले गए एक सुपर ओवर में टिम साउदी के खिलाफ अपनी रणनीति पर पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा था. सुपर ओवर में बल्लेबाजी अलग होती है और उस मैच में सुपर ओवर के पहले हिस्से में मैं क्रीज के अंदर काफी मूव कर रहा था और जैसा चाहता था वैसा कनेक्ट नहीं कर पा रहा था तभी मुझे एहसास हुआ कि मुझे कुछ अलग करना होगा. टिम साउदी भी दबाव महसूस कर रहे होंगे, क्योंकि उन्हें पता था कि रोहित बड़े छक्के मार सकते हैं. रोहित ने एक इंटरव्यू में बताया कि उनको बस शांत रहना था और कम से कम मूवमेंट करनी थी. अगर मैं स्थिर रहता, तो सही कनेक्शन की संभावना ज्यादा रहती. और ठीक वैसा ही हुआ.
साउदी ने मेरे ज़ोन में गेंद डाली और मैंने उसे छक्के के लिए भेज दिया अचानक मैच का रुख बदल गया. पांचवीं गेंद पर छक्का लगाने के बाद मुझे पता था कि मैं भारत के लिए मैच खत्म कर सकता हूं अब सारा दबाव साउदी पर था और गलती की संभावना बढ़ गई थी. उन्होंने गलती की और मैंने एक और छक्का जड़कर मुकाबला खत्म कर दिया असली मंत्र था स्थिर रहना.
ठीक यही काम सूर्यकुमार यादव ने तारिक के खिलाफ किया और अब दुनिया इस रणनीति को अपनाएगी. कठिन पिच पर सूर्या को बल्लेबाजी करते देखना वाकई सुखद था, क्योंकि यही चीज़ महान खिलाड़ियों को बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है.