Eat special pickle of mango sangri in Dehradun | Uttarakhand News | mango sangri special recipe | recipe of mango sangri

Share to your loved once


Last Updated:

Mango Sangri Recipe: राजस्थान के अचार की डिमांड देहरादून में भी काफी ज्यादा है. इसलिए हरीश नाम के एक शख्स हर मेले में यहां आते हैं और राजस्थान के ट्रेडिशनल अचार लेकर भी आते हैं. उन्होंने बताया कि उनके पास आम, नींबू, गुंदा, हरी मिर्च के साथ ही काचरी, लसौड़ा, सांगरी और केर जैसे मारवाड़ी अचार उपलब्ध हैं. सांगरी और केर के बाग-बगीचे नहीं होते हैं बल्कि ये जंगलों में उगते हैं.

देहरादून: किसी भी साधारण सब्जी के साथ अगर खाने में स्वाद लाना होता है तो आप अचार का इस्तेमाल करते हैं. इससे व्यंजन का स्वाद चौगुना बढ़ जाता है. आपने अब तक हरी मिर्च, नींबू और आम, गाजर का अचार खाया होगा… क्या कभी कैरी सांगरी का अचार खाया है? नहीं तो देहरादून में रहने वालों के लिए इस समय एक खास मौका है. रेंजर्स ग्राउंड में आयोजित उत्तराखंड ट्रेड फेयर में राजस्थान का मशहूर कैरी-सांगरी का अचार लोगों को खूब पसंद आ रहा है. आम, नींबू और हरी मिर्च के अचार तो आपने कई बार खाए होंगे, लेकिन राजस्थान के जंगलों में पाई जाने वाली केर और सांगरी से बना अचार स्वाद के साथ सेहत का भी खजाना है.

देहरादून के रेंजर्स ग्राउंड में चल रहे मेले में राजस्थान के पारंपरिक मारवाड़ी अचार की खास दुकान लोगों का ध्यान खींच रही है. यहां केर, सांगरी, गुंदा, काचरी, लसौड़ा, आम, नींबू और हरी मिर्च जैसे कई तरह के अचार उपलब्ध हैं. विक्रेता हरीश बताते हैं कि देहरादून में राजस्थानी अचार की मांग तेजी से बढ़ रही है, इसलिए वे हर साल मेले में अपने खास अचार को लेकर आते हैं. अचार 100 रुपये प्रति 100 ग्राम के हिसाब से उपलब्ध है.

क्या है कैरी सांगरी की खासियत?
राजस्थान के शुष्क और गर्म इलाकों में उगने वाली केर (कैर) और सांगरी जंगलों में पाई जाती हैं. इनकी खेती बाग-बगीचों में नहीं होती. सांगरी कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने में सहायक मानी जाती है, वहीं केर पेट से जुड़ी समस्याओं में लाभकारी बताई जाती है. राजस्थानी अचार की सबसे बड़ी पहचान है- भरपूर मसाले और शुद्ध तेल का उपयोग, जो इसे लंबे समय तक सुरक्षित और स्वादिष्ट बनाए रखता है.

घर पर बनाएं स्वादिष्ट कैरी-सांगरी का अचार
200 ग्राम सूखी सांगरी
100 ग्राम केर
100 ग्राम कच्ची कैरी (टुकड़ों में कटी)
3 बड़े चम्मच राई
2 बड़े चम्मच सौंफ
1 छोटा चम्मच मेथीदाना
2 बड़े चम्मच लाल मिर्च पाउडर
1 छोटा चम्मच हल्दी
1/2 छोटा चम्मच हींग
नमक स्वादानुसार
250 मिली सरसों का तेल
1 कप छाछ

यह है विधि

  • सांगरी और केर को अच्छी तरह धोकर रातभर पानी में भिगो दें.
  • अगले दिन इन्हें हल्का उबाल लें और पानी से निकाल लें.
  • अब इन्हें 3-4 घंटे छाछ में डुबोकर रखें. इससे कड़वापन कम होता है और स्वाद बढ़ता है.
  • कढ़ाही में सरसों का तेल धुआं निकलने तक गरम करें, फिर ठंडा होने दें.
  • राई, सौंफ और मेथीदाना दरदरा पीस लें.
  • एक बड़े बर्तन में सांगरी, केर और कैरी मिलाकर सारे मसाले और नमक डालें.
  • ऊपर से तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं.
  • मिश्रण को साफ कांच के जार में भरकर 4-5 दिन धूप में रखें

कुछ ही दिनों में आपका चटपटा, खुशबूदार कैरी-सांगरी का अचार तैयार हो जाएगा. दाल-चावल, पराठा या सादी रोटी के साथ इसका स्वाद सच में खाने को यादगार बना देता है.

About the Author

काव्‍या मिश्रा

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP