Perfume Day 2026 | Career as a Perfumer | How to Become a Professional Perfumer | How to Become Fragrance Critic | परफ्यूम की दुनिया में करियर ऑप्शन
नई दिल्ली (Perfume Day). वैलेंटाइन वीक की खुमारी उतरने के बाद 17 फरवरी को ‘परफ्यूम डे’ मनाया जाता है. आमतौर पर लोग इस दिन को केवल खुशबू गिफ्ट करने या खुद को महकाने तक ही सीमित रखते हैं. लेकिन आज के दौर में परफ्यूम सिर्फ एक कॉस्मेटिक आइटम नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये की ग्लोबल इंडस्ट्री बन चुका है. अगर आपकी नाक तेज है और आप हवा में घुली हल्की सी महक को भी पहचान लेते हैं तो यह हुनर करियर के उस ऊंचे मुकाम पर ले जा सकता है, जहां ग्लैमर भी है और मोटी सैलरी भी.
महक से मिलेगी कामयाबी: परफ्यूमर और क्रिटिक बनने की पूरी गाइड
डिजिटल मीडिया में बढ़त से ‘फ्रेगरेंस ब्लॉगिंग’ का क्रेज भी बहुत तेजी से बढ़ा है. जानिए अपनी पसंद की महक को अपना प्रोफेशन कैसे बना सकते हैं और इस फील्ड में एंट्री लेने के लिए किन स्किल्स और कोर्सेज की जरूरत होगी.
कौन होता है ‘The Nose’ या प्रोफेशनल परफ्यूमर?
प्रोफेशनल परफ्यूमर रसायनों, फूलों के अर्क और प्राकृतिक तेलों के मेल से यूनीक खुशबू तैयार करने वाले एक्सपर्ट होते हैं. इन्हें ‘द नोज’ कहा जाता है क्योंकि इनके पास 2000 से ज्यादा अलग-अलग गंधों को याद रखने और उन्हें पहचानने की क्षमता होती है. इस प्रोफेशन में धैर्य और क्रिएटिविटी के संगम से अच्छा नाम बना सकते हैं. एक परफ्यूमर का काम सिर्फ अच्छी खुशबू पहचानना नहीं है, बल्कि उसे यह भी पता होना चाहिए कि किन 2 चीजों को आपस में मिलाने पर लंबे समय तक टिकने वाली नई खुशबू बनेगी.
परफ्यूमर बनने का रोडमैप और जरूरी कोर्सेज
अगर आप लैब में बैठकर काम करना चाहते हैं तो केमिस्ट्री (B.Sc Chemistry) का ज्ञान होना बहुत मददगार साबित होता है.
- FFDC कन्नौज: भारत में ‘फ्रेगरेंस एंड फ्लेवर डेवलपमेंट सेंटर’ इस क्षेत्र का सबसे प्रतिष्ठित सरकारी संस्थान है.
- मुंबई यूनिवर्सिटी: यहां से भी आप परफ्यूमरी और कॉस्मेटिक्स में डिप्लोमा कर सकते हैं.
- ISIPCA, फ्रांस: अगर आप ग्लोबल करियर चाहते हैं तो फ्रांस का यह संस्थान परफ्यूमरी की ‘हार्वर्ड यूनिवर्सिटी’ माना जाता है.
परफ्यूम क्रिटिक और ब्लॉगर: सूंघकर पैसे कमाने का डिजिटल तरीका
अगर आप केमिकल्स के साथ लैब में नहीं जूझना चाहते तो परफ्यूम क्रिटिक बनना बेस्ट है. परफ्यूम क्रिटिक का काम परफ्यूम के ‘नोट्स’ (Top, Heart, Base Notes) को समझकर उन्हें रिव्यू करना है.
- यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर परफ्यूम रिव्यू का बहुत बड़ा मार्केट है.
- ब्रांड्स रीच बढ़ाने के लिए इन क्रिटिक्स को लाखों रुपये की स्पॉन्सरशिप और फ्री प्रोडक्ट्स देते हैं.
- इसके लिए परफ्यूम से जुड़े टेक्निकल शब्दों की नॉलेज होनी चाहिए.
इसमें करियर बनाने के लिए अपनी नाक को ट्रेन कैसे करें?
परफ्यूम इंडस्ट्री में रातों-रात करियर बना पाना मुमकिन नहीं है. परफ्यूमर बनने के लिए आपको अपनी सूंघने की इंद्रियों को रोज एक्सरसाइज करानी होगी. रसोई के मसालों से लेकर बाहर के वातावरण तक, हर चीज की गंध को महसूस करें. एक डायरी बनाएं और लिखें कि आपने क्या सूंघा और वह आपको कैसा महसूस करा रहा है. आपकी ‘स्मेल मेमोरी’ जितनी तेज होगी, आप उतने ही बड़े एक्सपर्ट बनेंगे.
सैलरी और ग्रोथ की संभावनाएं
इस क्षेत्र में शुरुआत में ₹40,000 से ₹60,000 प्रति माह आसानी से मिल जाते हैं. जैसे-जैसे आपकी नाक की शक्ति और तजुर्बा बढ़ता है, सीनियर परफ्यूमर्स का पैकेज ₹20 लाख से ₹50 लाख सालाना तक पहुंच जाता है. वहीं, टॉप लेवल का परफ्यूम ब्लॉगर या व्लॉगर विज्ञापन और ब्रांड डील्स के जरिए इससे भी कहीं अधिक कमाई कर सकता है.
प्रो टिप: अच्छा क्रिटिक बनने के लिए परफ्यूम की लेयर्स को समझना जरूरी है. परफ्यूम सिर्फ एक खुशबू नहीं, बल्कि पूरा सफर है.
समझें परफ्यूम की भाषा
अगर आप परफ्यूम यानी खुशबू के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं तो इन शब्दों के अर्थ पता होने चाहिए:
- Notes (नोट्स): परफ्यूम 3 लेयर्स में काम करता है- Top Notes (लगाते ही आने वाली महक), Heart Notes (कुछ समय बाद आने वाली मुख्य महक) और Base Notes (जो अंत में लंबे समय तक टिकती है).
- Sillage (सिल्लेज): यह शब्द बताता है कि परफ्यूम लगाने के बाद आपके पीछे कितनी खुशबू हवा में बचती है. ‘स्ट्रॉन्ग सिल्लेज’ का मतलब है कि आपके कमरे से जाने के बाद भी वहां खुशबू रहेगी.
- Longevity (लॉन्गिविटी): यह बताता है कि कोई परफ्यूम त्वचा या कपड़ों पर कितने घंटों तक टिकता है.
- Dry-Down (ड्राई-डाउन): परफ्यूम लगाने के 30-40 मिनट बाद जब वह हवा के साथ रिएक्ट कर जाता है तो जो आखिरी खुशबू बचती है, उसे ‘ड्राई-डाउन’ कहते हैं.
- Accords (अकॉर्ड्स): जब दो या उससे अधिक नोट्स को मिलाकर एक नई खुशबू बनाई जाती है तो उसे ‘अकॉर्ड’ कहते हैं.
परफ्यूम में करियर को लेकर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल-जवाब
क्या परफ्यूमर बनने के लिए साइंस बैकग्राउंड जरूरी है?
लैब में रिसर्च के लिए केमिस्ट्री की जानकारी अच्छी रहती है. लेकिन ‘क्रिएटिव परफ्यूमर’ या ‘ब्लॉगर’ बनने के लिए सेंस ऑफ स्मेल और क्रिएटिविटी ज्यादा जरूरी है.
भारत में परफ्यूमरी सीखने के लिए सबसे अच्छी जगह कौन सी है?
उत्तर प्रदेश का कन्नौज (Fragrance and Flavor Development Centre – FFDC) इसके लिए सबसे मशहूर है.
क्या धूम्रपान (Smoking) करने वाले लोग परफ्यूमर बन सकते हैं?
आमतौर पर स्मोकिंग करने से सूंघने की शक्ति कमजोर हो जाती है. इसलिए प्रोफेशनल परफ्यूमर स्मोकिंग से बचते हैं.
परफ्यूम क्रिटिक के लिए शुरुआती प्लेटफॉर्म क्या होना चाहिए?
इंस्टाग्राम रील्स और यूट्यूब शॉर्ट्स सबसे अच्छे हैं. वहां आप 60 सेकंड में किसी परफ्यूम का ‘नोट’ और ‘सिल्लेज’ बता सकते हैं.
परफ्यूमरी में भविष्य कैसा है?
लग्जरी और पर्सनल केयर मार्केट तेजी से बढ़ रहा है. इसलिए अगले 10 सालों में इस फील्ड में प्रोफेशनल्स की मांग 20% तक बढ़ने की उम्मीद है.