Cancer Alert: How to identify cancer symptoms
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कैंसर के लक्षणों को आसानी से पहचान पाना मुश्किल होता है. इस बीमारी के लक्षण कई बार अन्य मामूली बीमारियों की तरह ही दिखते हैं, इसलिए अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. पर यही लक्षण अगर लगातार दिख रहे हैं तो इनमें से कुछ कैंसर भी हो सकता है. इसलिए कभी भी इन इस तरह की परेशानी हो तो इसे नजरअंदाज न करें.
कैंसर (Cancer) एक जानलेवा बीमारी है. दुनिया भर में सबसे ज्यादा मौतों का कारण बनने वाली बीमारियों में यह शामिल है. हालांकि यह अचानक हमला नहीं करता. शुरुआत से ही शरीर में कुछ प्रकार के संकेत दिखाई देने लगते हैं. यदि उन संकेतों को ध्यान से देखकर समय पर सतर्क हो जाएं, तो जान का खतरा टाला जा सकता है. लेकिन कैंसर के लक्षणों को पहचानना इतना आसान नहीं होता. इस बीमारी के लक्षण अक्सर अन्य सामान्य शारीरिक समस्याओं जैसे ही होते हैं, इसलिए लोग इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देते. फिर भी, अगर इस तरह के लक्षण कई दिनों तक लगातार बने रहें, तो सावधान हो जाना जरूरी है. आइए अब जानते हैं वे कौन-से लक्षण हैं.
थकान -शरीर हमेशा थका हुआ महसूस होता है. अक्सर हम कभी यह नहीं सोचते कि लगातार थकान कैंसर भी हो सकता है. लेकिन जब पर्याप्त आराम करने और एनर्जी देने वाला भोजन खाने के बाद भी शरीर में सुस्ती बनी रहती है और अगर यह लक्षण कई दिनों तक लगातार बना रहे, तो जांच जरूर करानी चाहिए. क्योंकि यह ल्यूकेमिया जैसे ब्लड कैंसर का एक प्रमुख लक्षण हो सकता है.
वजन कम होना-किसी भी तरह का कैंसर हो अगर बिना किसी वेट लॉस डाइट का पालन किए या बिना किसी शारीरिक गतिविधि किए अचानक वजन कम होने लगे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए. बिना किसी प्रयास के 5 से 10 किलो तक वजन कम हो जाना पेट, इसोफेगस (भोजन नली), फेफड़े और पैंक्रियास कैंसर का संकेत हो सकता है. हालांकि पेट की कुछ गंभीर बीमारियों में भी वजन कम हो जाता है. जो भी हो, अपने आप वजन कम होना मामूली बात नहीं है यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत है. इसलिए तुरंत डॉक्टर से दिखाएं.
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बाथरूम की आदतों में बदलाव-कई दिनों तक डायरिया या कब्ज रहना, मल में खून आना, पेशाब में खून या जलन होना , ये लक्षण प्रोस्टेट, बड़ी आंत (कोलन) या ब्लैडर कैंसर की ओर संकेत कर सकते हैं. अगर ये समस्याएं बार-बार और लगातार बनी रहें, तो समझ लेना चाहिए कि पाचन तंत्र या मूत्र मार्ग में कोई गंभीर समस्या हो सकती है.
निगलने में परेशानी-कभी-कभी छोटे खाद्य पदार्थों या तरल चीजों को भी निगलने में दिक्कत होती है. खाना खाने के बाद अगर लगातार सीने में जलन और अपच की समस्या बनी रहे, तो यह गले, इसोफेगस (भोजन नली) या पेट के कैंसर का संकेत हो सकता है. कुछ लोगों को गले में खराश लंबे समय से बनी रहती है लेकिन वे इसे डॉक्टर से नहीं दिखाते. ऐसी गलती आप न करें. गले में किसी तरह की दिक्कत हो डॉक्टर से अवश्य दिखाना चाहिए.
खांसी-हमेशा गला सूखा-सूखा महसूस होना, कई हफ्तों तक खांसी बने रहना, या खांसते समय खून आना, ये केवल इंफेक्शन नहीं बल्कि किसी गंभीर खतरे का संकेत हो सकते हैं. यह फेफड़ों, गले या थायरॉयड कैंसर का लक्षण भी हो सकता है. गले में बनी गांठें जलन पैदा करके खांसी को बढ़ा सकती हैं. इसमें ईएनटी के डॉक्टर से दिखाना चाहिए.
स्किन में बदलाव- स्किन पर असामान्य रूप से लाल चकत्ते पड़ना, खांसते या उल्टी करते समय खून आना, पेशाब या मल में खून दिखना ये सभी कैंसर के लक्षण हो सकते हैं. यदि ऐसे संकेत दिखाई दें, तो समझ लेना चाहिए कि पेट, बड़ी आंत, मूत्राशय या फेफड़ों के कैंसर का खतरा हो सकता है. स्किन में किसी भी तरह का बदलाव जैसे कि अगर तिल है और उसका रंग, रूप, आकार आदि में किसी तरह का बदलाव होता है तो यह कैंसर का संकेत हो सकता है. इसलिए त्वचा पर नजर बनाए रखना जरूरी है. कई बार बिना ध्यान दिए त्वचा पर छोटे-छोटे दाने या गांठें बन जाती हैं. ये त्वचा के रंग और आकार में बदलाव लाने के साथ खुजली का कारण भी बन सकती हैं. गर्दन, बगल या जांघों के पास आमतौर पर सूजन या संक्रमण की वजह से ऐसी छोटी गांठें बन सकती हैं. लेकिन कभी-कभी ये शरीर में असामान्य कोशिकाओं की वृद्धि का संकेत भी हो सकती हैं. यह ब्रेस्ट, टेस्टिकुलर या लिंफ से संबंधित कैंसर का लक्षण हो सकता है. अगर ये गांठें सख्त होकर धीरे-धीरे बढ़ने लगें, तो इसे कैंसर की गांठ माना जा सकता है.
ब्रेस्ट में बदलाव-अगर ब्रेस्ट में किसी तरह का बदलाव हो रहा है तो यह कैंसर हो सकता है. अगर ब्रेस्ट के किसी हिस्से में गांठ, निप्पल से चिपचिपा पदार्थ निकलना, ब्रेस्ट में दर्द होना, निप्पल के रंग, रूप या आकार में बदलाव होना, या ब्रेस्ट में किसी तरह का बदलाव हो तो तुरंत डॉक्टर से दिखाना चाहिए. वहीं <br />शरीर के हिस्सों में दर्द-कभी-कभी हड्डियां, अंडाशय, अग्न्याशय या अन्य आंतरिक अंगों में होने वाले कैंसर से शरीर के कमर, पीठ या घुटनों में लगातार दर्द महसूस होता है. यह दर्द अन्य सामान्य दर्दों की तरह कम नहीं होता. इसके बजाय, समय के साथ यह और बढ़ जाता है, जिसका मतलब होता है कि कैंसर कोशिकाएँ बढ़ रही हैं या शरीर पर दबाव डाल रही हैं.
रात में पसीना आना, बुखार या बार-बार संक्रमण-रात में पसीना आना, बुखार आना या बार-बार संक्रमण होना कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली का संकेत देता है. हालांकि, लिम्फोमा या ल्यूकेमिया जैसे कैंसर प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं. ये लक्षण सीधे कैंसर की पुष्टि नहीं करते, लेकिन शरीर में किसी न किसी समस्या होने का संकेत जरूर देते हैं.