Egg Devil Chop: टिफिन में कुछ अलग देना है तो बनाएं एग डेविल चॉप, डिब्बा होगा सफाचट, रोज होगा – ‘मम्मा वन्स मोर’!
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Egg Chop Recipe: सुबह के नाश्ते में रोज-रोज क्या बनाएं या बच्चों के टिफिन में क्या रखें, इसे लेकर परेशान हैं तो एग डेवल चॉप ट्राई कर सकते हैं. इसमें उबले अंडों को उबले और मैश किए आलू-मसाले के अंदर भरकर, बेसन में लपेटकर सेंका जाता है. स्वाद लाजवाब होता है और बनाने के लिए बहुत सामग्री नहीं चाहिए होती.
जमशेदपुर. झारखंड में सुबह-शाम के नाश्ते की अपनी अलग ही पहचान है. यहां मुड़ी-घुघनी, पकोड़े और चॉप की खुशबू गली-गली में महसूस की जा सकती है. इन्हीं पारंपरिक स्ट्रीट फूड में एक खास नाम है एग डेविल चॉप का, जो बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी का पसंदीदा स्नैक माना जाता है. अगर घर में बच्चे रोज-रोज बिस्कुट या वही पुराना टिफिन खाने से ऊब जाएं और कुछ अलग खाने की जिद करें, तो यह झारखंडी रेसिपी स्वाद और सेहत दोनों का बेहतरीन मेल साबित हो सकती है.
एग डेविल चॉप दरअसल बंगाल और झारखंड के सीमावर्ती इलाकों से लोकप्रिय हुआ व्यंजन है, जो आज जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो की ठेलियों से लेकर घरों की रसोई तक पहुंच चुका है. खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा महंगे सामान की जरूरत नहीं होती और घर की रसोई में मौजूद चीजों से ही स्वादिष्ट नाश्ता तैयार हो जाता है.
सबसे पहले अंडों को अच्छी तरह उबाल लें और ठंडा होने के बाद उन्हें लंबाई में बीच से काट लें. दूसरी तरफ उबले आलू को मैश कर उसमें बारीक कटा प्याज, चाहें तो बिना प्याज भी बना सकते हैं, हरी मिर्च, धनिया पत्ता, नमक, हल्दी, लाल मिर्च और थोड़ा सा भुना जीरा डालकर चोखा जैसा मसाला तैयार कर लें.
बाहर आलू-बेसन, अंदर एग
अब आधे कटे अंडे को इस आलू के मसाले से चारों ओर अच्छी तरह लपेट दें, ताकि अंडा पूरी तरह कवर हो जाए और टिक्की जैसा आकार बन जाए. इसके बाद बेसन का हल्का गाढ़ा घोल तैयार करें, जिसमें थोड़ा नमक और चुटकी भर अजवाइन डाल देने से स्वाद और बढ़ जाता है. तैयार टिक्की को बेसन के घोल में डुबोकर गर्म तेल में धीमी आंच पर तलें. कुछ ही मिनटों में बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम एग डेविल चॉप तैयार हो जाएगी.
चटनी के साथ परोसें
गरमागरम एग डेविल चॉप को टमाटर की चटनी या धनिया-पुदीना की चटनी के साथ परोसें. यह नाश्ता बच्चों के टिफिन के लिए भी बढ़िया है, क्योंकि इसमें अंडे का प्रोटीन और आलू की ऊर्जा दोनों मौजूद रहती है. झारखंड की सादगी भरी रसोई का यही स्वाद है. कम सामग्री, आसान तरीका और दिल जीत लेने वाला स्वाद. एक बार घर में बनाकर देखिए, बच्चे ही नहीं बड़े भी बार-बार इसे खाने की फरमाइश करेंगे.
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बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें