दिल्ली पुलिस पर कोर्ट की सख्ती; NRI की शिकायत पर की गई कार्रवाई पर स्टेटस रिपोर्ट तलब
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कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है. (फाइल फोटो)
दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने तुगलक रोड पुलिस स्टेशन के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) को 37 साल की एक NRI महिला की शिकायत पर डिटेल्ड एक्शन रिपोर्ट फाइल करने का निर्देश दिया है. महिला ने आरोप लगाया है कि पूर्व बीजेपी एमएलए विजय जॉली के बेटे पर मारपीट, यौन शोषण और क्रिमिनल धमकी के गंभीर आरोप लगाने के बाद भी पुलिस ने लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं की. ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) अरिदमन सिंह चीमा ने 9 फरवरी को शिकायतकर्ता के वकील की दलीलें सुनने के बाद कि SHO और डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) से संपर्क करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, SHO को यह साफ करने का निर्देश दिया कि क्या महिला से कोई शिकायत मिली थी और अगर मिली थी, तो क्या कदम उठाए गए.
कोर्ट ने खास तौर पर यह जानकारी मांगी है कि क्या पूछताछ या जांच के दौरान कोई कॉग्निजेबल ऑफेंस बना था, क्या कोई FIR दर्ज की गई थी और मामले की अभी क्या स्थिति है. अगर कोई कॉग्निजेबल ऑफेंस नहीं पाया गया, तो SHO से यह बताने के लिए कहा गया है कि क्या शिकायत करने वाले को इसकी सही जानकारी दी गई थी. मामले की अगली सुनवाई 13 अप्रैल, 2026 को होगी.
विजय जॉली ने बेटे पर लगे आरोपों को किया खारिज
इस बीच, दिल्ली से बीजेपी के पूर्व विधायक विजय जॉली ने ‘द ट्रिब्यून’ को बताया कि शिकायत करने वाली महिला और उनके बेटे के बीच रिश्ता आपसी सहमति से था. उन्होंने कहा, “दोनों बालिग हैं. मेरे बेटे को बहलाया गया था. जब शादी का प्रपोज़ल नहीं बना, तो वह गुस्सा हो गई और झूठे आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी.” जॉली ने आगे कहा कि वे केस लड़ेंगे और कोर्ट में एक्शन टेकन रिपोर्ट जमा होने के बाद मानहानि का केस करने पर विचार करेंगे.
कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
महिला ने मजिस्ट्रेट से FIR दर्ज करने और कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है. महिला का कहना है कि कथित अपराधों की रिपोर्ट दर्ज किए एक महीने से ज़्यादा हो गया है, लेकिन कोई फॉर्मल केस दर्ज नहीं किया गया है. शिकायत के मुताबिक, लंदन की रहने वाली एक महिला ने 8 जनवरी को शाम करीब 4.20 बजे तुगलक रोड पुलिस स्टेशन जाकर कथित तौर पर मारपीट, यौन शोषण और धमकियों की बार-बार होने वाली घटनाओं की रिपोर्ट की. आरोप है कि आधी रात के बाद तक पुलिस स्टेशन में रहने और डिजिटल सबूत जमा करने के बावजूद, कोई FIR दर्ज नहीं की गई.
पीड़िता का पुलिस पर आरोप
महिला ने दावा किया कि उसे न तो डायरी नंबर दिया गया और न ही उसकी शिकायत की कोई फॉर्मल रसीद दी गई, सिवाय एक स्टाम्प लगी रसीद के. इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर बिना कोई फॉर्मल प्रोसेस पूरा किए पुलिस स्टेशन से चले गए. अगले दिन FIR दर्ज करने का ज़ुबानी भरोसा देने के बावजूद, कोई कार्रवाई नहीं हुई. शिकायत करने वाली और उसके वकील ने बाद में इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें