नौकरी के नाम पर 7 साल तक दरिंदगी, दुर्ग में 7 गिरफ्तार, फॉरेंसिक जांच तेज
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छत्तीसगढ़ के दुर्ग में नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. नौकरी दिलाने का झांसा देकर सात साल तक शोषण के आरोप हैं. जांच में सरकारी गाड़ियों और रेस्ट हाउस के इस्तेमाल की बात सामने आई है. पुलिस ने दो वाहन और मोबाइल जब्त कर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है.

दुर्ग में हैवानियत का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है.
दुर्ग. जिले में नाबालिग के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और लंबे समय तक शोषण का मामला छत्तीसगढ़ में चर्चा में है. पीड़िता की शिकायत के बाद दर्ज एफआईआर और अब तक की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. आरोप है कि नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसे जाल में फंसाया गया और सात साल तक डर, दबाव और ब्लैकमेल के जरिए उसका शोषण किया गया. इस दौरान कथित तौर पर सरकारी कार्य में लगी गाड़ियों और रेस्ट हाउस का उपयोग भी किया गया. पुलिस ने अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और इलेक्ट्रॉनिक व दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. गिरफ्तार आरोपियों में विजय स्वाइन, अनिल चौधरी, गोविंद सिंह नागवंशी, कृपा शंकर उर्फ राजू कश्यप, अमित वर्मा, भीमनारायण पांडे और संजय पंडित शामिल हैं.
आरोपों के मुताबिक, PWD विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी, कारोबारी, BJP सांसद का पूर्व पीए ने शोषण किया. मामले की गंभीरता इस बात से भी समझी जा सकती है कि जांच एजेंसियां कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, वाहन लॉगबुक और रेस्ट हाउस रजिस्टर की पड़ताल कर रही हैं. बीएन पांडे और संजय पंडित ने कोर्ट में सरेंडर किया था. दो दिन की पुलिस रिमांड के बाद दो मुख्य आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है. जब्त किए गए वाहनों और मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया चल रही है. पुलिस का कहना है कि जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
2018 से दुर्ग में हो रहा था शोषण
महिला थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार पीड़िता वर्ष 2018 में अपनी मां के साथ दुर्ग आई थी. मां को घरेलू काम दिलाया गया और रहने के लिए क्वार्टर उपलब्ध कराया गया. आरोप है कि इसी दौरान विभाग से जुड़े कुछ लोगों ने उसे धमकाकर दुष्कर्म किया. बाद में नौकरी दिलाने का लालच देकर अलग अलग स्थानों, खासकर रेस्ट हाउस में बुलाया जाता रहा. पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ कई बार सामूहिक दुष्कर्म हुआ और विरोध करने पर बदनाम करने की धमकी दी गई.
दुर्ग, उतई, पाटन और कवर्धा सहित विभिन्न स्थानों पर हुआ अपराध, डिजिटल साक्ष्यों की जांच
एफआईआर के अनुसार 2018 से 2025 के बीच दुर्ग, उतई, पाटन और कवर्धा सहित विभिन्न स्थानों पर अपराध होने के आरोप हैं. पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने प्रभाव और पद का डर दिखाकर उसे चुप रहने पर मजबूर किया. व्हाट्सऐप पर फोटो और वीडियो की मांग कर वायरल करने की धमकी दी गई. पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है और कॉल डिटेल विश्लेषण कराया जा रहा है.
2 मोबाइल बरामद, फॉरेंसिक जांच से होगा बड़ा खुलासा
13 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर के बाद दो आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया. पूछताछ में उनकी निशानदेही पर कार CG 07 AU 352 और इंडिगो CG 07 AT 7047 जब्त की गई. दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं. 15 फरवरी को दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल भेज दिया गया. पुलिस का कहना है कि जब्त सामग्री का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जाएगा. अब तक कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. पुलिस के अनुसार अन्य इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं. जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि कथित तौर पर सरकारी परिसंपत्तियों का दुरुपयोग कैसे हुआ.
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सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्थानों में सजग जिम्मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें