‘मेरे पेट में पल रहा बच्चा तुम्हारा है’, महिला टीचर और 9वीं क्लास के छात्र की कहानी सुनकर जज के उड़े होश | child growing in my womb is yours female teacher student love story julie rizzitello case usa judge decision
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Female Teacher and Student Love Story: अमेरिका के न्यू जर्सी में एक महिला स्कूल टीचर की कहानी ने पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है. पूर्व अंग्रेजी शिक्षिका जूली रिजिटेलो को अपने ही दो छात्रों के साथ यौन शोषण और उन्हें ‘ग्रूम’ करने के जुर्म में 10 साल की सजा सुनाई गई है. शिक्षिका की संबंध बनाने की सनक इस हद तक था कि उसने एक छात्र को गर्भवती होने तक का झांसा दिया. उसने उस छात्र को सहा कि मेरे पेट में पल रहा बच्चा पति का नहीं बल्कि तु्म्हारा है. इस मामले में अब कोर्ट ने सजा सुनाई है. जानिए कैसे स्कूल टीचर ने छात्र को संबंध बनाने के लिए मजबूरर किया.

महिला टीचर ने दो नाबालिग बच्चों से बनाए शारीरिक संबंध (photo-Julie Rizzitello)
शिक्षा के मंदिर में स्कूल की एक महिला टीचर ने ऐसे कारनामे किए हैं, जिससे जज साहब भी हिल गए. इस स्कूल टीचर की कहानी जैसे ही दुनिया के सामने आई, लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं. यह घटना शिक्षा के मंदिर में होने वाले अपराध की एक ऐसी कहानी बयां कर रहा है, जिससे हर मां-बाप अंजान रहता है. अमेरिका के न्यू जर्सी में एक महिला टीचर ने 9वीं क्लास के बच्चे के साथ पहले जबरदस्ती की और फिर ब्लैकमेल कर उसके साथ संबंध बना लिए. वॉल टाउनशिप हाई स्कूल की 37 वर्षीय पूर्व अंग्रेजी शिक्षिका जूली रिजिटेलो को दो छात्रों के साथ यौन संबंध बनाने और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप में 10 साल जेल की सजा सुनाई गई है. जानिए कोर्ट ने इस मामले को ‘ग्रूमिंग’ और विश्वासघात का सबसे घृणित उदाहरण क्यों करार दिया है.
जूली ने साल 2017 में एक छात्र को उस समय निशाना बनाना शुरू किया जब वह नौवीं कक्षा का छात्र था. जूली ने सबसे पहले छात्र का धीरे-धीरे विश्वास जीता और उसे अपने प्रभाव में ले लिया. दिन-रात वह लड़के को पढ़ाई के बहाने घर बुलाती. लडके से घंटों बातें करती रहती. साल 2018 में छात्र के जन्मदिन पर जूली ने उसे असुरक्षित शारीरिक संबंध बनाने के लिए राजी कर लिया.
गर्भपात का दावा और छात्र का भावनात्मक उत्पीड़न
इस घटना के कुछ ही दिन बाद जूली ने छात्र को बताया कि वह गर्भवती हो गई है. जूली ने बताया कि उसके पेट में पल रहा बच्चा उसके पति का नहीं तुम्हारा है. जूली रिजिटेलो ने उस बच्चे को यह बोलकर संबंध बनाने लगी. उसकी क्रूरता यहीं खत्म नहीं हुई. उसने किशोर छात्र को विश्वास दिलाया कि उसके गर्भ में पल रहा बच्चा उसी का है. उसने दावा किया कि वह अपने पति के साथ शारीरिक संबंध नहीं बना रही थी, इसलिए गर्भधारण की टाइमिंग छात्र के साथ हुई मुलाकात से पूरी तरह मेल खाती है.
गर्भपात के बहाने छात्र का शोषण किया
एक दिन अचानक उसने छात्र को सूचना दी कि उसने गर्भपात (Abortion) करा लिया है. इस खुलासे ने छात्र को भावनात्मक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया. वह बच्चा खोने के दुख और अपराधबोध के साथ वर्षों तक मानसिक प्रताड़ना झेलता रहा. बच्चे की मानसिक स्थिति का जब उसके घरवालों को पता चला तो महिला टीचर के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया गया.
जज की कड़ी टिप्पणी
अब इस मामले में कोर्ट ने सजा सुना दिया है. सजा सुनाते समय जज ने जूली के व्यवहार की कड़ी निंदा की. कोर्ट ने कहा कि एक शिक्षिका होने के नाते उसकी जिम्मेदारी छात्रों की सुरक्षा करना थी, लेकिन उसने अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर उन्हें अपना शिकार बनाया. जज ने टिप्पणी की कि ‘ग्रूमिंग’ का यह व्यवहार पीड़ितों के दिमाग पर गहरा मनोवैज्ञानिक घाव छोड़ता है, जिससे उबरने में उन्हें पूरी जिंदगी लग सकती है.
पीड़ितों का दर्द और कोर्ट का फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान पीड़ितों ने बताया कि कैसे इस घटना ने उनके आत्मविश्वास, रिश्तों और मानसिक स्वास्थ्य को तबाह कर दिया. जूली ने अदालत में अपना गुनाह कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई गई. इसके साथ ही सजा पूरी होने के बाद भी वह आजीवन पैरोल की निगरानी में रहेगी और उसका नाम यौन अपराधियों की सूची (Sex Offender Registry) में दर्ज रहेगा. यह मामला न केवल अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है, जो स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा और शिक्षकों के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाता है.
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भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें