Gardening Tips | How to Grow Clove Plant at Home | लौंग का पौधा कैसे तैयार करें | लौंग की नर्सरी कैसे तैयार करें |
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Grow Clove Plant at Home: लौंग का पौधा उगाने की कोशिश अक्सर नाकाम हो जाती है क्योंकि इसके बीज जल्दी खराब हो जाते हैं. लेकिन हम आपको एक ऐसी तकनीक बताएंगे जिससे आप आसानी से इन्हें घर पर उगा सकते हैं. इस विधि से तैयार किए गए पौधे एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होते हैं और उनमें बीमारियों से लड़ने की क्षमता अधिक होती है. अगर आप भी अपने घर को मसालों की खुशबू से महकाना चाहते हैं, तो जानिए कैसे आप घर पर आसानी से एक प्रीमियम क्वालिटी का लौंग का प्लांट तैयार कर सकते हैं.
Grow Clove Plant at Home: अगर आप भी अपने बगीचे या गमलों में मसालों के पौधे लगाना चाहते हैं, तो सबसे पहले एक स्वस्थ प्लांट तैयार करना जरूरी है. अच्छी क्वालिटी का पौधा ही आगे चलकर बेहतर ग्रोथ देता है. लेकिन लौंग के मामले में ये बात थोड़ी ध्यान रखने वाली होती है. क्योंकि अक्सर बीमारियां और फंगस पौधे को पनपने नहीं देते, लेकिन एलोवेरा के इस्तेमाल से आप एक निरोगी और मजबूत प्लांट तैयार कर सकते हैं. इस विधि से पौधा न सिर्फ तेजी से बढ़ता है, बल्कि उसे प्राकृतिक सुरक्षा भी मिलती है.
प्लांट तैयार करने के लिए जरूरी सामान
लौंग का प्लांट तैयार करने के लिए आपको बहुत ज्यादा तामझाम की जरूरत नहीं पड़ती. आपको बस एक अच्छी क्वालिटी की लौंग (फूल वाली), ताजी एलोवेरा की पत्तियां, वर्मी कंपोस्ट या कोकोपीट और एक छोटी नर्सरी पॉलिथीन की आवश्यकता होगी. अच्छी क्वालिटी की लौंग का चुनाव करना सबसे अहम है क्योंकि वही आपके पौधे की नींव बनेगी.
सबसे पहले एलोवेरा की पत्ती को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें. इसके बाद लौंग के निचले हिस्से को एलोवेरा के इन टुकड़ों के अंदर धंसा दें. अब एक छोटी पॉलिथीन में कोकोपीट या वर्मी कंपोस्ट खाद भरें और एलोवेरा सहित उस लौंग को उसमें लगा दें. ऊपर से दोबारा हल्की खाद डालकर उसे ढक दें और हल्के पानी का छिड़काव करें. अंत में नमी बनाए रखने के लिए इसे एक पन्नी से कवर कर दें. करीब 15 से 20 दिनों के भीतर आपको इसमें से नन्हा पौधा निकलता हुआ दिखाई देने लगेगा.
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एलोवेरा के इस्तेमाल के बड़े फायदे
शहंशाह आलम बताते हैं कि एलोवेरा का उपयोग करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह एक नेचुरल फंगीसाइड के रूप में काम करता है. चूंकि एलोवेरा एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है, इसलिए यह लौंग के नाजुक अंकुरों को सड़ने से बचाता है. इसके अलावा, एलोवेरा से पौधे को अतिरिक्त ऊर्जा मिलती है, जिससे उसकी जड़ें तेजी से फैलती हैं और पौधा स्वस्थ रहता है.
कब करें पौधों का स्थायी रोपण?
जब आपका प्लांट 40 दिन का हो जाए, तब इसे नर्सरी पॉलिथीन से बाहर निकालने का सही समय होता है. इस समय तक पौधा पर्याप्त मजबूत हो जाता है कि उसे आप अपने गमले, घर के बगीचे या खेत की जमीन में लगा सकें. इस आसान विधि को अपनाकर आप न सिर्फ लौंग, बल्कि इलायची जैसे अन्य कीमती पौधों के प्लांट भी अच्छी तरीके से तैयार कर सकते हैं.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें