Rajpal Yadav Case Hearing: राजपाल यादव को दोपहर 3 बजे तक का मिला समय, जानिए कोर्ट ने उनकी रिहाई के लिए क्या कहा?

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राजपाल यादव के लिए आज का दिन कानूनी और व्यक्तिगत तौर पर किसी बड़ी परीक्षा से कम नहीं है. चेक बाउंस के एक पुराने और पेचीदा मामले में फंसी उनकी जमानत याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने बेहद कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया है. अदालत ने उनकी रिहाई को सीधे तौर पर 1.5 करोड़ रुपये के भुगतान से जोड़ते हुए दोपहर 3 बजे की एक सख्त ‘डेडलाइन’ तय कर दी है.

Rajpal Yadav Case Hearing: राजपाल यादव को दोपहर 3 बजे तक का मिला समयZoom

राजपाल यादव का यह कानूनी संकट साल 2010 से जुड़ा है.

नई दिल्ली. बॉलीवुड के बेहतरीन कॉमेडियंस में शुमार राजपाल यादव, जो अपनी टाइमिंग से दर्शकों को हंसाने के लिए जाने जाते हैं, इन दिनों असल जिंदगी में समय (डेडलाइन) के साथ एक कठिन जंग लड़ रहे हैं. चेक बाउंस से जुड़े एक पुराने वित्तीय विवाद ने उनकी मुश्किलें इस कदर बढ़ा दी हैं कि अब उनकी आजादी एक ‘डिमांड ड्राफ्ट’ पर टिकी हुई है. सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट में हुई सुनवाई ने इस मामले को एक बेहद नाटकीय मोड़ पर ला खड़ा किया है.

अदालत का सख्त रुख
सोमवार को जब राजपाल यादव की जमानत याचिका दिल्ली हाई कोर्ट के सामने आई, तो अदालत का रुख बेहद स्पष्ट और सख्त था. अदालत ने अभिनेता की अंतरिम जमानत को सीधे तौर पर वित्तीय भुगतान से जोड़ दिया. न्यायमूर्ति ने राजपाल यादव के वकील को निर्देश दिया कि यदि वे आज दोपहर 3 बजे तक प्रतिवादी के नाम पर 1.5 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट (DD) पेश कर देते हैं, तो अभिनेता की रिहाई का रास्ता साफ हो जाएगा.

राजपाल यादव मामले में सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा-

‘अगर आप DD आज दोपहर 3 बजे तक जमा कर देते हैं, तो हम आपको रिहा कर देंगे. अगर नहीं कर पाए तो हम कल सुबह इस मामले पर सुनवाई करेंगे.’

क्या है पूरा विवाद?
राजपाल यादव का यह कानूनी संकट साल 2010 से जुड़ा है. उन्होंने अपनी निर्देशन में बनी पहली फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए एक दिल्ली आधारित कंपनी से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. आरोप है कि इस रकम को चुकाने के लिए उन्होंने जो चेक दिए थे, वे बैंक में बाउंस हो गए. इसके बाद यह मामला निचली अदालत से होता हुआ हाई कोर्ट तक पहुंचा. अभिनेता को पहले भी इस मामले में जेल की सजा काटनी पड़ी थी और अब एक बार फिर ‘अंतरिम जमानत’ के लिए उन्हें भारी-भरकम राशि जमा करने का आदेश मिला है.

जेल या बेल?
3 बजे की यह समयसीमा राजपाल यादव की टीम के लिए किसी ‘अग्निपरीक्षा’ से कम नहीं है. बैंकिंग घंटों और इतनी बड़ी राशि का तत्काल प्रबंधन करना किसी भी व्यक्ति के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है. यदि अभिनेता की लीगल टीम समय पर डिमांड ड्राफ्ट पेश नहीं कर पाती है, तो नियम के मुताबिक उन्हें कम से कम एक और रात सलाखों के पीछे बितानी होगी और मंगलवार सुबह फिर से नई उम्मीद के साथ अदालत का दरवाजा खटखटाना होगा.

करियर पर प्रभाव
एक कलाकार के तौर पर राजपाल यादव की साख हमेशा मजबूत रही है, लेकिन बार-बार कानूनी पचड़ों में फंसने से उनके करियर और ब्रांड वैल्यू पर असर पड़ना लाजमी है. चेक बाउंस के मामलों में कानून अब पहले से कहीं ज्यादा सख्त हो गया है, जहां ‘क्रेडिबिलिटी’ ही एकमात्र बचाव होती है.

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Pratik Shekhar

Pratik Shekhar is leading the entertainment section in News18 Hindi. He has been working in digital media for the last 12 years. After studying from Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Co…और पढ़ें

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