रोमांटिक मूवी में हीरो ने जबरन रखवाया एक्शन सीन, प्रोड्यूसर हुआ नाराज, मूवी ने रचा इतिहास – shah rukh khan shoot fight scene dilwale dulhania le jayenge movie forcibly aditya chopra got angry pathbreaking film create history turn blockbuster
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Bollywood All Time Blockbuster Movie : प्रोड्यूसर-डायरेक्टर म्यूजिकल-रोमांटिक फिल्म बना रहे थे. फिल्म की शूटिंग लगभग खत्म होने वाली थी. हीरो ने एक्शन सीन रखने की मांग तो डायरेक्टर-प्रोड्यूसर ने खारिज कर दिया. हीरो ने कैमरामैन को साथ में लेकर एक टेक में एक्शन सीन शूट कर लिया. जब डायरेक्टर ने इसे देखा तो नाराजगी जाहिर की. लंबी जद्दोजहद के बाद फिल्म में एक फाइट सीन रख लिया गया. मूवी ने रिलीज होते ही इतिहास रच दिया. अगर आग सिनेमाप्रेमी हैं तो इस फिल्म को आपने जरूर देखा होगा. फिल्म की गिनती हिंदी सिनेमा की मस्ट वॉच मूवी में होती है. यह फिल्म कौन सी थी, आइये जानते हैं…..
साल था 1993-94 की बात है. डायरेक्टर-प्रोड्यूसर एक म्यूजिकल रोमांटिक फिल्म बना रहे थे. फिल्म में एक भी फाइट सीन नहीं थी. उधर हीरो की बड़ी इच्छा थी कि मूवी में कोई फाइट सीन हो. हीरो ने कैमरामैन को लेकर एक फाइट सीन शूट कर लिया. जब डायरेक्टर-प्रोड्यूसर को पता चला तो नाराजगी जाहिर की. खैर किसी तरह से हीरो ने उन्हें मनाया. फिल्म का एक मात्र फाइट सीन मूवी में रख लिया गया. मूवी जब रिलीज हुई तो इतिहास ही रच दिया. हम बात कर रहे हैं 20 अक्टूबर 1995 को रिलीज हुई ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ फिल्म की. उस फिल्म की जिसने शाहरुख खान-काजोल को रातोंरात सुपरस्टार बनाया. वो फिल्म जिसका नाम लिए बिना हिंदी सिनेमा अधूरा है. इस फिल्म का एकमात्र फाइट सीन शाहरुख खान ने अपनी जिद पर रखवाया था. आइये जानते हैं दिलचस्प किस्सा……
‘दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे’ को ज्यादातर सिनेप्रेमी ‘डीडीएलजे’ के नाम से जानते हैं. यह ऐसी फिल्म है जिसमें भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्योहारों का संयोजन है. बतौर डायरेक्टर आदित्य चोपड़ा की यह पहली फिल्म थी. आदित्य चोपड़ा प्रोड्यूसर यश चोपड़ा के बेटे हैं. यह फिल्म मस्ट वॉच फिल्म की लिस्ट में शामिल है. कहा जाता है कि हर किसी को अपनी जिंदगी में एक बार यह मूवी जरूर देखनी चाहिए. फिल्म में शाहरुख खान, काजोल, अमरीश पुरी लीड रोल में नजर आए थे. इसके अलावा, फरीदा जलाल, अनुपम खेर, परमीत सेठी, मंदिरा बेदी, करण जौहर जैसे सितारे सपोर्टिंग रोल में थे.
फिल्म की स्टोरी-स्क्रीनप्ले आदित्य चोपड़ा ने लिखा था. फिल्म को यश चोपड़ा ने प्रोड्यूस किया था. फिल्म का सदाबहार म्यूजिक जतिन-ललित ने कंपोज किया था. फिल्म का म्यूजिक सबसे मेलोडियस संगीत में शामिल है. कुल 7 गाने फिल्म में रखे गए थे. सभी गाने ब्लॉकबस्टर थे. हर म्यूजिक सेंटर पर इसी फिल्म के कैसेट की डिमांड थी.
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डीडीएलजे में सिर्फ एक फाइट सीन था. यह फाइट सीन भी शाहरुख खान ने जबर्दस्त रखवाया था. शाहरुख खान ने अपने एक इंटरव्यू में इसका खुलासा किया था. उन्होंने बताया था, ‘आदित्य चोपड़ा एक भी फाइट सीन फिल्म में नहीं चाहते थे. मैंने झगड़कर वो फाइट सीन परमीत सेठी के साथ शूट किया. यश चोपड़ा और आदि बहुत नाराज हुए. आखिरकार उन्होंने वो सीन फिल्म में रख लिया.’
फिल्म का हर सीन आइकॉनिक था. फिल्म अपने समय से बहुत आगे की थी. पूरी तरह से रोमांटिक थी. फिल्म का म्यूजिक जतिन-ललित ने दिया था. फिल्म की कहानी, म्यूजिक सब कुछ बेमिसाल था. आज तक इस फिल्म के गाने लोगों के दिल से नहीं उतरे हैं. जतिन-ललित को यश चोपड़ा से मिलवाने का श्रेय आशा भोंसले को जाता . आशा भोसले ने ही यश चोपड़ा की वाइफ पामेला चोपड़ा को फोन किया था और कहा था कि जतिन ललित नाम के लड़के बहुत ही शानदार संगीत बनाते हैं. आप इन्हें एक बार मौका दीजिए. यह बात 1993-94 के आसपास की रही होगी. कुछ दिन बाद यशराज फिल्म्स से फोन आया.
उन दिनों जतिन ललित सनी सुपर साउंड में एक फिल्म एक गाने की रिकॉर्डिंग कर रहे थे. जब उन्हें पता चला कि यशराज फिल्म से फोन आया है तो उन्होंने अपने प्रोड्यूसर से बात की और रिकॉर्डिंग को होल्ड करके यशराज फिल्म्स के ऑफिस पहुंचे. पहली सिटिंग सिर्फ एक घंटे के लिए तय हुई थी लेकिन पूरे तीन घंटे चली. पहली सिटिंग में ही जतिन-ललित ने ‘मेहंदी लगाकर रखना, डोली सजा के रखना’ गाना सुनाया था. तब आदित्य चोपड़ा ने उन्हें यह नहीं बताया था कि वो कौन सी फिल्म बना रहे हैं. दिलचस्प बात यह भी है कि ‘मेहंदी लगाके रखना’ गाने के डमी बोल ‘मेहंगी लगा के चला, पायल बजा के चलना’ थे जिन्हें बदलकर गीतकार आनंद बख्शी ने ‘मेहंदी लगाके रखना, डोली सजा के रखना’ किया था.
फिल्म के एक और मेलोडियस सॉन्ग ‘रुक जा ओ दिल दीवाने पूछूं तो मैं जरा’ से जुड़ा किस्सा बेहद दिलचस्प है. इस गाने के लिए स्टूडियो में जतिन-ललित सिंगर उदित नारायण का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. उन दोनों उदित नारायण बहुत बिजी थे. यही कहते रहे कि मैं अभी स्टूडियो पहुंच रहा हूं, अभी स्टूडियो पहुंच रहा हूं. ऐसा करते-करते करीब 2 घंटे बाद स्टूडियो पहुंचे. जब वह स्टूडियो पहुंचे तो उन्होंने इस गाने को गया लेकिन जतिन-ललित खुश नहीं थे. ऐसे में दोनों के बीच में बहस हो गई. फिर उदित नारायण ने अपना गुस्सा शांत किया. मुंह धोया और एक कपो चाय पी. इसके बाद वही गाना फिर से रिकॉर्ड किया. इतनी बुलंद आवाज में गाया कि उनका चेहरा लाल पड़ गया. यह गाना आज भी सुनने में बहुत अच्छा लगता है.
‘रुक जा ओ दिल दीवाने पूछूं तो मैं जरा’ इस गाने की शुरुआत में पियानो आपको सुनाई देता है. वह पियानो शाहरुख खान बजाते हुए नजर आए थे. सच यह है कि यह पियानो आदित्य चोपड़ा ने ही बजाया था. कई पियानिस्ट ने इसे बजाया लेकिन आदित्य चोपड़ा को पसंद नहीं आया. फिर उन्होंने खुद ही इसे बजाया. आदित्य चोपड़ा को म्यूजिक की बहुत गहरी समझ थी. बचपन में उन्होंने म्यूजिक भी सीखा था.
करीब 4 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 103 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. यह बॉलीवुड की सबसे बेस्ट फिल्मों में से एक है. डीडीएलजे को एक नेशनल अवॉर्ड और 10 फिल्मफेयर अवॉर्ड समेत कुल 15 अवॉर्ड मिले थे. डीडीएलजे ने उस समय सभी बॉलीवुड फिल्मों का रिकॉर्ड तोड़ दिया था.