Travel Omens in Astrology। यात्रा में मिलने वाले शुभ-अशुभ संकेत
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Travel Omens: कभी आपने गौर किया है जब कोई यात्रा बहुत अच्छी निकलती है तो हम मुस्कुराते हुए कहते हैं, “आज तो अच्छा शगुन था.” और अगर रास्ते में दिक्कतें आ जाएं तो मन ही मन सोचते हैं, “पता नहीं किसका चेहरा देखकर निकले थे.” यह बात भले हल्की-फुल्की लगे, लेकिन भारतीय परंपरा में घर से निकलते समय दिखने वाले संकेतों को गंभीरता से लिया गया है. ज्योतिष और लोकविश्वास दोनों ही मानते हैं कि यात्रा सिर्फ एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाना नहीं, बल्कि ऊर्जा और मनःस्थिति का भी परिवर्तन है. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.
यात्रा से पहले संकेत: परंपरा और मनोविज्ञान का मेल हिंदू परंपरा में यात्रा शुरू करने से पहले दही-चीनी खाना, पानी पीना या भगवान का नाम लेकर निकलना आम बात है. हमारे घरों में आज भी मां या दादी कहती हैं, “कुछ मीठा खाकर जाओ.” इसका सीधा संबंध मन की स्थिरता और सकारात्मक ऊर्जा से जोड़ा जाता है. शास्त्रों के अनुसार, यात्रा की शुरुआत में दिखने वाले दृश्य मन की स्थिति का प्रतीक माने जाते हैं. अगर निकलते ही कुछ अच्छा दिख जाए, तो व्यक्ति आत्मविश्वास से भर जाता है. वहीं कोई नकारात्मक दृश्य मन में हल्की आशंका पैदा कर देता है. मनोवैज्ञानिक इसे Psychological Priming कहते हैं. यानी शुरुआत में मिला संकेत पूरे दिन के व्यवहार और निर्णयों को प्रभावित कर सकता है.
घर से निकलते समय दिखने वाले शुभ संकेत पशु और वस्तुओं से जुड़े संकेत अगर घर से निकलते समय मोर दिखाई दे जाए, तो इसे सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. नेवला दिखना भी कई जगह शुभ संकेत माना गया है. वहीं गाय-बछड़ा या नीली गाय दिखना समृद्धि और सफलता का संकेत समझा जाता है.
पानी से भरा बर्तन रास्ते में पानी से भरा बर्तन दिख जाए या दूध वाला सामने से आ जाए, तो इसे भी अच्छा शगुन माना जाता है. गांवों में आज भी लोग कहते हैं कि “भरा घड़ा” समृद्धि का प्रतीक है.
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कुंवारी लड़की या नवविवाहिता महिला इसी तरह कुंवारी लड़की या नवविवाहिता महिला का दिखना भी शुभ संकेत माना जाता है. लोकविश्वास के अनुसार, यह नए आरंभ और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है.
पक्षियों से जुड़े संकेत अगर मैना सामने से बोलती हुई दिखे तो इसे लाभ और सुख का संकेत कहा जाता है. वहीं अगर मैना पीछे से बोले तो यह किसी पुराने मित्र से मुलाकात का इशारा माना जाता है. बाईं ओर सूखे पेड़ पर बैठा तोता बोल दे, तो इसे बड़ी सफलता का संकेत माना गया है. पक्षियों का शांत झुंड देखना धन और संतुष्टि का प्रतीक समझा जाता है.
दाहिनी ओर मुर्गे की बांग सुनाई दे तो समृद्धि का संकेत माना जाता है. नीली चिड़िया दिखना शुभ समाचार की आहट समझी जाती है. गाय का दाहिनी ओर पैर फैलाना भी कार्य में सफलता का संकेत बताया गया है. प्राचीन समय में पक्षियों को प्रकृति का दूत माना जाता था. उनके व्यवहार को देखकर मौसम और परिस्थितियों का अंदाजा लगाया जाता था, इसलिए धीरे-धीरे इन्हें भविष्य संकेतों से जोड़ दिया गया.
यात्रा के दौरान माने जाने वाले अशुभ संकेत हालांकि हर संकेत को डर की नजर से नहीं देखना चाहिए, लेकिन शास्त्रों में कुछ बातों को सावधानी का इशारा माना गया है. -पक्षियों का अचानक भयभीत होकर उड़ जाना -खाली घड़ा या सूखा कुआं दिखना -रास्ते में रोते हुए व्यक्ति से सामना -टूटे बर्तन या गिरा हुआ सामान दिखाई देना इन संकेतों को विघ्न, देरी या बाधा का प्रतीक माना गया है. गांवों में आज भी बुजुर्ग ऐसी स्थिति में थोड़ी देर रुकने या पानी पीकर फिर से निकलने की सलाह देते हैं.