हिंदी सिनेमा-टीवी में शोमा आनंद की पहचान और बदलाव की कहानी

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नई दिल्ली.  हिंदी फिल्म इंडस्ट्री समय के साथ लगातार बदलती रही है. कहानियों का अंदाज बदला, किरदारों की परिभाषा बदली और दर्शकों की पसंद भी. लेकिन इसी बदलाव के बीच कुछ कलाकार ऐसे भी रहे, जिन्होंने खुद को इस दौड़ से अलग रखना बेहतर समझा. उन्हीं में से एक हैं शोमा आनंद, जिन्होंने अपने दौर में सफलता और लोकप्रियता दोनों देखीं, लेकिन बदलते सिनेमा से खुद को कभी पूरी तरह जोड़ नहीं पाईं.

16 फरवरी 1958 को मुंबई में जन्मीं शोमा आनंद ने 70 और 80 के दशक के उस दौर में कदम रखा, जब फिल्मों का केंद्र परिवार, रिश्ते और भावनाएं हुआ करते थे. उस समय की कहानियों में संवेदनाएं गहरी होती थीं और किरदार दर्शकों के दिल से जुड़ जाते थे. शोमा ने अपने करियर की शुरुआत इसी माहौल में की और बहुत जल्दी अपनी अलग पहचान बना ली.

शोमा आनंद ने साल 1976 में फिल्मों में एंट्री की और शुरुआती दौर में बतौर लीड एक्ट्रेस काम किया. वह दिवंगत अभिनेता ऋषि कपूर के साथ भी नजर आईं, जिससे उन्हें इंडस्ट्री में मजबूती मिली. इसके बाद उन्होंने कई बड़े सितारों के साथ काम किया और धीरे-धीरे एक भरोसेमंद अभिनेत्री के रूप में स्थापित हो गईं.

साइड रोल्स में सिमटीं शोमा आनंद

लीड एक्ट्रेस के तौर पर करियर की शुरुआत करने के बाद शोमा आनंद धीरे-धीरे सपोर्टिंग रोल में घिसकती चली गईं. समय के साथ उनके किरदार भी बदलते गए और वो सपोर्टिंग रोल में नजर आने लगीं. वो खासतौर पर पारिवारिक फिल्मों में अक्सर खड़ूस सास और चालाक ननद के किरदार में नजर आती थी.  हालांकि, जैसे-जैसे हिंदी सिनेमा में बदलाव आया, फिल्मों में एक्शन, तेज कट्स और बोल्ड विषयों की संख्या बढ़ती गई एक्ट्रेस ने फिल्मों से दूरी बना ली.

शोमा आनंद को रास नहीं आया नया सिनेमा

शोमा आनंद को यह नया सिनेमा अपने स्वभाव और अभिनय शैली से मेल खाता नहीं लगा. एक इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा था कि आज की फिल्मों में भावनात्मक गहराई कम हो गई है और शोर-शराबा ज्यादा हो गया है. उनका मानना था कि वह उन परियोजनाओं का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं, जिनसे उनका दिल जुड़ाव महसूस न करे.

फिल्मों से दूर होने के बाद किया छोटे पर्दे का रुख

फिल्मों से दूरी बनाने के बाद उन्होंने छोटे पर्दे का रुख किया और वहां भी अपनी अलग पहचान बनाई. लोकप्रिय कॉमेडी शो हम पांच में उनकी भूमिका ने उन्हें घर-घर तक पहुंचा दिया. इसके बाद उन्होंने शरारत, जिनी और जूजू और खेलती है जिंदगी आंख मिचौली जैसे कई शोज में काम किया, जहां उन्होंने कॉमेडी से लेकर पारिवारिक ड्रामा तक हर तरह के किरदार निभाए.

निजी जीवन में भी शोमा आनंद ने कई उतार-चढ़ाव देखे. उन्होंने निर्देशक और अभिनेता तारीक शाह से शादी की थी, लेकिन 2021 में उनके निधन ने उन्हें गहरा झटका दिया. इस कठिन दौर के बाद उन्होंने अपने परिवार और बेटी सारा शाह के साथ समय बिताने को प्राथमिकता दी और धीरे-धीरे अभिनय से दूरी बना ली.

आज शोमा आनंद भले ही स्क्रीन पर कम दिखाई देती हों, लेकिन उनका मानना है कि कला वही होती है जो दिल से जुड़ सके. शायद यही वजह है कि उन्होंने बदलते सिनेमा की दौड़ में खुद को खोने के बजाय अपनी पहचान और संवेदनशीलता को बचाए रखना चुना.

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