Bitter Gourd Cooking Tips । करेला की कड़वाहट कम करने के आसान किचन टिप्स और फायदे
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Bitter Gourd Cooking Tips: करेला सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है लेकिन इसकी कड़वाहट कई लोगों को पसंद नहीं आती. सिरके वाले पानी में भिगोने से कड़वाहट कम हो सकती है. नमक लगाकर रखने से कड़वा रस बाहर निकल जाता है. प्याज, बेसन और दही मिलाने से स्वाद संतुलित हो जाता है. इन आसान तरीकों से आप बिना कड़वाहट के करेले का मजा ले सकते हैं.
Bitter Gourd Cooking Tips: करेला एक ऐसी सब्जी है जिसका नाम सुनते ही कई लोग मुंह बना लेते हैं. वजह साफ है उसकी तेज कड़वाहट. लेकिन अगर सेहत की बात करें तो करेला गुणों का खजाना है. इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, जिंक, आयरन और फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है. यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद करता है, पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और वजन घटाने वालों के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है. डायबिटीज से परेशान लोगों के लिए तो यह खास तौर पर उपयोगी है.
फिर भी कई लोग सिर्फ इसकी कड़वाहट की वजह से इसे अपनी थाली में शामिल नहीं करते. अच्छी बात यह है कि कुछ आसान किचन ट्रिक अपनाकर इसकी कड़वाहट को काफी हद तक कम किया जा सकता है. अगर सही तरीके से तैयार किया जाए तो करेला स्वाद में भी अच्छा लग सकता है. आइए जानते हैं ऐसे पांच आसान तरीके जिनसे आप करेले की कड़वाहट कम कर सकते हैं.
सबसे पहला तरीका है करेले को सिरके वाले पानी में भिगोना. इसके लिए दो से तीन चम्मच सिरका एक कटोरे पानी में मिला लें. अब कटे हुए करेले को इस पानी में करीब तीस मिनट के लिए भिगोकर रखें. सिरका कड़वाहट को संतुलित करने में मदद करता है और स्वाद को हल्का बना देता है. भिगोने के बाद करेले को साफ पानी से धो लें और फिर पकाएं. यह तरीका काफी आसान और असरदार है.
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दूसरा तरीका है नमक लगाना. यह सबसे पुराना और कारगर उपाय माना जाता है. करेले को छीलकर पतले टुकड़ों में काट लें. अब इन पर अच्छी मात्रा में नमक लगाकर कम से कम तीस मिनट के लिए रख दें. नमक करेले से कड़वा रस बाहर निकाल देता है. तय समय के बाद करेले को तीन से चार बार पानी से धो लें और हाथ से दबाकर अतिरिक्त पानी निकाल दें. इसके बाद इसे अपनी पसंद की सब्जी या भरवां डिश में इस्तेमाल करें.
तीसरा तरीका है बेसन का उपयोग. सबसे पहले करेले की ऊपरी सख्त परत को हल्का सा छील लें क्योंकि यही हिस्सा सबसे ज्यादा कड़वा होता है. फिर करेले के टुकड़ों को हल्का सा तल लें. इसके बाद प्याज और टमाटर का मसाला तैयार करें और उसमें तले हुए करेले डाल दें. ऊपर से थोड़ा सा भुना हुआ बेसन छिड़क दें. बेसन करेले की कड़वाहट को ढक देता है और स्वाद को बेहतर बनाता है. इससे सब्जी में हल्की सी खुशबू और गाढ़ापन भी आता है.
चौथा तरीका है प्याज का ज्यादा इस्तेमाल. प्याज में हल्की मिठास होती है जो करेले की कड़वाहट को बैलेंस करती है. अगर आप आधा किलो करेला बना रहे हैं तो चार से पांच बड़े प्याज और तीन से चार टमाटर डालें. प्याज को अच्छी तरह भून लें ताकि उसका स्वाद मीठा और गहरा हो जाए. इससे करेले की कड़वाहट काफी कम महसूस होती है और सब्जी का स्वाद भी बढ़ जाता है.
पांचवां तरीका है दही का उपयोग. जब प्याज और टमाटर का मसाला तैयार हो जाए तो उसमें आधा कप दही डालकर अच्छी तरह मिला लें. दही सब्जी में हल्का खट्टापन और क्रीमी टेक्सचर लाता है. इसके बाद तले हुए करेले डालकर कुछ देर पकाएं. दही कड़वाहट को कम करने में मदद करता है और स्वाद को संतुलित बनाता है.
अगर आप करेले को पहले से तैयार करके रखना चाहते हैं तो उसे छीलकर और बीज निकालकर नमक लगाकर दो से तीन दिन धूप में सुखा सकते हैं. इससे उसकी कड़वाहट कम हो जाती है. सूखने के बाद इसे स्टोर किया जा सकता है. आप चाहें तो करेले को हल्का सा तलकर एयर टाइट डिब्बे में रखकर चार से पांच दिन तक फ्रिज में भी रख सकते हैं.
इन आसान किचन टिप्स को अपनाकर आप करेले की कड़वाहट को काफी हद तक कम कर सकते हैं. अब आपको इसे खाते समय मुंह बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. सही तरीके से पकाया गया करेला स्वाद और सेहत दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.