Saharanpur News: सहारनपुर के विकास भवन में ऐसा क्या है, जो आपको वापस अपने अतीत में ले जाएगा!

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Viaks Bhawan: सहारनपुर के विकास भवन की दीवारें अब सिर्फ ईंट और पेंटिंग नहीं हैं, बल्कि शहर की समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और विकास की कहानियों का जीवंत प्रदर्शन बन चुकी हैं. शाकुंभरी देवी मंदिर से लेकर राजाजी नेशनल पार्क, काष्ठ कला और आम-लीची की बागवानी तक—हर चित्र यहां आने वाले को शहर की पहचान और गौरव से रूबरू कराता है.

सहारनपुर यूं तो अपनी पुरानी संस्कृति और इतिहास को लेकर अपनी एक अलग पहचान रखता है. यहां पर धार्मिक और कृषि सहित मुगलों का बहुत पुराना इतिहास रहा है. साथ ही महाभारत कालीन युद्ध के दौरान भी यहां पर पांडव अपनी योजनाएं बनाते थे. देखा जाए तो कई दृष्टि से सहारनपुर अपनी उस खूबसूरती को संजोए हुए हैं.

लेकिन जब बात आती है अपने पुराने इतिहास और संस्कृति को बताने की तो आज की पीढ़ी को कम ही पता होता है, जीवन इतना व्यस्त हो चुका है की संस्कृति और इतिहास भूलते जा रहे हैं. लेकिन अगर इतिहास और संस्कृति आपको दीवारों पर उकेरी हुई दिखाई दे तो उसको जानना और भी रोचक हो जाता है.

सहारनपुर के विकास भवन की बिल्डिंग के अंदर एक अनोखी पहल देखने को मिल रही है. भवन की दीवारों पर बनाई गई आकर्षक पेंटिंग्स के माध्यम से सहारनपुर के विकास कार्यों, सांस्कृतिक विरासत और प्रमुख पहचान को दर्शाया गया है.

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इन पेंटिंग्स में शाकुंभरी देवी मंदिर, रिमाउंट डिपो, शिवालिक क्षेत्र, राजाजी नेशनल पार्क और गंगा नदी जैसे महत्वपूर्ण स्थलों को उकेरा गया है. जिनको देखकर हर कोई इनकी ओर आकर्षित हो रहा है और अपने इतिहास और संस्कृति को देखकर बेहद मनमोहक एहसास प्राप्त कर रहा है.

 इसके साथ ही सहारनपुर की पहचान मानी जाने वाली काष्ठ कला, लकड़ी के हैंडीक्राफ्ट, आम और लीची की बागवानी, गन्ना उत्पादन जैसी कृषि विशेषताओं को भी पेंटिंग्स में स्थान दिया गया है. उद्देश्य यह है कि विकास भवन में आने वाला हर व्यक्ति इन चित्रों के माध्यम से जिले की खासियतों और विरासत से परिचित हो सके.

उसी के साथ-साथ जो विकास भवन में कार्यरत कर्मचारी है या अधिकारी हैं, उनको भी कार्य करने का एक सुलभ माहौल मिले इसका एक प्रयास किया है. इसी के साथ-साथ हमारे सहारनपुर जनपद की विभिन्न प्रकार की जो विशेषताएं हैं. जैसे कृषि के क्षेत्र में यहां पर चौसा आम होता है लीची होती है, यहां पर गन्ना होता है, वैसे ही हमारी कास्ट कला लकड़ी के हैंडीक्राफ्ट्स होते हैं. यहां पर शिवालिक की और राजा जी नेशनल पार्क भी है. यहां पर गंगा जी भी हैं इन सभी चीजों को दर्शाया गया है.

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