‘मंदिर टूटता है आस्था नहीं’, इतिहास के पन्ने पलट रहे संजय लीला भंसाली, ‘जय सोमनाथ’ में दिखेगी सनातन की झलक
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प्रेम कहानियां और पीरियड ड्रामा बनाने वाले संजय लीला भंसाली अब इतिहास के पन्ने पलटने को तैयार हैं. उन्होंने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘जय सोमनाथ’ की पहली झलक साझा की. केतन मेहता के निर्देशन में बन रही यह पीरियड ड्रामा सोमनाथ मंदिर के इतिहास, विनाश और पुनर्निर्माण की कहानी दिखाएगी. टीजर में मंदिर के ध्वंस और फिर उसके पुनर्जन्म का प्रतीकात्मक दृश्य नजर आता है. फिल्म 2027 में रिलीज होगी.

संजय लीला भंसाली की फिल्म की पहली झलक.
नई दिल्ली. इतिहास, आस्था और संघर्ष की गूंज एक बार फिर बड़े पर्दे पर सुनाई देने वाली है. भव्य और विजुअली शानदार फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले संजय लीला भंसाली अब एक नई पीरियड ड्रामा के साथ दर्शकों के सामने आने की तैयारी में हैं. उनकी फिल्म जय सोमनाथ की पहली झलक सामने आ चुकी है, जिसने रिलीज होते ही लोगों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है.इस बार कहानी किसी प्रेम गाथा या युद्ध की नहीं, बल्कि आस्था, विनाश और पुनर्निर्माण की है.
फिल्म का निर्देशन केतन मेहता कर रहे हैं. टीज़र में पहले ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर को टूटते हुए दिखाया गया है. धूल, ध्वंस और दर्द से भरा दृश्य. लेकिन अगले ही क्षण उसी धूल के पीछे नए मंदिर की झलक दिखाई देती है, जो पुनर्जन्म और अटूट विश्वास का प्रतीक बनकर उभरती है. मेकर्स ने इसके साथ एक भावनात्मक संदेश भी साझा किया—मंदिर टूट सकता है, लेकिन आस्था नहीं.
सोमनाथ मंदिर के इतिहास पर बनेगी फिल्म
इतिहास के अनुसार, 1025–1026 ईस्वी के दौरान महमूद गजनवी ने भारत पर आक्रमण करते हुए सोमनाथ मंदिर को निशाना बनाया था. मंदिर के खजाने को लूटने के बाद उसे भारी नुकसान पहुंचाया गया. इसके बावजूद, सोमनाथ सिर्फ एक स्थापत्य नहीं रहा, बल्कि वह उस विश्वास का प्रतीक बन गया जो हर विनाश के बाद फिर से खड़ा हो जाता है. यही भाव फिल्म की मूल आत्मा भी बताया जा रहा है.
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