Vaibhav Suryavanshi to Skip CBSE Class 10 Board Exams: Check Reason and School Details | सीबीएसई 10वीं परीक्षा नहीं देंगे वैभव सूर्यवंशी, अगले साल के लिए जानिए बोर्ड के नियम
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Vaibhav Suryavanshi: आईपीएल के सबसे युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने इस साल सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा छोड़ने का बड़ा फैसला लिया है. बोर्ड ने क्रिकेट में उनका योगदान देखते हुए सीबीएसई एडमिट कार्ड जारी कर दिया था.

Vaibhav Suryavanshi: वैभव सूर्यवंशी अगले साल बोर्ड परीक्षा दे सकते हैं
नई दिल्ली (Vaibhav Suryavanshi). बिहार के लाल और भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी चर्चा में हैं. लेकिन इस बार वजह उनके बल्ले से निकला कोई शतक नहीं बल्कि उनका एक साहसिक फैसला है. महज 14 साल की उम्र में आईपीएल जैसे बड़े मंच पर अपना नाम दर्ज कराने वाले वैभव ने इस साल होने वाली सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा छोड़ने का निर्णय लिया है. वैभव सूर्यवंशी ने मैदान पर देश का मान बढ़ाने के लिए किताबों से कुछ समय की दूरी बना ली है.
इस स्कूल में था वैभव सूर्यवंशी का परीक्षा केंद्र
वैभव सूर्यवंशी बिहार के ताजपुर के निवासी हैं और उनकी शुरुआती शिक्षा वहीं के मॉडेस्टी स्कूल (Modesty School Tajpur) में हुई है. मॉडेस्टी स्कूल, ताजपुर के निदेशक आदर्श कुमार पिंटू ने बताया कि वैभव का सीबीएसई 10वीं परीक्षा फॉर्म भरा जा चुका था और एडमिट कार्ड भी जारी हो चुका था. उनका परीक्षा केंद्र पोद्दार इंटरनेशनल स्कूल में तय किया गया था. हालांकि, वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी से बातचीत के बाद निर्णय लिया गया कि वह इस साल परीक्षा में शामिल नहीं होंगे.
वैभव सूर्यवंशी बोर्ड परीक्षा क्यों नहीं देंगे?
वैभव सूर्यवंशी के परीक्षा न दे पाने की मुख्य वजह उनका अत्यधिक व्यस्त क्रिकेट शेड्यूल है. सूत्रों के अनुसार, पिछले कई महीनों से वैभव भारतीय अंडर-19 टीम के साथ अलग-अलग कैंप्स और टूर्नामेंट्स में शामिल रहे हैं. वह लगातार यात्रा कर रहे थे, जिसके कारण वे न तो स्कूल जा सके और न ही घर पर रहकर बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर पाए. 17 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षाओं के समय भी वैभव के कई महत्वपूर्ण क्रिकेट सत्र और मैच निर्धारित हैं, जिन्हें छोड़ना उनके करियर के लिए नुकसानदायक हो सकता था.
अंडर-19 वर्ल्ड कप में मचाया धमाल
वैभव सूर्यवंशी ने हाल ही में अंडर-19 वर्ल्ड कप में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से चयनकर्ताओं का दिल जीत लिया था. इतनी कम उम्र में विश्व स्तर पर प्रदर्शन करने का दबाव और उसके बाद आईपीएल (IPL) की व्यस्तताओं ने उन्हें पढ़ाई के लिए बिल्कुल समय नहीं दिया. उनके परिवार और सलाहकारों का मानना है कि आधे-अधूरे मन से बोर्ड परीक्षा देने के बजाय पूरा ध्यान खेल पर लगाना और बाद में परीक्षा पूरी करना एक बेहतर रणनीति है.
सीबीएसई के नियमों के तहत, वैभव सूर्यवंशी अगले साल ‘रेगुलर’ या ‘प्राइवेट’ उम्मीदवार के रूप में 10वीं की परीक्षा दे सकते हैं.
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