नेट विधि से किसान करें करेला की पूसा हाइब्रिड- 2 की खेती, रायबरेली का किसान हो गया मालामाल

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नेट विधि से किसान करें करेला की पूसा हाइब्रिड- 2 की खेती किसान हो रहे मालामाल

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Agri tips: करेला लता वर्गी सब्जियों की श्रेणी में आता है. इसीलिए वह इसकी खेती एक खास तरीके नेट विधि से करते हैं. इस विधि में वह खेत में क्यारी बनाकर उन्हीं पर बांस के टुकड़े गाड़ दिए जाते हैं. उसके बाद नेट यानी की जाल को बांध दिया जाता है. फिर उन्ही क्यारियों पर पौधे की रोपाई कर दी जाती है. जब बेल बढ़ने लगती है, तो एक सूत की रस्सी के सहारे बेल को उसी जाल पर चढ़ा देते हैं.

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रायबरेली: करेला एक ऐसी सब्जी है जिसका नाम सुनते ही लोगों के मन में कड़वाहट की अनुभूत होने लगती है. वास्तव में करेला का स्वाद कड़वा ही होता है परंतु यह हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है करेले में पाए जाने वाले औषधि गुण हमारे शरीर को फिट बनाए रखने में कारगर होते हैं करेला जितना हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होता है उतना ही यह किसानों की आय दोगुनी करने में भी सहायक है.

12 महीने बाजार में रहती है मांग

वर्ष के 12 महीने बाजारों में करेले की मांग बराबर बनी रहती है जिससे इसकी खेती करने वाले किसानों के लिए को वर्ष के 12 महीने कमाई का जरिया बना रहता है. दरअसल रायबरेली जिले के शिवगढ़ कस्बे के रहने वाले प्रगतिशील किसान अरुणेंद्र कुमार बीते कई वर्षों से अपनी जमीन पर करेले की खेती कर रहे हैं जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा हो रहा है वह बताते हैं कि धान गेहूं की अपेक्षा सब्जियों की खेती बेहद मुनाफे वाली होती है जो हमें कम लागत में अधिक मुनाफा देती है जिसमें करेले की खेती तो अन्य सब्जियों की तुलना में अधिक मुनाफे वाली है क्योंकि इसकी मांग वर्ष के 12 महीने बनी रहती है इसीलिए इसकी खेती से अच्छी कमाई हो जाती है आगे की जानकारी देते हुए बताते हैं कि करेला औषधीय गुणों वाला माना जाता है इसीलिए इसकी मांग शहरों में अधिक रहती है.

करेला की यह प्रजाति है फायदेमंद

प्रगतिशील किसान अरुणेंद्र कुमार बताते हैं कि उन्हें करेले की खेती के बारे में कृषि विभाग से जानकारी हासिल की है. वहां से उन्होंने करेले की खेती के सभी तौर तरीके की जानकारी हासिल करने के बाद करेले की खेती शुरू कर दी.अब करेला उनके लिए कमाई का एक अच्छा जरिया बन गया है. आगे की जानकारी देते हुए वह बताते हैं कि वह पूसा हाइब्रिड – 2 की खेती कर रहे हैं.

नेट विधि से करते हैं खेती

लोकल 18 से बात करते ह हुए किसान अरुणेंद्र कुमार बताते हैं कि वह एक खास विधि से करेला की खेती करते हैं. जिससे उनकी फसल को भी खराब होने का खतरा कम रहता है . करेला लता वर्गी सब्जियों की श्रेणी में आता है. इसीलिए वह इसकी खेती एक खास तरीके नेट विधि से करते हैं. इस विधि में वह खेत में क्यारी बनाकर उन्हीं पर बांस के टुकड़े गाड़ दिए जाते हैं. उसके बाद नेट यानी की जाल को बांध दिया जाता है. फिर उन्ही क्यारियों पर पौधे की रोपाई कर दी जाती है. जब बेल बढ़ने लगती है, तो एक सूत की रस्सी के सहारे बेल को उसी जाल पर चढ़ा देते हैं.

जिससे पौधे में करेले लगने पर वह जमीन में नही छूते हैं. वह बताते हैं कि इस विधि का फायदा एक यह भी है कि कितनी भी भारी बारिश हो करेला जाल के सहारे लटकता रहेगा. जिससे वह खराब नहीं होगा. साथ ही करेला की लंबाई भी सामान्य करेले की तुलना में ज्यादा होती है. खेतों में तैयार करेला को वह अधिकतर लखनऊ की बाजार में बिक्री करते हैं.

About the Author

Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

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