कोलकाता में नहीं गलेगी ‘जामताड़ा गैंग’ की दाल! साइबर ठगों के लिए बने 7 नए ‘डेथ वारंट’, विदेशों तक चलेगा डंडा

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कोलकाता पुलिस का ‘चक्रव्यूह’! साइबर ठगों की अब खैर नहीं, 7 नए विंग तैयार

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कोलकाता पुलिस का 'चक्रव्यूह'! साइबर ठगों की अब खैर नहीं, 7 नए विंग तैयारZoom

साइबर फ्रॉड से निपटने के लिए कोलकाता पुलिस सात स्पेशल यूनिट बनाएगी. (फाइल फोटो)

कोलकाता. कोलकाता में बैठे-बैठे लोगों की गाढ़ी कमाई उड़ाने वाले साइबर अपराधियों के लिए बुरी खबर है. लालबाजार (कोलकाता पुलिस मुख्यालय) ने ठगों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है. शहर में बढ़ते साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और फेक कॉल सेंटर्स पर नकेल कसने के लिए कोलकाता पुलिस ने अपने साइबर क्राइम विंग के तहत 7 नए सेक्शन्स (Sections) गठित करने का फैसला किया है. राज्य सचिवालय ने इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है और शनिवार को पुलिस सूत्रों ने इसकी पुष्टि कर दी है.

अब साइबर क्राइम से लड़ने के लिए सिर्फ एक थाना नहीं, बल्कि अलग-अलग स्पेशलिस्ट विंग काम करेंगे. प्रस्तावित संरचना में मौजूदा साइबर पुलिस स्टेशन के अलावा 6 नए और घातक विंग शामिल किए गए हैं. ‘संगठित साइबर अपराध’ में सबसे ज्यादा 4 इंस्पेक्टर तैनात होंगे. ये उन बड़े गिरोहों को तोड़ेंगे जो फेक कॉल सेंटर और डिजिटल अरेस्ट जैसे रैकेट चला रहे हैं. इसी तरह से ‘साइबर सुरक्षा एवं संरक्षा’ का काम जागरूकता फैलाना और ऑनलाइन सुरक्षा कवच तैयार करना होगा.

साइबर धोखाधड़ी वसूली विंग ‘गोल्डन आवर’ (फ्रॉड होने के तुरंत बाद का समय) में काम करेगा ताकि ठगी गई रकम तुरंत वापस लाई जा सके. साइबर फोरेंसिक लैब में मोबाइल-लैपटॉप से डिलीट किया गया डेटा निकालने और सबूत जुटाने का काम होगा. ‘साइबर अपराध तालमेल’ विंग दूसरे राज्यों और यहां तक कि इंटरपोल (Interpol) के साथ मिलकर काम करेगा. वहीं, ‘सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल’ इंटरनेट पर अफवाह फैलाने वालों पर सीधी नजर रखेगा.

कंबोडिया, म्यांमार और नेपाल कनेक्शन पर प्रहार
पुलिस की जांच में सामने आया है कि कोलकाता में बैठे ठगों के तार विदेशों से जुड़े हैं. अपराधी अवैध सिम कार्ड्स का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनकी तस्करी विदेशों तक हो रही है. म्यांमार, कंबोडिया और नेपाल जैसे देशों से बैठकर भारतीय नागरिकों को निवेश (Investment) के नाम पर ठगा जा रहा है. नया ‘कोऑर्डिनेशन विंग’ अब सीधे इंटरपोल की मदद लेकर इन विदेशी गिरोहों की कमर तोड़ेगा.

‘गोल्डन आवर’ में पैसा वापसी की गारंटी?
आम जनता के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर ‘साइबर धोखाधड़ी वसूली अनुभाग’ का गठन है. अक्सर शिकायत दर्ज कराने में देरी से पैसा निकालना मुश्किल हो जाता है, लेकिन यह स्पेशल टीम शिकायत मिलते ही तुरंत एक्शन लेगी ताकि पैसे को फ्रीज करवाकर पीड़ित को वापस दिलाया जा सके.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

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