कोलंबो में ‘सेटिंग’? 15 फरवरी के भारत-पाक मैच को बताया ‘बिजनेस डील’, ढाई लाख में बिक रहे टिकट, दावे से हंगामा
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India vs Pakistan: वीरेंद्र सिंह ने कोलंबो में भारत पाकिस्तान मैच को व्यापारिक सौदा बताया. उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी सवाल उठाए और यूपी में भाजपा की धर्म नीति की आलोचना की. सेवा तीर्थ को लेकर भी सपा सांसद ने तंज कसा.

भारत और पाकिस्तान का मैच 15 फरवरी को कोलंबो में खेला जाना है. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. कोलंबो में 15 फरवरी को होने वाले भारत और पाकिस्तान के ‘महामुकाबले’ से ठीक पहले राजनीति गरमा गई है. समाजवादी पार्टी (SP) के सांसद वीरेंद्र सिंह ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने क्रिकेट प्रेमियों और सियासी गलियारों में खलबली मचा दी है. सपा सांसद ने इस मैच को खेल मानने से ही इनकार कर दिया है. उन्होंने इसे सीधे तौर पर एक ‘व्यापारिक सौदा’ (Business Deal) करार दिया है. उनका कहना है कि यह राष्ट्रवाद नहीं, बल्कि शुद्ध मुनाफाखोरी है, जहां भावनाओं का व्यापार किया जा रहा है.
सपा सांसद ने नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत करते हुए गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा, “यह मैच नहीं, बल्कि व्यापारिक सौदा है. दोनों देश हानि-लाभ के आधार पर खेल को नियंत्रित कर रहे हैं.” वीरेंद्र सिंह ने दावा किया कि सुनने में आया है कि इस मैच के टिकट ढाई-ढाई लाख रुपये में बिके हैं. आम आदमी की पहुंच से यह खेल दूर हो चुका है और लोगों का इस मैच से अब विश्वास उठ गया है.
अमेरिका ट्रेड डील: सरकार की मंशा पर सवाल
सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, वीरेंद्र सिंह ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी सरकार को घेरा. उन्होंने मांग की कि सरकार को पूरी लिस्ट पब्लिक डोमेन में डालनी चाहिए. देश को पता चलना चाहिए कि किन कृषि उपजों पर ‘जीरो टैरिफ’ (Zero Tariff) में आयात की छूट दी गई है. उन्होंने कहा कि सरकार असमंजस में है और मंत्री अलग-अलग बयान दे रहे हैं. यह साफ होना चाहिए कि अमेरिकी सामान आने से भारतीय किसानों पर क्या असर पड़ेगा.
शंकराचार्य भी अब सरकार तय करेगी?
सीएम योगी आदित्यनाथ के हालिया बयानों पर पलटवार करते हुए सपा सांसद ने कहा कि यूपी में ‘उल्टी गंगा’ बह रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सनातन की दुहाई देती है, लेकिन असल में वह धर्म को कंट्रोल करना चाहती है. सरकार तय करना चाहती है कि कौन शंकराचार्य रहेगा और कौन नहीं. उन्होंने चेतावनी दी कि सनातनी की ताकत को ये लोग पहचान नहीं पाए हैं. यूपी के आगामी विधानसभा चुनावों में असली सनातनी बताएंगे कि धर्म की ताकत क्या होती है.
‘सेवा तीर्थ’ का उड़ाया मजाक
पीएम के कामकाज या निवास के लिए इस्तेमाल हो रहे शब्द ‘सेवा तीर्थ’ पर भी उन्होंने तंज कसा. उन्होंने कहा, “तीर्थ तो वह स्थान है जहां पुण्य मिलता है और आम आदमी जा सकता है. अगर इसे तीर्थ नाम दिया है, तो पीएम को आम लोगों के लिए दरवाजे खोलने चाहिए.” उन्होंने कहा कि बिना इजाजत तो सांसद भी नहीं मिल सकते, तो यह ‘तीर्थ’ शब्द का उपहास और पाखंड के सिवा कुछ नहीं है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें