Noida Metro Extension| Aqua Line Extension| Botanical Garden to Sector 142 Metro
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Noida Metro Extension: प्रधानमंत्री मोदी ने नोएडा मेट्रो के सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किमी लंबे कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है. ₹2,254 करोड़ की लागत वाली इस एक्वा लाइन एक्सटेंशन परियोजना में 8 एलिवेटेड स्टेशन होंगे. यह कॉरिडोर सीधे ब्लू और मैजेंटा लाइन से जुड़कर दिल्ली-ग्रेटर नोएडा के बीच सफर आसान बनाएगा. इससे नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक जाम घटेगा और आईटी हब व शैक्षणिक संस्थानों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी.

फोटो-AI
Noida Metro Extension: नोएडा-ग्रेटर नोएडा के निवासियों के लिए अच्छी खबर है. अब नोएडा से दिल्ली जाना काफी आसान हो जाएगा. दरअसल, नोएडा सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक के बहुप्रतीक्षित मेट्रो एक्सटेंशन कॉरिडोर को केंद्र सरकार ने आधिकारिक मंजूरी दे दी है. यह फैसला न केवल नोएडा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि दिल्ली और नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगा.
इस नई परियोजना की कुल लंबाई लगभग 11.56 किलोमीटर होगी. यह पूरी तरह से एक एलिवेटेड कॉरिडोर होगा, जिस पर कुल 8 नए स्टेशन बनाए जाएंगे. फरवरी 2026 की ताजा स्थिति के अनुसार, इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 2,254 करोड़ रुपये आंकी गई है. इस विस्तार के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा का सक्रिय मेट्रो नेटवर्क बढ़कर 61.62 किलोमीटर हो जाएगा.
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका बॉटनिकल गार्डन स्टेशन से जुड़ाव है. यह स्टेशन पहले से ही दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन (Blue Line) और मैजेंटा लाइन (Magenta Line) का एक बड़ा इंटरचेंज हब है. अब एक्वा लाइन के सीधे यहां जुड़ने से नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे बसे सेक्टरों के लोग बिना किसी झंझट के सीधे साउथ दिल्ली या वेस्ट दिल्ली की ओर जा सकेंगे.
कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार
यह नया कॉरिडोर शहर के उन हिस्सों से होकर गुजरेगा, जहां वर्तमान में सार्वजनिक परिवहन की भारी कमी है. इसके चालू होने से नोएडा एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित आईटी कंपनियां और कमर्शियल हब सीधे मेट्रो से जुड़ जाएंगे. छात्रों और मरीजों को सुगम परिवहन मिलेगा. नए स्टेशनों के आसपास रियल एस्टेट और स्थानीय व्यापार में भारी निवेश की उम्मीद है.
ट्रैफिक जाम से मुक्ति और पर्यावरण को लाभ
नोएडा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते वाहनों के दबाव को कम करने के लिए यह प्रोजेक्ट बेहद जरूरी था. मेट्रो के आने से सड़क पर निजी वाहनों की संख्या कम होगी, जिससे यात्रा समय में बचत होगी और सड़क सुरक्षा में सुधार होगा. साथ ही, मेट्रो के अधिक उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है.
सामाजिक प्रभाव और भविष्य की राह
नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन द्वारा संचालित होने वाला यह विस्तार समाज के सभी वर्गों के लिए समान पहुंच सुनिश्चित करेगा. रोजगार की तलाश में निकलने वाले युवाओं से लेकर व्यापार जगत तक, यह मेट्रो लाइन शहर की नई लाइफलाइन बनने जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह विस्तार शहरी गतिशीलता और टिकाऊ विकास की दिशा में नोएडा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें