34 हजार करोड़ से सहारनपुर-नेपाल बॉर्डर तक बनेगा नॉर्थ ईस्ट कॉरीडोर, व्यापार में आएगी तेजी, इन जिलों होकर गुजरेगा
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Saharanpur news: सहारनपुर में बड़ी संख्या में नेपाली लोग रहते हैं जिनका नेपाल में लगातार आना-जाना लगा रहता है. साथ ही सहारनपुर से नेपाल में व्यापार भी बड़े स्तर पर होता है. लेकिन इस बार के यूपी बजट 2026 में सहारनपुर से नेपाल बार्डर तक कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव किया है. यह कॉरिडोर गोरखपुर होते हुए सहारनपुर तक आएगा, जिससे जिले को औद्योगिक विकास, कच्चे माल की आपूर्ति और रोजगार के बड़े अवसर मिलेंगे.
सहारनपुर में बड़ी संख्या में नेपाली लोग रहते हैं जिनका नेपाल में लगातार आना-जाना लगा रहता है. साथ ही सहारनपुर से नेपाल में व्यापार भी बड़े स्तर पर होता है. लेकिन इस बार के यूपी बजट 2026 में सहारनपुर से नेपाल बार्डर तक कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव किया है. यह कॉरिडोर गोरखपुर होते हुए सहारनपुर तक आएगा, जिससे जिले को औद्योगिक विकास, कच्चे माल की आपूर्ति और रोजगार के बड़े अवसर मिलेंगे.
तेज और सुरक्षित यातायात के लिए सहारनपुर जिले में पिछले 10 साल के दौरान कई बड़े काम हुए है. उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट 2026 में 34 हजार करोड़ से नार्थ-ईस्ट कॉरिडोर बनाए जाने की घोषणा की है. यह कॉरिडोर गोरखपुर से लेकर नेपाल बार्डर होते हुए सहारनपुर तक जाएगा. कारिडोर के बनने का सबसे ज्यादा लाभ जिले के उद्योग को होगा.
सहारनपुर में उत्पादित माल सीधे पूर्वोत्तर के जिलों तक पहुंच सकेगा और वहां से कच्चे माल की आपूर्ति सहारनपुर के उद्योगों को हो सकेगी. इतना ही नही रोजगार के अवसर बढ़ने से युवाओं को उनकी अपेक्षा के अनुरूप रोजगार के अवसर मिल सकेंगे.
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सहारनपुर जिले में अभी लगभग 7 हजार औद्योगिक इकाइयों में 1.50 लाख से अधिक कामगार कार्यरत है. जबकि अंबाला से सहारनपुर से होकर शामली तक फोरलेन का निर्माण प्रगति पर है. साथ ही दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे के 20 किमी के हिस्से पर तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है. वहीं दिल्ली-देहरादून हाईवे के एक हिस्से का सहारनपुर जिले में निर्माण लगभग पूरा हो चुका है. हाईवे को कनेक्टीविटी मिलने से जिले से दूरस्थ जिलों तक पहुंचना आसान हो जाएगा.
पंचकूला-हरिद्वार हाईवे के शुरू होने के बाद सहारनपुर महानगर में भारी वाहनों के आने जाने पर काफी हद तक लगाम लग सकेगी. हाईवे से सरसावा, नकुड़, सहारनपुर शहर, गागलहेड़ी के अलावा छुटमलपुर और बिहारीगढ़ को सीधे कनेक्टीविटी मिली है.
दिल्ली-देहरादून हाईवे जल्द ही यातायात के लिए खोले जाने की संभावना है हालांकि जिले में हाईवे का 41 किमी के हिस्से का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और इस पर वाहनों का आवागमन पिछले डेढ़ महीने से चल रहा है.
वही सहारनपुर नगर से बादशाही बाग तक सड़क को फोरलेन बनाने का काम तेजी से चल रहा है. जिसको अगले छह महीने में पूरा कर लिए जाने की संभावना है. बेहट रोड पर देवला से पुंवारका होते हुए हरोड़ा तक पंचकूला-हरिद्वार हाईवे तक 14 किमी हाईवे के निर्माण के लिए प्रस्ताव एनएचएआइ द्वारा मुख्यालय को भेजा गया है.
इस हाईवे के बन जाने पर महानगर को बड़ा रिंग रोड मिल जाएगा. अंबाला से गंगोह-तीतरों होते हुए शामली तक हाईवे का निर्माण अंतिम चरण में हैं. हाईवे के पूरा होने पर जिले के कस्बों को हाईवे की कनेक्टीविटी मिल जाएगी. और गोरखपुर से सहारनपुर तक प्रस्तावित कॉरिडोर को भी सहारनपुर में हाईवे से कनेक्टीविटी भविष्य में मिल सकेगी.