This temple in Maharajganj not only offers prayers but also spiritual knowledge; there is a library in the temple premises

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Maharajganj latest news : महराजगंज के निचलौल क्षेत्र स्थित इटहिया का मिनी बाबा धाम अब आस्था के साथ ज्ञान का भी केंद्र बन गया है. मंदिर परिसर में ध्यान केंद्र एवं आध्यात्मिक पुस्तकालय की स्थापना की गई है, जहां श्रद्धालु पूजा के बाद धार्मिक पुस्तकों का अध्ययन कर सकते हैं. यह पहल खासकर युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की कोशिश है.

महराजगंज : जिले के निचलौल क्षेत्र के इटहिया स्थित शिव मंदिर, जिसे मिनी बाबा धाम के नाम से जाना जाता है, आस्था का प्रमुख केंद्र है. सावन में यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. अब मंदिर परिसर में आध्यात्मिक पुस्तकालय की स्थापना कर श्रद्धालुओं को पूजा के साथ ज्ञान से जोड़ने की अनूठी पहल की गई है.

सीमावर्ती क्षेत्र में आस्था का बड़ा केंद्र
इटहिया गांव में स्थित यह शिव मंदिर महराजगंज जिले के साथ-साथ आसपास के जिलों और पड़ोसी देश नेपाल में भी प्रसिद्ध है. सावन माह में पूरे महीने यहां श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा अर्चना के लिए पहुंचते हैं. दूर-दराज से पैदल यात्रा कर आने वाले भक्तों के लिए यह स्थल विशेष महत्व रखता है.

मंदिर परिसर में स्थापित ध्यान केंद्र
मंदिर के मुख्य परिसर से दक्षिण दिशा में एक पुस्तकालय की स्थापना की गई है, जिसे ध्यान केंद्र एवं पुस्तकालय नाम दिया गया है. यह पहल मंदिर में पहली बार की गई है. इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण में अध्ययन की सुविधा देना है.

आध्यात्मिक माहौल से सजा पुस्तकालय
पुस्तकालय को आकर्षक और शांत वातावरण देने के लिए दीवारों पर आध्यात्मिक कलाकृतियां बनाई गई हैं. अंदर अलमारीनुमा संरचना तैयार कर पुस्तकों को सुरक्षित रखने के लिए दरवाजों की व्यवस्था की गई है. कम स्थान में इसे रचनात्मक ढंग से सजाया गया है, जिससे यह सुंदर और व्यवस्थित दिखाई देता है.

दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधा
इस पुस्तकालय में दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है. उनके लिए अलग से स्पेशल चेयर रखी गई हैं ताकि वे आराम से बैठकर आध्यात्मिक पुस्तकों का अध्ययन कर सकें. मंदिर प्रशासन का कहना है कि सभी वर्गों को समान अवसर देना इस पहल का उद्देश्य है.

पूजा के बाद ज्ञान अर्जन का अवसर
अब श्रद्धालु पूजा-अर्चना के बाद कुछ समय निकालकर पुस्तकालय में बैठकर धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों से जुड़ी पुस्तकों का अध्ययन कर सकते हैं. यह पहल खासकर युवाओं के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है. इससे उनमें सकारात्मक सोच, संस्कार और सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी.

आस्था और ज्ञान का संगम
इटहिया शिव मंदिर की यह नई पहल आस्था के साथ ज्ञान का समन्वय प्रस्तुत करती है. सावन के पवित्र माह में जहां भक्ति का वातावरण रहता है, वहीं अब श्रद्धालु आध्यात्मिक अध्ययन से भी जुड़ पा रहे हैं. इससे यह मंदिर केवल पूजा स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागरूकता का केंद्र भी बनता जा रहा है.

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