नेत्रदान बना गुनाह! मां की आखिरी इच्छा पूरी करने वाला बेटा 3 दिन जेल में सड़ा, पश्चिम बंगाल पुलिस का कारनामा
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West Bengal Eye Donation: आमिर चंद शेख ने मां रबेया शेख की कॉर्निया दान की, लेकिन अंग बेचने के आरोप में परिवार समेत 3 दिन जेल में रहे. कोर्ट में दस्तावेज से सच सामने आया, जिसके बाद उन्हें जमानत मिली. आमिर का दावा है कि यह उन्हें और उनके परिवार को बदनाम करने की एक घिनौनी साजिश थी.

कोर्ट से आदेश के बाद बंगाल पुलिस ने शिक्षक को जमानत पर रिहा किया. (सांकेतिक तस्वीर)
कोलकाता. पश्चिम बंगाल के नदिया जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली खबर सामने आई है. एक बेटे ने अपनी मृत मां की आखिरी इच्छा पूरी करने के लिए उनकी आंखें (कॉर्निया) दान कर दीं, लेकिन ‘अंधी’ व्यवस्था और समाज ने उसे ही अपराधी बना दिया. पेशे से शिक्षक और सोशल वर्कर आमिर चंद शेख को पुलिस ने मां के शरीर के अंग बेचने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. उन्हें और उनके परिवार को 3 दिन तक जेल की हवा खानी पड़ी. यह मामला तब साफ हुआ जब कोर्ट में सरकारी अस्पताल के दस्तावेज दिखाए गए. अब जमानत मिलने के बाद आमिर चंद वापस अपनी ड्यूटी पर लौट आए हैं, लेकिन इस घटना ने सिस्टम पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
दान को समझा धंधा! 3 दिन बाद मिली जमानत
कृष्णानगर कोर्ट ने शुक्रवार को आमिर चंद शेख और उनके परिवार को जमानत दे दी. कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस से शिकायत की थी कि आमिर अपनी मां रबेया शेख (जिनका निधन 8 फरवरी को हुआ) के शरीर के अंग बेच रहे हैं. बिना पूरी जांच किए पुलिस ने आमिर, उनकी पत्नी और परिवार के तीन अन्य सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया. कोर्ट में आमिर ने सरकारी अस्पताल के दस्तावेज पेश किए, जिससे साबित हुआ कि उन्होंने मां की कॉर्निया दान की थी, बेची नहीं थी. इसके बाद जज ने 2,000 रुपये के बॉन्ड पर उन्हें जमानत दी.
अनपढ़ मां की महान सोच, पढ़े-लिखे समाज की छोटी सोच
आमिर चंद ने जेल से छूटने के बाद जो बताया, वह आंखें नम करने वाला है. उनकी मां रबेया अनपढ़ थीं, लेकिन उनकी सोच पढ़े-लिखे लोगों से कहीं ऊपर थी. मोतियाबिंद के ऑपरेशन के दौरान उन्होंने अस्पताल में नेत्रदान के पोस्टर देखे थे. जब उन्हें पता चला कि उनकी आंखें मरने के बाद 6 अंधे लोगों को रोशनी दे सकती हैं, तो उन्होंने नेत्रदान का संकल्प लिया था. आमिर ने कहा, “जब कई शिक्षित लोग नेत्रदान का महत्व नहीं समझते, तब मेरी अनपढ़ मां ने यह फैसला लिया. एक सोशल वर्कर होने के नाते मुझे उन पर गर्व है.”
पत्नी के आंसू और साजिश का आरोप
आमिर चंद अब वापस अपने काम पर लौट आए हैं और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के तौर पर चुनावी रोल के काम में जुट गए हैं. लेकिन इस घटना ने उनके परिवार को तोड़कर रख दिया है. उनकी पत्नी, जिन्हें भी जेल जाना पड़ा था, रिहाई के बाद फूट-फूट कर रो पड़ीं. आमिर का दावा है कि यह उन्हें और उनके परिवार को बदनाम करने की एक घिनौनी साजिश थी. उनकी पत्नी ने अब इस मानसिक प्रताड़ना के लिए इंसाफ की मांग की है. यह घटना बताती है कि समाज में अच्छा काम करना भी कभी-कभी कितना भारी पड़ सकता है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें