शिवरात्रि व्रत के लिए स्वादिष्ट और सात्त्विक व्यंजन सूची.
शिवरात्रि व्रत हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण व्रतों में से एक है. इस दिन भगवान शिव की पूजा के साथ उपवास रखा जाता है. भोजन सरल, सात्त्विक और फलाहारी होता है. व्रत में अनाज, नमक (साधारण), हल्दी, डबल रोटी, और तली‑भुनी चीजें नहीं खाई जातीं. इसकी जगह फल, कुट्टू, सिंघाड़ा, साबूदाना, दूध और मेवा शामिल किए जाते हैं. यहां शिवरात्रि व्रत में बनने वाले प्रमुख और स्वादिष्ट व्यंजनों की सूची दी गई है.
1. साबूदाना खिचड़ी
व्रत में सबसे लोकप्रिय डिश.
साबूदाने को भिगोकर घी, जीरा, हरी मिर्च और भुनी मूंगफली के साथ सिंपल तरीके से बनाया जाता है.
यह हल्की, पौष्टिक और पेट भरने वाली होती है.
2. कुट्टू या सिंहाड़े के आटे की पुरी
व्रत की पूरियां कुट्टू या सिंहाड़े के आटे से बनाई जाती हैं.
आलू या अरबी मिलाकर नरम आटा गूंथा जाता है.
यह दही या आलू की सब्जी के साथ बहुत स्वादिष्ट लगती हैं.
3. व्रत वाला आलू
सिंधा नमक के साथ बना यह हल्का मसालेदार आलू व्रत में सबसे सरल और पसंदीदा सब्जी है.
यह पूरियों या खिचड़ी के साथ सर्व किया जाता है.
4. साबूदाना वड़ा
भिगोए साबूदाने में उबले आलू, मूंगफली, हरी मिर्च और सिंधा नमक मिलाकर तला जाता है.
खस्ता, कुरकुरा और चटनी के साथ बहुत स्वादिष्ट.
5. मिल्क-फ्रूट खिचड़ी
दूध, केले, सेब और सूखे मेवे मिलाकर बनाई जाने वाली यह डिश व्रत में ताकत देती है.
बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी उपयुक्त.
6. लौकी की खीर
कद्दूकस की हुई लौकी, दूध, चीनी या शहद और सूखे मेवों से बनने वाली मिठाई.
यह हल्की, पचने में आसान और शिवरात्रि के व्रत के लिए उत्तम मानी जाती है.
7. मखाने की खीर या हलवा
मखाना व्रत का मुख्य आहार माना जाता है.
दूध में पकाकर बनाई गई खीर ऊर्जा और कैल्शियम दोनों देती है.
8. शकरकंदी की चाट
उबली हुई शकरकंद में नींबू, काली मिर्च और सिंधा नमक मिलाकर बनी चाट व्रत का हेल्दी ऑप्शन है.
9. फलाहार थाली
केला, सेव, पपीता, ड्राई फ्रूट्स और नारियल पानी के साथ साधारण और सात्त्विक भोजन, जो शरीर को हल्का और ऊर्जावान रखता है.
10. राजगिरा पराठा या हलवा
राजगिरा व्रत में बहुत उपयोगी है.
इससे बने पराठे या हलवा स्वादिष्ट और पौष्टिक होते हैं.
शिवरात्रि व्रत में भोजन हमेशा सात्त्विक, हल्का और शरीर को शुद्ध रखने वाला होना चाहिए.
साबूदाना, कुट्टू, राजगिरा, मखाना, दूध और फल, ये सभी भगवान शिव की पूजा और व्रत को पूर्ण करने के लिए उत्तम माने जाते हैं.