तिहाड़ जेल से रची गई ₹50 लाख की खौफनाक साजिश! 2 साल से फरार ‘गोगी गैंग’ का वांटेड गुर्गा गिरफ्तार, खुला ये बड़ा राज
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Gogi Gang Sharp Shooter Arrested: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच (इंटर-स्टेट सेल) ने कुख्यात गोगी गैंग के वॉन्टेड क्रिमिनल अंकुश चोपड़ा उर्फ सचिन को गिरफ्तार किया है. वह दो साल से फरार था. उसके खिलाफ वजीराबाद में एक बिजनेसमैन को टारगेट करके ₹50 लाख की एक्सटॉर्शन और फायरिंग करने का आरोप है. पुलिस ने बताया कि यह साजिश तिहाड़ जेल के अंदर से गैंगस्टर सनी काकरान और गौरव ने रची थी, जिन्होंने शूटआउट के लिए नाबालिगों का इस्तेमाल किया था.

50 लाख रुपये की रंगदारी मामले में ‘गोगी गैंग’ का गुर्गा गिरफ्तार. (फाइल फोटो)
Gogi Gang Sharp Shooter Arrested: राजधानी दिल्ली में संगठित अपराध और गैंगस्टर्स पर नकेल कसते हुए दिल्ली पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इंटर स्टेट सेल (ISC) ने कुख्यात ‘गोगी गैंग’ (Gogi Gang) से जुड़े एक वांटेड और खूंखार बदमाश को धर दबोचा है. पकड़ा गया आरोपी पिछले दो साल से फायरिंग और 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के एक सनसनीखेज मामले में पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर फरार चल रहा था.
कुछ समय पहले दिल्ली के वजीराबाद इलाके में एक कारोबारी के घर के बाहर दिनदहाड़े फायरिंग की घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी. पुलिस के मुताबिक, एक काली स्प्लेंडर बाइक पर सवार होकर एक बदमाश आया और कारोबारी के घर पर गोलियां बरसाकर फरार हो गया. दहशत फैलाने के लिए मौके पर एक पर्ची भी छोड़ी गई थी, जिसमें ‘गोगी गैंग’ के नाम पर सीधे ₹50 लाख की रंगदारी मांगी गई थी.
तिहाड़ जेल के अंदर से रची गई थी पूरी साजिश
पुलिस की सघन जांच में इस पूरे खौफनाक खेल का मास्टरमाइंड जेल के अंदर बैठा मिला. इस पूरी साजिश को तिहाड़ जेल की हाई-सिक्योरिटी बैरक में बंद दो बदमाशों मनीष उर्फ सनी ककरान और मनमोहन उर्फ गौरव ने रचा था. इन शातिर अपराधियों ने पुलिस से बचने के लिए नाबालिग लड़कों का इस्तेमाल किया और उनसे कारोबारी के घर पर फायरिंग करवाई.
सिम कार्ड ने खोला वांटेड आरोपी का राज
पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 2 नाबालिगों सहित 6 आरोपियों को तो पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन मुख्य आरोपी अंकुश चोपड़ा उर्फ सचिन लगातार फरार था. अदालत ने उसे 30 जून 2025 को भगोड़ा (Proclaimed Offender) भी घोषित कर दिया था.
जेल से चल रहा गैंग
जब क्राइम ब्रांच ने अंकुश को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ. जेल में बैठे आकाओं के संपर्क में रहने के लिए जिस मोबाइल सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जा रहा था, वह इसी अंकुश चोपड़ा के नाम पर रजिस्टर्ड था. अंकुश ने यह सिम अपने साथियों को दिया था, जिन्होंने इसे तिहाड़ जेल में बंद आकाओं तक पहुंचाया, ताकि वहां से रंगदारी का पूरा नेटवर्क चलाया जा सके.
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दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें