पुरी के भगवान जगन्‍नाथ कितने ‘अमीर’, रत्‍न भंडार में क्‍या-क्‍या? अब हर राज से उठेगा पर्दा, भक्‍तों को चलेगा पता – Puri Jagannath Temple Secet Ratna Bhandar 324 page report will make public after 8 years

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पुरी के भगवान जगन्‍नाथ कितने ‘अमीर’, रत्‍न भंडार में क्‍या-क्‍या? उठेगा पर्दा

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Puri Jagannath Temple Ratna Bhandar: पुरी जगन्‍नाथ मंदिर के रत्‍न भंडार का पूरा विवरण अब सार्वजनिक किया जाएगा. (फाइल फोटो/PTI)

Puri Jagannath Temple Ratna Bhandar: करीब आठ साल बाद पुरी जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की लापता चाबी मामले पर तैयार 324 पन्नों की गोपनीय न्यायिक जांच रिपोर्ट अब सार्वजनिक होने जा रही है. ओडिशा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार आगामी 17 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में इस रिपोर्ट को सदन के पटल पर रख सकती है. हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच (जिसमें मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन और जस्टिस एमएस रमण शामिल थे) ने 27 जनवरी को जारी आदेश में राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया कि नवगठित समिति द्वारा प्रस्तुत नई सूची (इन्वेंट्री) का मिलान वर्ष 1978 की इन्वेंट्री रिपोर्ट से तीन महीने के भीतर पूरा किया जाए. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए और सरकार को तत्परता दिखानी होगी.

रत्न भंडार की चाबी गायब होने का मुद्दा 2024 के विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले बड़ा राजनीतिक विषय बन गया था. वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने कई जनसभाओं में इस मामले को उठाते हुए तत्कालीन बीजद सरकार पर मंदिर की सुरक्षा में लापरवाही के आरोप लगाए थे. विवाद बढ़ने और व्यापक जनआक्रोश के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने 4 जून 2018 को न्यायिक जांच के आदेश दिए थे. न्यायिक आयोग ने 29 नवंबर 2018 को अपनी 324 पृष्ठों की रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी थी, लेकिन तब से अब तक इसे सार्वजनिक नहीं किया गया था.

कमेटी पूरी तरह तैयार

जांच के आदेश के कुछ ही दिनों बाद 13 जून 2018 को तत्कालीन पुरी कलेक्टर ने दावा किया था कि आंतरिक रत्न भंडार की डुप्लीकेट चाबियां लिखे एक लिफाफे की बरामदगी हुई है. इस खुलासे ने मामले को और पेचीदा बना दिया था और कई सवाल खड़े कर दिए थे कि आखिर मूल चाबी कहां और कैसे गायब हुई. ‘इंडियन एक्‍सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार द्वारा गठित हाई-लेवल कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस (सेवानिवृत्त) बिश्वनाथ रथ ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि समिति तीन महीने के भीतर इन्वेंट्री मिलान की प्रक्रिया पूरी करने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि यह एक व्यापक और संवेदनशील प्रक्रिया होगी, जिसमें मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं का सहयोग आवश्यक होगा.

विधानसभा सत्र पर निगाहें

रत्न भंडार में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा से संबंधित बहुमूल्य आभूषण और ऐतिहासिक धरोहरें सुरक्षित रखी जाती हैं. राज्य सरकार पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वर्ष 2026 की रथ यात्रा से पहले रत्न भंडार में रखे सभी आभूषणों और कीमती वस्तुओं का लिस्‍ट बनाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. अब सबकी नजरें आगामी विधानसभा सत्र पर टिकी हैं, जहां इस बहुप्रतीक्षित रिपोर्ट के सार्वजनिक होने से कई वर्षों से चले आ रहे विवाद पर से पर्दा उठने की उम्मीद है. माना जा रहा है कि रिपोर्ट के सामने आने के बाद न केवल प्रशासनिक जवाबदेही तय होगी, बल्कि मंदिर की सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर भी ठोस कदम उठाए जा सकते हैं.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें

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