घर के दबाव में की इंजीनियरिंग की पढ़ाई, लेकिन किस्मत ले गया मुंबई, गांव का लड़का ऐसे बना बॉलीवुड स्टार

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मऊ: कहते हैं कि हौसला बुलंद हो और कुछ करने का जज्बा हो, तो कुछ भी किया जा सकता है. मऊ जनपद के घोसी के धरौली गांव में 5 अगस्त 1991 में शिवाकांत मिश्रा के घर जन्मे राजीव मिश्रा की ऐसी ही कहानी है, जिन्होंने इंजीनियर की पढ़ाई की, लेकिन उनका सपना एक्टर बनने का था. पढ़ाई पूरा करते ही वह मुंबई चले गए और आज वह बड़े-बड़े एक्टरों के साथ काम कर रहे हैं. राजीव कई फिल्मों में काम कर चुके हैं और कई फिल्में अभी रिलीज होनी बाकी हैं. आइए उनकी सफलता की कहानी जानते हैं.

इंजीनियर की पढ़ाई कर राजीव बने एक्टर

लोकल 18 से बातचीत करते हुए फिल्म एक्टर राजीव मिश्रा बताते हैं कि शुरुआती पढ़ाई उनकी फातिमा स्कूल से हुई. फातिमा स्कूल से ही उन्होंने हाई स्कूल पास किया. फिर 2009 में लिटिल फ्लावर चिल्ड्रन स्कूल से उन्होंने इंटर पास किया और इसी कॉलेज से उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. उनके पिता का सपना था कि उनका लड़का इंजीनियर बने. इसलिए घर के दबाव में उन्होंने इंजीनियर की पढ़ाई की, लेकिन उनका सपना बचपन से ही एक्टर बनना था.

पढ़ाई के दौरान ही वह मुंबई के सपने देखने लगे और सपनों में देखते थे कि वह बड़े-बड़े एक्टरों के साथ काम कर रहे हैं और बड़े फ्लाइट को देखकर लगता था कि इस फ्लैट में मेरा भी घर होगा. आज वह सभी सपनों को पूरा कर रहे हैं.

2018 से फिल्म और सीरियल में कर रहे काम

एक्टर बनने के सपना को लेकर 2014 में वह मुंबई गए और मुंबई में अपना ऑडिशन शुरू कर दिया, लेकिन उनका सपना 2018 में तब पूरा हुआ, जब विद्युत जमाल की मूवी ‘यारा आई यारा’ मूवी में उन्हें सेकंड लीड एक्टर का रोल मिला और उन्होंने बड़े शानदार तरीके से इस अभिनय को दिखाया.

धीरे-धीरे ये सिलसिला बढ़ता गया और अब तक उन्होंने आठ फिल्मों में काम किया, जैसे यारा, रागदेश, पं दीनदयाल, अब दिल्ली दूर नहीं, तमस. इन 8 फिल्मों में अपने शानदार किरदार को दिखाया फिल्मों के साथ-साथ वह सीरियल में भी काम करते हैं, जैसे हप्पू की उल्टन पलटन, भाभी जी घर पर हैं, बाराबंकी, स्वदेश.

आमिर खान व महेश भट्ट जैसे लोगों के साथ कर रहे काम

इस दौरान उन्होंने ड्रामा टॉकीज नाम से एक संस्था बनाई, जिस संस्था के माध्यम से रंगमंचन का कार्य किया जाता है और नए एक्टरों को तैयारी करने का मौका दिया जाता है. वह महेश भट्ट जैसे प्रोड्यूसर के साथ काम कर रहे हैं और आमिर खान, विद्युत जामवाल, शाहरुख खान जैसे बड़े एक्टरों के साथ काम कर चुके हैं.

राजीव का कहना है कि गांव का लड़का यदि जो चाहे वह कर सकता है, क्योंकि गांव का लड़का हर उस स्थिति से गुजरता है, जो किसी कार्य करने के लिए सक्षम होता है. हालांकि जब वह काम की तलाश में मुंबई गए, तो उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और उसी का उदाहरण है कि आज वह बड़े-बड़े एक्टरों के साथ काम कर रहे हैं.

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