खालिस्तानियों को उखाड़ फेंकने का ब्लूप्रिंट तैयार! मार्क कार्नी के आते ही बदला गेम, भारत-कनाडा रिश्तों में नया मोड़
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India Canada Relations: कनाडा में भारतीय फार्मास्यूटिकल्स, डिजिटल सेवाओं, इंजीनियरिंग उत्पादों और परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों के लिए नियामकीय सहूलियत बढ़ने से भारतीय निर्यात को बड़ा बाजार मिल सकता है. इसके बदले में भारत भी ऊर्जा संसाधन, पोटाश, दालें, लकड़ी और उन्नत कृषि प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में कनाडाई निर्यात के लिए बाजार खोल सकता है. कनाडा की संस्थागत पूंजी पहले से ही भारतीय अवसंरचना और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में प्रमुख विदेशी निवेश स्रोतों में शामिल है.

कनाडा के पीएम मार्क कार्नी की भारत यात्रा से दोनों देशों के रिश्ते और बेहतर होने की संभावना है. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. भारत और कनाडा के रिश्तों में जमी बर्फ अब पिघलने वाली है, और वो भी भारत की शर्तों पर! पूर्व राजनयिक संजय कुमार वर्मा ने ‘इंडिया नैरेटिव’ में एक बड़ा धमाका किया है. उनकी रिपोर्ट साफ इशारा कर रही है कि कनाडा की राजनीति में बदलाव के साथ ही भारत के प्रति उसका नजरिया भी बदल गया है. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Mark Carney) का प्रस्तावित भारत दौरा दोनों देशों के बीच एक नई इबारत लिखने जा रहा है. अब बात सिर्फ ‘डिप्लोमेसी’ की नहीं, बल्कि ‘हार्ड बिजनेस’ और ‘सुरक्षा’ की होगी. रिपोर्ट बताती है कि आने वाला दशक भारत और कनाडा के लिए ‘गोल्डन पीरियड’ साबित हो सकता है, बशर्ते कनाडा अपनी धरती से भारत विरोधी तत्वों का सफाया करे.
अब तक जो रिश्ते राजनीतिक उतार-चढ़ाव में फंसे थे, अब वे ‘रॉकेट स्पीड’ पकड़ने वाले हैं. व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) के लिए ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ फाइनल होने वाले हैं. कनाडा के बाजारों में अब भारतीय फार्मास्यूटिकल्स, डिजिटल सेवाओं और इंजीनियरिंग उत्पादों का बोलबाला होगा. कनाडा को अपना पोटाश, दालें, लकड़ी और एनर्जी भारत के विशाल बाजार में बेचनी ही पड़ेगी. रिपोर्ट का दावा है कि अगर सब ठीक रहा, तो अगले 10 सालों में द्विपक्षीय व्यापार दोगुना हो जाएगा.
खालिस्तानियों की खैर नहीं! सुरक्षा पर बनेगी ‘सुपर स्ट्रेटजी’
इस रिपोर्ट का सबसे अहम और आक्रामक हिस्सा सुरक्षा से जुड़ा है. मार्क कार्नी के दौर में कनाडा को यह समझ आ गया है कि भारत को नाराज करके वह आगे नहीं बढ़ सकता. रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देश अब खालिस्तानी नेटवर्क और सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ‘ज्वाइंट एक्शन’ लेंगे. अब कनाडा की पुलिस और एजेंसियां भारत के साथ मिलकर काम करेंगी. अवैध पैसे और संगठित अपराध (Organized Crime) की कमर तोड़ी जाएगी. भारत विरोधी गैंगस्टर्स के लिए अब कनाडा ‘सेफ हेवन’ नहीं रहेगा.
ऊर्जा और यूरेनियम: भारत की परमाणु ताकत को कनाडाई ईंधन
व्यापार के अलावा ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी डील होने वाली है. भारत के सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम के लिए कनाडा लंबी अवधि तक यूरेनियम देगा. स्वच्छ और हरित तकनीक, हाइड्रोजन वैल्यू चेन और कार्बन मैनेजमेंट पर दोनों देश साथ आएंगे. कनाडाई पेंशन फंड पहले से ही भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर में मोटा पैसा लगा रहे हैं, अब यह निवेश और बढ़ेगा.
वैश्विक मंच पर भी साथ-साथ
संजय कुमार वर्मा की रिपोर्ट कहती है कि पीएम कार्नी का यह दौरा सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि एक रणनीतिक बदलाव है. संयुक्त राष्ट्र (UN) समेत कई मंचों पर कनाडा अब भारत के सुर में सुर मिलाता नजर आएगा. यह नया रिश्ता ‘इमोशन’ पर नहीं, बल्कि ठोस ‘इकोनॉमिक्स’ और ‘सिक्योरिटी’ पर टिका होगा.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें