Perform Jalabhishek at these Shiva temples in Raebareli on Mahashivratri and your luck will shine.

Share to your loved once


Last Updated:

Special on Mahashivratri : महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रायबरेली के एहार गांव स्थित बाबा बाल्हेश्वर महादेव और चंदापुर के जगमोहनेश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इन प्राचीन मंदिरों में सच्चे मन से पूजा करने पर भगवान शिव भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं. यहां महाशिवरात्रि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.

हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि को एक पावन पर्व के रूप में मनाया जाता है. इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने से सभी मन्नते पूरी होती हैं. रायबरेली के लालगंज कस्बे के एहार गांव का बाबा बाल्हेश्वर महादेव मंदिर लगभग 100 वर्ष से भी अधिक पुराना है. इस मंदिर के बारे में लोगों की मान्यता है कि इसके गुंबद पर लगा त्रिशूल सूर्य की गति के सापेक्ष बदला रहता है. आप यहां महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भगवान शिव को जलाभिषेक कर अपनी मनोकामना पूरी कर सकते हैं.

रायबरेली के चंदापुर गांव के जगमोहनेश्वर महादेव मंदिर में आप अपने परिवार के साथ भगवान शिव को जलाभिषेक कर सकते हैं. इस मंदिर का निर्माण चंदापुर रियासत के राजा जगमोहन सिंह ने किया था. यहां स्थापित शिवलिंग को खोजने के लिए करीब 6 महीने तक अमरकंटक में राजा जगमोहन सिंह को प्रवास करना पड़ा था. 127 वर्ष पुराने मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से भगवान शिव सभी की मनोकामना पूर्ण करते हैं.

रायबरेली और उन्नाव की सीमा के मध्य स्थित भवरेश्वर महादेव मंदिर भी अति प्राचीन है. यहां का शिवलिंग स्वयंभू है. मान्यता है कि मुगल बादशाह औरंगजेब ने इस मंदिर को नष्ट करने की कोशिश की लेकिन उसके मंसूबे कामयाब नहीं हुए तो उसने यहां पर मत्था टेक था.

Add News18 as
Preferred Source on Google

रायबरेली जिला मुख्यालय से लगभग 55 किलोमीटर की दूरी पर शिवगढ़ कस्बे में बाबा बरखंडेश्वर महादेव मंदिर लगभग 100 वर्ष पुराना है. यहां पर महाशिवरात्रि के पावन पर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है.

रायबरेली और उन्नाव सीमा के मध्य बछरावां कस्बे के पस्तौर गांव में स्थित भगवान शिव का एक अनोखा मंदिर है. महाशिवरात्रि के दिन यहां पर भक्तों की भारी भीड़ होती है. इस मंदिर को कंजेश्वर महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है.

रायबरेली में जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर रहवा गांव में स्थित एक ऐसा मंदिर जो लगभग 250 वर्ष पुराना है. ये मंदिर अपने आप में कई रहस्य समेटे हुए है. अचलेश्वर महादेव मंदिर का शिवलिंग स्वयंभू है. महाशिवरात्रि पर आप यहां पर जलाभिषेक कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

GET YOUR LOCAL NEWS ON NEWS SPHERE 24      TO GET PUBLISH YOUR OWN NEWS   CONTACT US ON EMAIL OR WHATSAPP