salma sultana murder case| eyewitness testifies in korba court | song sing after killing | news anchor salma sultana murder case | murder story revealed in court testimony | गाना खत्म तो जिंदगी भी खत्म… सलमा सुल्ताना मर्डर केस में 8 साल बाद चश्मदीद की गवाही से हिल गया छत्तीसगढ़
Korba Journalist Salma Sultana Case: कोरबा की रातें आमतौर पर शांत होती हैं, लेकिन उस रात हवा में कुछ ऐसा था, जैसे अंधेरा किसी राज को छुपाए बैठा हो. सलमा सुल्ताना जो एक तेज-तर्रार पत्रकार, बेबाक आवाज और शहर की धड़कनों को शब्द देने वाली लड़की थी, उसकी आंखों में सपने थे और दिल में एक ऐसा प्यार, जो शायद उसकी सबसे बड़ी भूल साबित हुई. छत्तीसगढ़ की चर्चित न्यूज एंकर सलमा सुल्ताना मर्डर केस में 8 साल बाद एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिसको सुनकर हर कोई सन्न है. 21 अक्टूबर 2018 को सलमा को उसके ब्वॉयफ्रेंड मधुर साहू और उसके दोस्त ने मिलकर गला घोंटकर हत्या कर दी थी. लेकिन 5 साल बाद कोरबा के हाइवे पर सलमा सुल्ताना का बरामद होता है नरकंकाल और फिर इस केस से एक-एक राज से पर्दा उठने लगता है. लेकिन, कोरबा कोर्ट में चश्मदीद ने जो अब गवाही दी, उससे कोर्टरूम ही नहीं पूरा छत्तीगढ़ हिल गया है.
मधुर साहू से सलमा सुल्ताना की मुलाकात एक जिम के उद्घाटन पर हुई थी. मधुर की मुस्कान में आत्मविश्वास था और बातों में ऐसा जादू कि सलमा खुद को रोक न सकी. धीरे-धीरे दोनों साथ रहने लगे. बाहर से उनकी दुनिया परफेक्ट दिखती थी. सोशल मीडिया पर तस्वीरें, पार्टियों में साथ और सपनों का घर. मगर बंद दरवाजों के पीछे कुछ और ही कहानी लिखी जा रही थी. सलमा को मधुर के लैपटॉप में कुछ फाइलें मिलीं. कुछ ऐसी तस्वीरें, जो इज्जत को हथियार बनाकर डर पैदा करने के लिए काफी थीं. कई महिलाओं की तस्वीरें, चैट्स और धमकियों के सबूत. उसने सवाल पूछे. मधुर ने पहले प्यार से समझाया, फिर गुस्से में चीखा. ‘तुम मेरे खिलाफ जाओगी?’ सलमा डर गई पर झुकी नहीं. उसने तय कर लिया कि वह सच उजागर करेगी. लेकिन उससे पहले ही उसका कत्ल हो जाता है.
सलमा सुल्ताना केस से उठ गया पर्दा
कोरबा की कोर्ट में सुनवाई के दौरान एक चश्मदीद ने जो गवाही दी है, वह किसी रोंगटे खड़े कर देने वाली क्राइम थ्रिलर फिल्म के सीन जैसी है. एडिशनल सेशंस जज गरिमा शर्मा की अदालत में पेश हुई चश्मदीद कोमल सिंह राजपूत ने बताया है कि हत्या के बाद मुख्य आरोपी मधुर साहू के चेहरे पर न तो कोई पछतावा था और न ही कोई डर. उसने अपनी लिव-इन पार्टनर सलमा का गला घोंटने के बाद जो किया, वह उसकी क्रूर मानसिकता को दर्शाता है. वह हत्या के वक्त में मधुर के एक हाथ में एक जलता हुआ सिगरेट था.
सिगरेट और गाने के तार
चश्मदीद कोमल सिंह, जो मधुर साहू के जिम में कंप्यूटर ऑपरेटर थी, ने अदालत को बताया कि साल 2018 में जिस दिन यह वारदात हुई, उसे शारदा विहार स्थित सलमा के घर बुलाया गया था. वहां मधुर और सलमा के बीच तीखी बहस हो रही थी. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मधुर ने सलमा का गला दबाने की कोशिश की. कुछ देर के बाद अचानक मधुर ने सलमा को बेड पर पटक दिया और उसका गला घोंटने लगा, जबकि उसके साथी कौशल श्रीवास्तव ने तकिये से सलमा का मुंह दबा दिया ताकि उसकी आवाज बाहर न जा सके.
‘एक सिगरेट जलाई और कश लेते हुए सलमा का पसंदीदा गाना..’
कोमल ने अदालत में चौंकाने वाली बात यह बताई कि सलमा के मरने के बाद मधुर साहू लाश के बगल में खड़ा हो गया. उसने बड़े आराम से एक सिगरेट जलाई और कश लेते हुए सलमा का पसंदीदा गाना ‘तुझसे नाराज नहीं जिंदगी, हैरान हूं मैं…’ गीत गुनगुनाने लगा. कोमल ने कोर्ट में कहा कि जब वह बीच-बचाव की कोशिश की, तो उसे धमकी दी गई कि अगर उसने मुंह खोला तो उसका भी वही हश्र होगा जो सलमा का हुआ है.
5 साल तक सड़क के नीचे दफन राज
हत्या करने के बाद इस मामले को पूरी तरह से गायब करने की सोची-समझी साजिश रची गई. कोमल के अनुसार, मधुर ने उससे और घर की नौकरानी सविता से जबरन सलमा के फोन से उसके परिवार को मैसेज करवाया कि ‘मैं घर छोड़कर जा रही हूं, मुझे परेशान न करें.’ इसके बाद फोन बंद कर दिया गया ताकि सबको लगे कि सलमा अपनी मर्जी से कहीं चली गई है. मामले का सबसे वीभत्स पहलू यह था कि आरोपियों ने सलमा की लाश को भवानी डबरी के पास बन रही एक निर्माणाधीन हाईवे के नीचे दफन कर दिया. साल 2023 में इस सड़क की 20 फीट खुदाई के बाद सलमा का नरकंकाल बरामद किया गया, जिसे बाद डीएनए से मिलान कराया गया.
ब्लैकमेलिंग और खौफ का साम्राज्य गवाह
कोमल सिंह राजपूत ने कोर्ट में यह भी बताया कि मधुर साहू के कंप्यूटर में कई महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें थीं, जिनका इस्तेमाल वह उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए करता था. कोमल ने पहले भी पुलिस और सलमा के रिश्तेदारों को सच बताने की कोशिश की थी, लेकिन मधुर के डर और धमकियों ने उसे खामोश कर दिया. सरकारी वकील सुनील सोनवानी ने पुष्टि की है कि अब तक 41 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और मामला अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है.
सलमा सुल्ताना हत्याकांड केवल एक हत्या का मामला नहीं है, बल्कि यह उस व्यवस्था और अपराधियों के दुस्साहस की कहानी है जिसने पांच साल तक कानून को धोखे में रखा. अब जबकि मुख्य गवाह ने कातिल के उस खौफनाक गाने और सिगरेट के धुएं वाली दास्तान अदालत को सुना दी है, उम्मीद की जा रही है कि पत्रकार सलमा को इंसाफ जरूर मिलेगा. छत्तीसगढ़ की जनता अब उस फैसले का इंतजार कर रही है जो अपराधियों के मन में कानून का डर पैदा करे.