‘आपने अपना वादा पूरा नहीं किया’, राजपाल यादव को बड़ा झटका, दिल्ली हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

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दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव की जमानत याचिका खारिज कर दी है. हाईकोर्ट के जज स्वर्णकांता शर्मा ने राजपाल को फटकार लगाते हुए कहा कि वह लोन चुकाने का वादा निभाने में असफल रहे. उन्हें दो दर्जन से ज्यादा मौके मिले, लेकिन वह अपने वादे का मान नहीं रख पाए. कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई सोमवार को तय की है.

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राजपाल यादव जेल में ही रहेंगे.

नई दिल्ली. राजपाल यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है. यानी वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में ही रहेंगे. उन्होंने 5 फरवरी को सरेंडर किया था. गुरुवार को राजपाल की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया और उनकी सजा को बरकरार रखा है. कोर्ट ने सुनवाई में कहा,”आप जेल इसलिए गए हैं क्योंकि आपने अपनी ही कमिटमेंटस का मान नहीं किया.” कोर्ट ने कहा कि कम से कम दो दर्जन बार राजपाल ने यह बयान दिया कि वह अपनी कमिटमेंट की रिस्पेक्ट करेंगे और पैसे चुकाएंगे, लेकिन वह ऐसा करने में असफल रहे.

दिल्ली हाईकोर्ट में राजपाल यादव के वकील ने कहा, “मैंने उनसे संपर्क करने की कोशिश की लेकिन नहीं कर पाया. मैंने जमानत याचिका दायर की है. दूसरी तरफ से जवाब मांगा जा सकता है. केस को सोमवार तक के लिए स्थगित किया जाए. तब तक मैं कुछ लेकर आऊंगा.” जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि राजपाल यादव ने कई बार लोन चुकाने का वादा किया था, लेकिन कोई पैसा जमा नहीं किया.

दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी. कोर्ट ने कहा,”शिकायतकर्ता को जवाब दाखिल करना है. जब मैं फाइल देख रहा था तो उसमें कई ऐसी बातें थीं जिनके बारे में हमें पता भी नहीं था. इन्होंने पहले आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी और सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें कोई राहत नहीं दी. खैर, अब सोमवार को सुनवाई होगी.”

साल 2018 में चेक बाउंस मामले में दोषी पाए गए थे राजपाल यादव

राजपाल यादव का चेक बाउंस मामला साल 2010 का है. उन्होंने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए लोन लिया था. कथित तौर पर लोन चुकाने में चूक के बाद यह मामला लंबी कानूनी लड़ाई में बदल गया. अप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई. सेशंस कोर्ट ने 2019 की शुरुआत में इस सजा को बरकरार रखा, जिसके बाद यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की.

राजपाल यादव ने 5 फरवरी को किया था सरेंडर

जून 2024 में हाईकोर्ट ने उनकी सजा अस्थायी रूप से निलंबित कर दी और उन्हें करीब 9 करोड़ रुपये की बकाया राशि चुकाने के लिए ‘ईमानदार और वास्तविक प्रयास’ करने को कहा. हालांकि, इस साल 2 फरवरी को कोर्ट ने आदेश दिया कि वह सरेंडर करें, क्योंकि वह बार-बार अपनी भुगतान की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में असफल रहे. 5 फरवरी को राजपाल यादवल ने सरेंडर कर दिया और जेल में दिन काट रहे हैं.

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Ramesh Kumar

रमेश कुमार, सितंबर 2021 से न्यूज 18 हिंदी डिजिटल से जुड़े हैं. इससे पहले एबीपी न्यूज, हिंदीरश (पिंकविला), हरिभूमि, यूनीवार्ता (UNI) और नेशनल दुनिया में काम कर चुके हैं. एंटरटेनमेंट, एजुकेशन और पॉलिटिक्स में रूच…और पढ़ें

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