कानपुर जू में फिर गूंजेगी टॉय ट्रेन की सीटी! हादसे के बाद अब नई सुरक्षा के साथ वापसी, जानिए सुविधाएं

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कानपुर प्राणी उद्यान में एक बार फिर टॉय ट्रेन की सीटी सुनाई देने की उम्मीद जगी है. सालों पहले एक दर्दनाक हादसे के बाद बंद हुई यह सेवा अब नए सुरक्षा इंतजामों और तकनीकी जांच के साथ दोबारा शुरू करने की तैयारी में है. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो जल्द ही बच्चे और परिवार फिर से चिड़ियाघर की सैर टॉय ट्रेन में बैठकर कर सकेंगे.

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कानपुर: कानपुर प्राणी उद्यान में एक बार फिर टॉय ट्रेन की सीटी गूंजने की तैयारी तेज हो गई है. कई साल पहले हुए दर्दनाक हादसे के बाद बंद हुई यह सेवा अब नए और सुरक्षित स्वरूप में दोबारा शुरू करने की योजना पर काम चल रहा है. चिड़ियाघर प्रशासन तकनीकी जांच और सुधार कार्य को प्राथमिकता देते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा है.

कभी सबसे बड़ा आकर्षण थी टॉय ट्रेन
एक समय था जब टॉय ट्रेन चिड़ियाघर आने वाले बच्चों और परिवारों के लिए मुख्य आकर्षण हुआ करती थी. लोग इसमें बैठकर आराम से पूरे प्राणी उद्यान का चक्कर लगाते और जानवरों को करीब से देख पाते थे. हादसे के बाद जब इसका संचालन बंद हुआ, तो नियमित आने वाले पर्यटकों को इसकी कमी लंबे समय तक खलती रही.

हादसे के बाद थम गए थे पहिए
जिस घटना में एक महिला ट्रेन की चपेट में आ गई थी, उसके बाद सुरक्षा कारणों से टॉय ट्रेन सेवा पूरी तरह रोक दी गई थी. उस समय ट्रैक की स्थिति और संचालन व्यवस्था पर कई सवाल भी उठे थे. अब इतने समय बाद प्रशासन ने इसे फिर से शुरू करने का फैसला लिया है, लेकिन इस बार पूरी तैयारी और पुख्ता सुरक्षा इंतजामों के साथ.

हर तकनीकी पहलू की हो रही बारीकी से जांच
ट्रैक की मजबूती, इंजन की स्थिति और डिब्बों की संरचना की विस्तार से जांच की जा रही है. जहां-जहां खामियां सामने आई हैं, उन्हें दुरुस्त किया जा रहा है. ट्रेन की रफ्तार सीमित रखने, ट्रैक के आसपास सुरक्षा घेराबंदी करने और यात्रियों के सुरक्षित चढ़ने-उतरने के लिए नई व्यवस्था तैयार की जा रही है.

HBTU और रायबरेली कोच फैक्ट्री का सहयोग
इस बार प्रशासन तकनीकी संस्थानों की मदद भी ले रहा है. हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (HBTU) के इंजीनियर इंजन, ब्रेक सिस्टम और ट्रैक की मजबूती की जांच में सहयोग कर रहे हैं, ताकि संचालन पूरी तरह सुरक्षित हो. वहीं रायबरेली की कोच फैक्ट्री से डिब्बों और ढांचे को मजबूत व टिकाऊ बनाने के लिए तकनीकी सुझाव लिए जा रहे हैं. उद्देश्य है कि भविष्य में किसी भी तरह की दुर्घटना की आशंका न रहे.

बच्चों और पर्यटकों के लिए फिर बनेगा खास आकर्षण
अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो टॉय ट्रेन एक बार फिर चिड़ियाघर का मुख्य आकर्षण बन सकती है. इससे बच्चों में खास उत्साह देखने को मिलेगा, वहीं परिवार और बुजुर्ग भी आराम से पूरे प्राणी उद्यान का आनंद ले सकेंगे. प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि जब तक सभी तकनीकी जांच पूरी नहीं हो जाती और सुरक्षा के इंतजाम संतोषजनक नहीं होते, तब तक सेवा शुरू नहीं की जाएगी. पूरी तैयारी और भरोसेमंद सुरक्षा के बाद ही टॉय ट्रेन को फिर से पटरी पर उतारा जाएगा.

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Madhuri Chaudhary

पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें

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